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Siddharthnagar News: सीडीओ ने बुजुर्ग को बोला तुम तो भड़क गए किसान
Thu, 21 Dec 2023 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 21 Dec 2023 12:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। विकास भवन के आंबेडकर सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में पहुंचे सीडीओ जयेंद्र कुमार के बातचीत की शैली पर भड़के भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि बैठक में सीडीओ ने संगठन के जिला प्रवक्ता एवं सीनियर सिटीजन लक्ष्मण चौधरी को तुम कहते हुए अच्छा व्यवहार नहीं किया, जबकि किसानों के दो घंटे इंतजार करने के बाद वे दोपहर एक बजे पहुंचे थे। इस मामले में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर सीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आंबेडकर सभागार से बैठक का बहिष्कार करके बाहर निकले किसानों को सीडीओ ने विकास भवन के पिछले गेट पर समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान आक्रोशित थे। उसके बाद सीडीओ नाराज होकर विकास भवन में जाने लगे तो एक किसान ने कहा कि हे सीडीओ साहब... तो फिर सीडीओ नाराज हुए। उन्होंने कहा कि यदि बात करनी है तो दो-तीन लोग अंदर आकर अपनी बात रखें, लेकिन किसान अंदर नहीं गए और कुछ देर बाद सीडीओ अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए। इसके बाद किसानों ने विकास भवन के गेट पर प्रदर्शन किया।
किसान 11 बजे से ही विकास भवन पहुंच गए थे, लेकिन कई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल किसानों को मनाने का प्रयास करते रहे, फिर बात नहीं बनी और किसान सीडीओ के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सीडीओ ने बुजुर्ग किसान को तुम बोला है। यह किसानों का अपमान है। यहीं कारण है किसानों ने बैठक का बहिष्कार करके विरोध किया।
पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि 350 से 450 रुपये बोरी यूरिया बिकने, सिंचाई और बिजली की असुविधाओं पर बात करनी थी, लेकिन सुनने वाले अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। यदि अधिकारी मौजूद नहीं रहेंगे तो किसान दिवस का क्या औचित्य है?
इस दौरान लक्ष्मण चौधरी, बृजभान चौधरी, कपिलमणि त्रिपाठी, उपेंद्र यादव, सुरेंद्र चौरसिया, सादिक व पवन कुमार मौजूद रहे।
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डीएम के हस्तक्षेप पर माने भाकियू कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की जानकारी होने पर कलक्ट्रेट में मौजूद डीएम पवन अग्रवाल ने उन्हें अपने पास बुलाकर समस्या सुनकर निदान का आश्वासन दिया। तब जाकर भाकियू कार्यकर्ताओं का आंदोलन स्थगित हुआ। भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय का कहना था कि वह कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठने जा रहे थे, लेकिन डीएम के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया। डीएम ने उन्हें सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया है।
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ये अधिकारी रहे अनुपस्थित
आंबेडकर सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी, सीबीओ और कृषि रक्षा अधिकारी ही सुबह 11 बजे से मौजूद रहे। इसके बाद कुछ अधिकारी आए लेकिन इस दौरान सिंचाई, टयूबेल, पीडब्लूडी, विद्युत निगम बांसी और डुमरियागंज के अधिकारी मौजूद नहीं रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने छुट्टा पशुओं से निदान समेत 16 बिंदुओं संबंधी समस्याओं के निदान की मांग की। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कालानमक का समर्थन मूल्य घोषित कर उसकी खरीद किए जाने की मांग की।
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मैं किसान दिवस की बैठक में पहुंचा तो किसानों ने मुझसे बात नहीं की और शोर मचाने लगे। मैंने किसी किसान को अपमानित नहीं किया।
जयेंद्र कुमार, सीडीओ
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आंबेडकर सभागार से बैठक का बहिष्कार करके बाहर निकले किसानों को सीडीओ ने विकास भवन के पिछले गेट पर समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान आक्रोशित थे। उसके बाद सीडीओ नाराज होकर विकास भवन में जाने लगे तो एक किसान ने कहा कि हे सीडीओ साहब... तो फिर सीडीओ नाराज हुए। उन्होंने कहा कि यदि बात करनी है तो दो-तीन लोग अंदर आकर अपनी बात रखें, लेकिन किसान अंदर नहीं गए और कुछ देर बाद सीडीओ अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए। इसके बाद किसानों ने विकास भवन के गेट पर प्रदर्शन किया।
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किसान 11 बजे से ही विकास भवन पहुंच गए थे, लेकिन कई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल किसानों को मनाने का प्रयास करते रहे, फिर बात नहीं बनी और किसान सीडीओ के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि सीडीओ ने बुजुर्ग किसान को तुम बोला है। यह किसानों का अपमान है। यहीं कारण है किसानों ने बैठक का बहिष्कार करके विरोध किया।
पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि 350 से 450 रुपये बोरी यूरिया बिकने, सिंचाई और बिजली की असुविधाओं पर बात करनी थी, लेकिन सुनने वाले अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। यदि अधिकारी मौजूद नहीं रहेंगे तो किसान दिवस का क्या औचित्य है?
इस दौरान लक्ष्मण चौधरी, बृजभान चौधरी, कपिलमणि त्रिपाठी, उपेंद्र यादव, सुरेंद्र चौरसिया, सादिक व पवन कुमार मौजूद रहे।
डीएम के हस्तक्षेप पर माने भाकियू कार्यकर्ता
भाकियू कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की जानकारी होने पर कलक्ट्रेट में मौजूद डीएम पवन अग्रवाल ने उन्हें अपने पास बुलाकर समस्या सुनकर निदान का आश्वासन दिया। तब जाकर भाकियू कार्यकर्ताओं का आंदोलन स्थगित हुआ। भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय का कहना था कि वह कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार के विरोध में धरने पर बैठने जा रहे थे, लेकिन डीएम के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया। डीएम ने उन्हें सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया है।
ये अधिकारी रहे अनुपस्थित
आंबेडकर सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी, सीबीओ और कृषि रक्षा अधिकारी ही सुबह 11 बजे से मौजूद रहे। इसके बाद कुछ अधिकारी आए लेकिन इस दौरान सिंचाई, टयूबेल, पीडब्लूडी, विद्युत निगम बांसी और डुमरियागंज के अधिकारी मौजूद नहीं रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने छुट्टा पशुओं से निदान समेत 16 बिंदुओं संबंधी समस्याओं के निदान की मांग की। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कालानमक का समर्थन मूल्य घोषित कर उसकी खरीद किए जाने की मांग की।
मैं किसान दिवस की बैठक में पहुंचा तो किसानों ने मुझसे बात नहीं की और शोर मचाने लगे। मैंने किसी किसान को अपमानित नहीं किया।
जयेंद्र कुमार, सीडीओ