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Siddharthnagar News: शंकराचार्य पर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
Thu, 26 Feb 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 26 Feb 2026 02:39 AM IST
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जताया विरोध, प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित रूप से हुई अभद्रता, उत्पीड़न और हाल ही में दर्ज कराई गई एफआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बुधवार को नारेबाजी करते हुए वे कलक्ट्रेट पहुंचे और मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य और उनके साथ आए संत-शिष्यों को स्नान से रोके जाने और बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना अशोभनीय है। उन्होंने मांग की कि शंकराचार्य व उनके शिष्यों के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज किए जाने सहित पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी धर्मों एवं आध्यात्मिक परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि है। यदि किसी संत या धार्मिक संस्था के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हमारा उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन नहीं, बल्कि सत्य एवं संविधान सम्मत न्याय सुनिश्चित कराना है। कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, इसलिए केंद्र सरकार को पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
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कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू एवं सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि देश की सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्माननीय है। किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून और न्याय के दायरे में तथा पूर्ण निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए, जिससे आम जनता का विश्वास बना रहे।
ज्ञापन देते समय राजन श्रीवास्तव, सुदामा प्रसाद, ऋषिकेश मिश्र, रियाजउद्दीन राईनी, अकील अहमद मुन्नू, रितेश त्रिपाठी, होरी लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित रूप से हुई अभद्रता, उत्पीड़न और हाल ही में दर्ज कराई गई एफआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बुधवार को नारेबाजी करते हुए वे कलक्ट्रेट पहुंचे और मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य और उनके साथ आए संत-शिष्यों को स्नान से रोके जाने और बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना अशोभनीय है। उन्होंने मांग की कि शंकराचार्य व उनके शिष्यों के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज किए जाने सहित पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
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कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी धर्मों एवं आध्यात्मिक परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि है। यदि किसी संत या धार्मिक संस्था के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हमारा उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन नहीं, बल्कि सत्य एवं संविधान सम्मत न्याय सुनिश्चित कराना है। कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, इसलिए केंद्र सरकार को पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
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कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू एवं सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि देश की सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्माननीय है। किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून और न्याय के दायरे में तथा पूर्ण निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए, जिससे आम जनता का विश्वास बना रहे।
ज्ञापन देते समय राजन श्रीवास्तव, सुदामा प्रसाद, ऋषिकेश मिश्र, रियाजउद्दीन राईनी, अकील अहमद मुन्नू, रितेश त्रिपाठी, होरी लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।