{"_id":"67952fac1901e63411048e5b","slug":"businessmen-are-selling-adulterated-tea-leaves-in-the-towns-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-131313-2025-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: धंधेबाज कस्बों में खपा रहे मिलावटी चायपत्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: धंधेबाज कस्बों में खपा रहे मिलावटी चायपत्ती
Sun, 26 Jan 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Jan 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अगर आप बाजार से खुली चायपत्ती ले रहे हैं या फिर मिठाई की दुकान से चाय का स्वाद ले रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि बाजार में नकली और रंग वाली चायपत्ती खपाई जा रही है। गोरखपुर में नकली चायपत्ती बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
लखनऊ के धंधेबाजों के कैरियर जिले में पहले से सक्रिय थे, जो चौराहों और कस्बों के चुनिंदा दुकानों पर सेटिंग करके चायपत्ती खपाते थे। अब गोरखपुर में नकली चायपत्ती बनाकर बाजार में उतारने का मामला सामने आया है।
जिले के अधिकांश व्यापारी गोरखपुर से ही थोक में सामान मंगाते हैं। ऐसे में इन दुकानों से भी नकली का खेल होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
जिले में पूर्व में हुई जांच में चायपत्ती में मिलावट होने की पुष्टि हो चुकी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ओर से जांच के बाद कार्रवाई भी की जा चुकी है।
विज्ञापन
वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की तरह से चाय भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। न चाहते हुए भी एक व्यक्ति दिनभर में दो से तीन बार चाय पी ही लेता है। वहीं, सरकारी और निजी कंपनी में काम करने वाले दिनभर में 10 से अधिक बार चाय पीते हैं।
ऐसे में नियमित मिलावटी चाय का सेवन करके गंभीर बीमार का शिकार न हो जाएं। चिकित्सकों का दावा है कि अगर नियमित मिलावटी चाय का सेवन करते हैं तो कैंसर, गुर्दे में खराबी और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करने वाली कई जानलेवा बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन
लखनऊ के धंधेबाजों के कैरियर जिले में पहले से सक्रिय थे, जो चौराहों और कस्बों के चुनिंदा दुकानों पर सेटिंग करके चायपत्ती खपाते थे। अब गोरखपुर में नकली चायपत्ती बनाकर बाजार में उतारने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन
जिले के अधिकांश व्यापारी गोरखपुर से ही थोक में सामान मंगाते हैं। ऐसे में इन दुकानों से भी नकली का खेल होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
जिले में पूर्व में हुई जांच में चायपत्ती में मिलावट होने की पुष्टि हो चुकी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ओर से जांच के बाद कार्रवाई भी की जा चुकी है।
विज्ञापन
वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की तरह से चाय भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। न चाहते हुए भी एक व्यक्ति दिनभर में दो से तीन बार चाय पी ही लेता है। वहीं, सरकारी और निजी कंपनी में काम करने वाले दिनभर में 10 से अधिक बार चाय पीते हैं।
ऐसे में नियमित मिलावटी चाय का सेवन करके गंभीर बीमार का शिकार न हो जाएं। चिकित्सकों का दावा है कि अगर नियमित मिलावटी चाय का सेवन करते हैं तो कैंसर, गुर्दे में खराबी और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करने वाली कई जानलेवा बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।