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Siddharthnagar News: नाला खोदाई में अनियमितता की पुष्टि
Fri, 13 Mar 2026 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:11 AM IST
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इटवा। खुनियांव ब्लॉक के ग्राम करही खास में बिना कार्य कराए भुगतान करने के मामले में हुई जांच में 217836 रुपये की अनियमितता सामने आई। लोकपाल मनरेगा सुधीर कुमार ने प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक से कार्य पर भुगतान की धनराशि को समान रुप से वसूली करने व प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की है।
लोकपाल मनरेगा ने आयुक्त ग्राम्य विकास, डीएम व अन्य अधिकारियों को नौ मार्च को जांच रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, शिकायतकर्ता अजहर अहमद व गांव वालों की मौजूदगी में बेकारू के खेत से अकरारी नाले तक नाला खोदाई कार्य की जांच की। मौके पर नाला में कोई खुदाई कार्य नहीं पाया गया।
गांव वालों के बयान व स्वयं के निरीक्षण में कार्य न करने की पुष्टि हुई है। इस कार्य में स्वीकृत धनराशि 247073 रुपये के सापेक्ष 217836 रुपये कूटरचित तरीके से भुगतान किया गया है। इसमें सचिव, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक की भूमिका दिखाई दे रही है। यही नहीं इस फर्जी भुगतान में इन कर्मियों के अलावा कार्यक्रम अधिकारी व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में सचिव, प्रधान, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक से समानुपात में 217806 रुपये की वसूली करके राजकीय कोष में जमा कराने के लिए संस्तुति करते हैं।
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इस संबंध में बीडीओ खुनियांव विजय सिंह का कहना है कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई के संबंध में अभी कोई पत्र मुझे नहीं मिला है। मिलने पर ही कार्रवाई के संबंध में कुछ बता सकते हैं।
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लोकपाल मनरेगा ने आयुक्त ग्राम्य विकास, डीएम व अन्य अधिकारियों को नौ मार्च को जांच रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, शिकायतकर्ता अजहर अहमद व गांव वालों की मौजूदगी में बेकारू के खेत से अकरारी नाले तक नाला खोदाई कार्य की जांच की। मौके पर नाला में कोई खुदाई कार्य नहीं पाया गया।
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गांव वालों के बयान व स्वयं के निरीक्षण में कार्य न करने की पुष्टि हुई है। इस कार्य में स्वीकृत धनराशि 247073 रुपये के सापेक्ष 217836 रुपये कूटरचित तरीके से भुगतान किया गया है। इसमें सचिव, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक की भूमिका दिखाई दे रही है। यही नहीं इस फर्जी भुगतान में इन कर्मियों के अलावा कार्यक्रम अधिकारी व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में सचिव, प्रधान, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक से समानुपात में 217806 रुपये की वसूली करके राजकीय कोष में जमा कराने के लिए संस्तुति करते हैं।
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इस संबंध में बीडीओ खुनियांव विजय सिंह का कहना है कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई के संबंध में अभी कोई पत्र मुझे नहीं मिला है। मिलने पर ही कार्रवाई के संबंध में कुछ बता सकते हैं।