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Siddharthnagar News: आय का कर छिपाया... अब लौटानी होगी सम्मान निधि
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जिला कृषि अधिकारी कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में तथ्य छिपाकर या राजस्व विभाग की लापरवाही से पात्र न होते हुए भी लाभ लेने वाले 34 हजार लोग जांच में पकड़े गए हैं। डोर टू डोर पुराने का सर्वे कर और नए किसानों को जोड़ने के लिए चलाए गए अभियान में अभिलेखों की जांच में पकड़े गए हैं। इसमें कोई दो किस्त ले रहा है तो कोई चार-पांच।
कितनी बार धनराशि खाते में आई है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके धनराशि जमा करने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभागों के मुताबिक तथ्य छुपाकर करोड़ों रुपये लिए गए हैं। नोटिस के बाद भी धनराशि जमा नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए कई प्रकार की सरकारी योजनाएं चला रही है। उसके जरिए किसानों को अनुदान पर बीज, दवा और कृषि यंत्र उपलब्ध करवा रही है, जिससे किसानों को खेत के प्रति रुझान बढ़े और कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें।
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इसके साथ ही अन्य लोगों को पेंशन की तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देने की योजना शुरू की गई। इसमें किसानों को साल में तीन किस्त में छह हजार रुपये सम्मान निधि के रूप में किसानों के बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं।
वर्ष 2019 में यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। इसमें लगातार किसानों जुड़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक जब योजना शुरू हुई तो चार लाख से अधिक किसान दायरे में आ गए और किसान सम्मान निधि मिलनी शुरू हो गई, लेकिन इसमें कुछ श्रेणी तय की गई।
आयकरदाता आदि शामिल नहीं हो सकते हैं। बीच में सरकार को पता चला कि अपात्र लोगों काे योजना का लाभ मिल रहा है। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया और कृषि विभाग को सर्वे करके अपात्र लोगों को चिह्नित करके बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की।
लगभग छह माह चले डोर टू डाेर सर्वे में 34 हजार अपात्र किसान पकड़ में आए। इसमें 26 हजार आयकरदाता हैं, जो जानते हुए भी तथ्य छिपाकर सम्मान निधि ले रहे थे। इसके अलावा आठ हजार लोग दूसरी जांच में पकड़े गए। इसमें किसान दो से पांच किस्त तक ले रहे थे। अब रिपोर्ट तैयार करके उन्हें रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अगर पैसा जमा नहीं करेंगे तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में तथ्य छिपाकर या राजस्व विभाग की लापरवाही से पात्र न होते हुए भी लाभ लेने वाले 34 हजार लोग जांच में पकड़े गए हैं। डोर टू डोर पुराने का सर्वे कर और नए किसानों को जोड़ने के लिए चलाए गए अभियान में अभिलेखों की जांच में पकड़े गए हैं। इसमें कोई दो किस्त ले रहा है तो कोई चार-पांच।
कितनी बार धनराशि खाते में आई है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके धनराशि जमा करने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभागों के मुताबिक तथ्य छुपाकर करोड़ों रुपये लिए गए हैं। नोटिस के बाद भी धनराशि जमा नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए कई प्रकार की सरकारी योजनाएं चला रही है। उसके जरिए किसानों को अनुदान पर बीज, दवा और कृषि यंत्र उपलब्ध करवा रही है, जिससे किसानों को खेत के प्रति रुझान बढ़े और कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें।
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इसके साथ ही अन्य लोगों को पेंशन की तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देने की योजना शुरू की गई। इसमें किसानों को साल में तीन किस्त में छह हजार रुपये सम्मान निधि के रूप में किसानों के बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं।
वर्ष 2019 में यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। इसमें लगातार किसानों जुड़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक जब योजना शुरू हुई तो चार लाख से अधिक किसान दायरे में आ गए और किसान सम्मान निधि मिलनी शुरू हो गई, लेकिन इसमें कुछ श्रेणी तय की गई।
आयकरदाता आदि शामिल नहीं हो सकते हैं। बीच में सरकार को पता चला कि अपात्र लोगों काे योजना का लाभ मिल रहा है। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया और कृषि विभाग को सर्वे करके अपात्र लोगों को चिह्नित करके बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की।
लगभग छह माह चले डोर टू डाेर सर्वे में 34 हजार अपात्र किसान पकड़ में आए। इसमें 26 हजार आयकरदाता हैं, जो जानते हुए भी तथ्य छिपाकर सम्मान निधि ले रहे थे। इसके अलावा आठ हजार लोग दूसरी जांच में पकड़े गए। इसमें किसान दो से पांच किस्त तक ले रहे थे। अब रिपोर्ट तैयार करके उन्हें रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अगर पैसा जमा नहीं करेंगे तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।