{"_id":"6612db25af92ae20b7093506","slug":"bothered-from-40-years-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-115531-2024-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: 40 वर्ष से काट रहा चक्कर... नहीं मिला न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: 40 वर्ष से काट रहा चक्कर... नहीं मिला न्याय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान ने सीएम को पत्र देकर चकबंदी अधिकारी के क्रियाकलापों की जांच की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। इटवा तहसील क्षेत्र के बीरपुर गांव में 40 वर्ष से बाबा की भूमिधरी आराजी पाने के लिए शिक्षक चंद्र प्रकाश सिंह न्यायालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। इसके चलते उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर मामले में चकबंदी अधिकारी के क्रियाकलापों की जांच की मांग की है।
तहसील क्षेत्र इटवा के बीरवापुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सीओ चकबंदी पर मुकदमे के दौरान अनरजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर महिला का नाम दर्ज करने व उसके बाद बैनामा के आधार पर महिला का नाम खारिज करके क्रेता बिलाल अहमद का नाम दर्ज करने का आदेश दिया है, जबकि मामले में बंदोबस्त अधिकारी सिद्धार्थनगर के यहां आज भी मामला विचाराधीन है। यही नहीं इस आदेश को लेकर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी सीओ के न्यायालय का बहिष्कार करके विरोध दर्ज कराया था।
अधिवक्ताओं का कहना है कि सीओ चकबंदी अधिकारी ने विधि विरुद्ध कार्य किया है। इस संबंध में चंद्र प्रकाश सिंह की शिकायत पर अपर आयुक्त चकबंदी अनुराग पटेल ने जिलाधिकारी को किसी अपर जिलाधिकारी से जांच कराने व जांच के दौरान गांव के दो कृषकों का बतौर गवाह बयान लेने व इन सभी की फोटोग्राफी, बीडीयोग्राफी कराकर एक सप्ताह के भीतर भेजने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। इटवा तहसील क्षेत्र के बीरपुर गांव में 40 वर्ष से बाबा की भूमिधरी आराजी पाने के लिए शिक्षक चंद्र प्रकाश सिंह न्यायालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। इसके चलते उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर मामले में चकबंदी अधिकारी के क्रियाकलापों की जांच की मांग की है।
तहसील क्षेत्र इटवा के बीरवापुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सीओ चकबंदी पर मुकदमे के दौरान अनरजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर महिला का नाम दर्ज करने व उसके बाद बैनामा के आधार पर महिला का नाम खारिज करके क्रेता बिलाल अहमद का नाम दर्ज करने का आदेश दिया है, जबकि मामले में बंदोबस्त अधिकारी सिद्धार्थनगर के यहां आज भी मामला विचाराधीन है। यही नहीं इस आदेश को लेकर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी सीओ के न्यायालय का बहिष्कार करके विरोध दर्ज कराया था।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं का कहना है कि सीओ चकबंदी अधिकारी ने विधि विरुद्ध कार्य किया है। इस संबंध में चंद्र प्रकाश सिंह की शिकायत पर अपर आयुक्त चकबंदी अनुराग पटेल ने जिलाधिकारी को किसी अपर जिलाधिकारी से जांच कराने व जांच के दौरान गांव के दो कृषकों का बतौर गवाह बयान लेने व इन सभी की फोटोग्राफी, बीडीयोग्राफी कराकर एक सप्ताह के भीतर भेजने के लिए कहा है।
विज्ञापन