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शिकायतकर्ता होंगे संतुष्ट, पुलिस अधिकारी सुनेंगे बात
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शिकायतकर्ता होंगे संतुष्ट, पुलिस अधिकारी सुनेंगे बात
सिद्धार्थनगर। अब पुलिस थानों में शिकायत करने वाले फरियादियों की समस्याएं हर हाल में सुनी जाएंगी और उनका निस्तारण किया जाएगा। फरियादी संतुष्ट हैं या नहीं, इसके लिए थाने के संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष उन्हें बैठाकर बात होगी।
यह सब पुलिस के आमने-सामने अभियान तहत थानों पर बैठक करके किया जाएगा। आमने-सामने अभियान में एएसपी स्वयं थानों पर मौजूद रहेंगे। सुनवाई के लिए थानेवार दिन और समय तय किया गया है। थानों और पुलिस कार्यालय में चक्कर लगाने के बावजूद अधिकांश फरियादियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। वहीं आईजीआरएस पोर्टल पर होने वाले शिकायतों पर रिपोर्ट से फरियादी असंतुष्ट रहते हैं। समस्या को देखते हुए एएसपी ने कार्यालय में आने वाले सभी फरियादियों की शिकायत को आईजीआरएस पोर्टल पर अपडेट करते हुए संबंधित थाने को मामले की निस्तारण की जिम्मेदारी दे दी है। अब पुलिस कार्यालय में आने वाली सभी शिकायतें पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं।
संबंधित थाने की पुलिस उसका निस्तारण करके रिपोर्ट लगा रही है। मगर कुछ मामलों में फरियादी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में एएसपी ने अभियान आमने-सामने शुरू किया है, जो 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसमें शिकायत की जांच करने के वाले दरोगा और फरियादी को एक साथ बैठाया जाएगा। क्या दिक्कत है, कहां से गड़बड़ी है और क्यों संतुष्ट नहीं हैं, इस सब जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मामले की दोबारा जांच की जाएगी और सत्यता के आधार पर कार्रवाई होगी। इस लिए थानावार दिन तय किया गया है। एएसपी की मौजूदगी में सुनवाई होगी।
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जांच करने वाले आईजीआरएस के प्रभारी स्वयं शिकायतकर्ता को फोन के जरिए सुनवाई वाले दिन बुलाएंगे। पुलिस के इस प्रयोग से जहां शिकायतकर्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं जांच में जवाबदेही के डर से जांच करने वाले दरोगा सही कार्य करेंगे। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि फरियादियों को न्याय मिले, पुलिस के प्रति उनका विश्वास बढ़े, उसके लिए आमने-सामने अभियान की शुरुआत की गई है।
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सिद्धार्थनगर। अब पुलिस थानों में शिकायत करने वाले फरियादियों की समस्याएं हर हाल में सुनी जाएंगी और उनका निस्तारण किया जाएगा। फरियादी संतुष्ट हैं या नहीं, इसके लिए थाने के संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष उन्हें बैठाकर बात होगी।
यह सब पुलिस के आमने-सामने अभियान तहत थानों पर बैठक करके किया जाएगा। आमने-सामने अभियान में एएसपी स्वयं थानों पर मौजूद रहेंगे। सुनवाई के लिए थानेवार दिन और समय तय किया गया है। थानों और पुलिस कार्यालय में चक्कर लगाने के बावजूद अधिकांश फरियादियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। वहीं आईजीआरएस पोर्टल पर होने वाले शिकायतों पर रिपोर्ट से फरियादी असंतुष्ट रहते हैं। समस्या को देखते हुए एएसपी ने कार्यालय में आने वाले सभी फरियादियों की शिकायत को आईजीआरएस पोर्टल पर अपडेट करते हुए संबंधित थाने को मामले की निस्तारण की जिम्मेदारी दे दी है। अब पुलिस कार्यालय में आने वाली सभी शिकायतें पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं।
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संबंधित थाने की पुलिस उसका निस्तारण करके रिपोर्ट लगा रही है। मगर कुछ मामलों में फरियादी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में एएसपी ने अभियान आमने-सामने शुरू किया है, जो 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसमें शिकायत की जांच करने के वाले दरोगा और फरियादी को एक साथ बैठाया जाएगा। क्या दिक्कत है, कहां से गड़बड़ी है और क्यों संतुष्ट नहीं हैं, इस सब जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मामले की दोबारा जांच की जाएगी और सत्यता के आधार पर कार्रवाई होगी। इस लिए थानावार दिन तय किया गया है। एएसपी की मौजूदगी में सुनवाई होगी।
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जांच करने वाले आईजीआरएस के प्रभारी स्वयं शिकायतकर्ता को फोन के जरिए सुनवाई वाले दिन बुलाएंगे। पुलिस के इस प्रयोग से जहां शिकायतकर्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं जांच में जवाबदेही के डर से जांच करने वाले दरोगा सही कार्य करेंगे। एएसपी सुरेशचंद रावत ने बताया कि फरियादियों को न्याय मिले, पुलिस के प्रति उनका विश्वास बढ़े, उसके लिए आमने-सामने अभियान की शुरुआत की गई है।