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देर रात तक चला नौहा मातम का सिलसिला
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 17 Nov 2015 10:04 PM IST
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डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के षिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर स्थित हुसैनी कालोनी में सोमवार की रात अन्जुमन परचमें हुसैन के तत्वाधान में एक गैर तरही शब्बेदारी का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मर्सिंया मजलिस हुई। अकीदतमंदों ने देर रात तक नौहा मातम कर कर्बला के 72 शहीदों को खिराजे अकीदत (श्रद्धांजली) पेश की।
कार्यक्रम का संचालन अजीम अब्बास ने किया। शब्बेदारी का आगाज कलाम पाक की तिलावत से हुआ, जिसे मंजर मास्टर ने किया। इसके बाद मर्सियाख्वानी शाहिद आलम और उनके हमनवा ने की।
मजलिस को जाकिरे अहले बैत अली अनवर ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र सुन अकीदतमंद हाय हुसैन कहकर रो पड़े।
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मर्सिया मजलिस के बाद नौहा मातम का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले अंजुमन गुलदस्ता मातम की तरफ से अजादार हुसैन अज्जा व शाहिद आलम ने नौहाख्वानी की।
बाद में अंजुमन फरोग मातम व अंजुमन पंजतनी ने नौहा मातम किया। फरोग मातम की जानिब से रजा, खुशनूद व संजू ने नौहा पेश किया तो वहीं अंजुमन पंजतनी हल्लौर की जानिब से इरशाद रिजवी रेनू ने अपने मखसूस अन्दाज में नौहा पेश किया। इस मौके पर मासूम, इरषाद, फरहान, काजिम मेंहदी, अकबर मेहदी, महमूद रजा, जैकी, इरफान अब्बास, शादाब हल्लौरी, हेलाल मास्टर, इकबाल रजा, जैगम अब्बास, कामयाब, इब्ने हैदर, अहमद हैदर, मोहम्मद हैदर, मूनिस वकील, राजू सर सहित भारी तादात अकीदतमंद मौजूद रहे।
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इस मौके पर मर्सिंया मजलिस हुई। अकीदतमंदों ने देर रात तक नौहा मातम कर कर्बला के 72 शहीदों को खिराजे अकीदत (श्रद्धांजली) पेश की।
कार्यक्रम का संचालन अजीम अब्बास ने किया। शब्बेदारी का आगाज कलाम पाक की तिलावत से हुआ, जिसे मंजर मास्टर ने किया। इसके बाद मर्सियाख्वानी शाहिद आलम और उनके हमनवा ने की।
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मजलिस को जाकिरे अहले बैत अली अनवर ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र सुन अकीदतमंद हाय हुसैन कहकर रो पड़े।
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मर्सिया मजलिस के बाद नौहा मातम का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले अंजुमन गुलदस्ता मातम की तरफ से अजादार हुसैन अज्जा व शाहिद आलम ने नौहाख्वानी की।
बाद में अंजुमन फरोग मातम व अंजुमन पंजतनी ने नौहा मातम किया। फरोग मातम की जानिब से रजा, खुशनूद व संजू ने नौहा पेश किया तो वहीं अंजुमन पंजतनी हल्लौर की जानिब से इरशाद रिजवी रेनू ने अपने मखसूस अन्दाज में नौहा पेश किया। इस मौके पर मासूम, इरषाद, फरहान, काजिम मेंहदी, अकबर मेहदी, महमूद रजा, जैकी, इरफान अब्बास, शादाब हल्लौरी, हेलाल मास्टर, इकबाल रजा, जैगम अब्बास, कामयाब, इब्ने हैदर, अहमद हैदर, मोहम्मद हैदर, मूनिस वकील, राजू सर सहित भारी तादात अकीदतमंद मौजूद रहे।