{"_id":"57decca84f1c1b223aa82512","slug":"center-lock-up-delivery-on-the-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र पर ताला, जमीन पर हुआ प्रसव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र पर ताला, जमीन पर हुआ प्रसव
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 18 Sep 2016 10:49 PM IST
विज्ञापन
वायना पीएचसी पर हंगामे के बाद ग्रामीणों को समझाते डिप्टी सीएमओ संजय िसंह।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। जिले में जननी सुरक्षा योजना की धज्जियां उड़ रही है। उसका बाजार ब्लाक के ग्राम पकड़ी के प्रसव केंद्र में ताला लगे होने के कारण रविवार को दिन में महिलाओं ने गर्भवती का प्रसव खुले परिसर में चादर का पर्दा लगा कर किया। सूचना पर पहुंची आशा बहू व दाई ने प्रसव तो सकुशल करा दिया, लेकिन पीड़िता को तुरंत घर भेज दिया। इस दौरान ग्राम प्रधान ने केंद्र पर तैनात एएनएम को फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
पीड़िता माधुरी के पिता ग्राम परसा महापात्र निवासी मुन्नीलाल ने बताया कि भोर में प्रसव पीड़ा होने पर चार बजे के करीब प्रसव कराने के लिए केंद्र पर लाए। केंद्र के दीवार पर लिखे मोबाइल नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसी दौरान गांव की महिलाओं को घटना के संबंध में मालूम चला तो उन्होंने आशा बहू प्रमिला त्रिपाठी व दाई कलावती को सूचित किया। ग्राम प्रधान सालिक राम त्रिपाठी भी पहुंच गए। प्रधान ने भी मोबाइल से एएनएम राजिया खातून से बात करना चाहा।
लेकिन बात नहीं हो सकी। इसी दौरान दूसरी एएनएम पूनम शर्मा मौके पर पहुंच गई, लेकिन उसके पास चाभी नहीं था। इधर पीड़िता का प्रसव पीड़ा बढ़ता जा रहा था। महिलाओं ने परिसर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के पास चादर का पर्दा लगाकर प्रसव कराया। पीड़िता को पुत्र पैदा होने के बाद भी उसे भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं मिलने पर करीब दस बजे घर भेज दिया। इस संबंध में संविदा पर तैनात एएनएम रजिया खातून ने बताया कि उन्हें किसी ने सूचना नहीं दिया था। केंद्र की चाभी पास में है, सूचना मिलने पर केंद्र में प्रसव कराया जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़िता माधुरी के पिता ग्राम परसा महापात्र निवासी मुन्नीलाल ने बताया कि भोर में प्रसव पीड़ा होने पर चार बजे के करीब प्रसव कराने के लिए केंद्र पर लाए। केंद्र के दीवार पर लिखे मोबाइल नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसी दौरान गांव की महिलाओं को घटना के संबंध में मालूम चला तो उन्होंने आशा बहू प्रमिला त्रिपाठी व दाई कलावती को सूचित किया। ग्राम प्रधान सालिक राम त्रिपाठी भी पहुंच गए। प्रधान ने भी मोबाइल से एएनएम राजिया खातून से बात करना चाहा।
विज्ञापन
लेकिन बात नहीं हो सकी। इसी दौरान दूसरी एएनएम पूनम शर्मा मौके पर पहुंच गई, लेकिन उसके पास चाभी नहीं था। इधर पीड़िता का प्रसव पीड़ा बढ़ता जा रहा था। महिलाओं ने परिसर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के पास चादर का पर्दा लगाकर प्रसव कराया। पीड़िता को पुत्र पैदा होने के बाद भी उसे भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं मिलने पर करीब दस बजे घर भेज दिया। इस संबंध में संविदा पर तैनात एएनएम रजिया खातून ने बताया कि उन्हें किसी ने सूचना नहीं दिया था। केंद्र की चाभी पास में है, सूचना मिलने पर केंद्र में प्रसव कराया जाता।
विज्ञापन