फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Border pillars of 1200 revenue villages found missing during verification, will be installed afresh

Siddharthnagar News: सत्यापन में गायब मिले 1200 राजस्व गांवों के सीमा स्तंभ, नए सिरे से लगेंगे

Sat, 29 Jun 2024 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 29 Jun 2024 12:01 AM IST
विज्ञापन
Border pillars of 1200 revenue villages found missing during verification, will be installed afresh

विज्ञापन
आजादी के बाद हर राजस्व ग्राम में सीमा निर्धारण के लिए लगे अधिकांश पत्थर हो चुके हैं गायब
जिले के 2500 गांवों में गायब व क्षतिग्रस्त हो चुके सीमा स्तंभों की जगह 31 जुलाई तक लगेंगे नए पत्थर
परमात्मा शुक्ल
सिद्धार्थनगर। जिले के 2500 से अधिक राजस्व ग्रामों के सीमा पर 50 वर्ष पूर्व लगाए गए सीमा स्तंभों का प्रशासन अब सत्यापन करा रहा है। सत्यापन में 1200 से अधिक राजस्व ग्रामों के सीमा स्तंभ गायब अथवा क्षतिग्रस्त मिल रहे हैं। अब इन लापता अथवा क्षतिग्रस्त हो चुके सीमा स्तंभों की जगह 31 जुलाई तक नए पत्थर लगाए जाने हैं। इन सीमा स्तंभों के लगने से दो गांवों के बीच हो रहे सीमा विवाद खत्म होंगे और गांवों में लोगों की भूमि पैमाइश में सुविधा होगी। साथ ही गांव की सड़क, नाली, पोखरा आदि भूमि के चिन्हांकन में आसानी होगी।
आजादी के बाद प्रत्येक राजस्व गांवों के सीमा निर्धारण के लिए चारों दिशाओं में पत्थर लगाए गए थे, जिन्हें गांव के लोगों की भूमि की पैमाइश के केंद्र के रूप में प्रयुक्त किया जाता रहा है। बीते 50 वर्ष के बीच सड़क, मेड़ व नाला आदि के पास स्थित यह सीमा स्तंभ ढूंढने का प्रयास नहीं किया गया। जिसका नतीजा रहा कि इनमें अधिकांश सीमा स्तंभ गायब हो गए है अथवा क्षतिग्रस्त हो गए है। जिससे पैमाइश के दौरान जहां दो गांवों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, वहीं गांव के लोगों के बीच भी भूमि पैमाइश को लेकर बवाल बढ़ गए है।
विज्ञापन

उसका क्षेत्र के सुकरौली निवासी पवन श्रीवास्तव कहते है कि जब भी किसी भूमि की पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाता है तो गांव के चारो कोनों पर स्थित सीमा स्तंभ की तलाश की जाती है। जहां केंद्र मानकर भूमि की पैमाइश की जाती है, लेकिन वर्तमान में अधिकांश गांव के सीमा स्तंभ लापता हो चुके है। ऐसे में सीमा विवाद के कई मामले सामने आ रहे है। छितरापार निवासी वीरेंद्र यादव कहते है कि गांव में भूमि पैमाइश के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया तो राजस्व टीम को सीमा स्तंभ नहीं मिलने से पैमाइश में बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ा। बहुत मशक्कत के बाद दूसरे छोर से केंद्र निर्धारित कर भूमि पैमाइश हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------
जीपीएस से भी हो सकेगी पैमाइश
शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में राजस्व ग्रामों के सीमा स्तंभों का सत्यापन हो रहा है। इसके तहत जिले के 2545 राजस्व ग्रामों जिसमें 2378 आबाद और 167 गैर आबाद राजस्व ग्रामों के सीमा स्तंभों का सत्यापन हो रहा है। वर्तमान में इनमें अधिकांश सीमा स्तंभ विलुप्त हो चुके है। नौगढ़ तहसील के 496 राजस्व ग्रामों के सत्यापन में 250 गांवों के सीमा स्तंभ क्षतिग्रस्त अथवा विलुप्त पाए गए। एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र ने कहा कि सत्यापन में विलुप्त हो चुके सीमा चिन्हो को चिन्हांकित करवा कर सीमा पत्थरों को लगवाया जायेगा एवं सीमा पत्थरों का अंक्षाश व देशांतर रेखा को निर्धारित कर सीमा पत्थर लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में जीपीएस से भी पैमाइश किया जा सके।
-----------------------
सीमा स्तंभ नहीं होने से बढ़े है विवाद
गांवों के सीमा पर पत्थर के स्तंभ नहीं मिलने से कई बार दो गांवों के किसानों के बीच भूमि पैमाइश के दौरान विवाद में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। जिले के सभी पांचों तहसीलों नौगढ़, इटवा, बांसी, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज के कई गांवों में सीमा स्तंभ नहीं होने से अक्सर विवाद और मारपीट की स्थिति उत्पन्न होती रही है। यहां तक कि भूमि पैमाइश के दौरान एक वर्ष डुमरियागंज में मारपीट हो चुकी है। जिले के इटवा तहसील के बलरामपुर जिले से सटे क्षेत्र में सीमा स्तंभ नहीं होने से कई बार दोनों जिलों के ग्रामीणों के मारपीट और बवाल हो चुका है। इन विवादों को देखते हुए शासन से गांव के सीमा स्तंभों के सत्यापन और उनकी पुनर्स्थापना का निर्देश दिया गया है।
-----------------
खत्म होगा गांव का सीमा विवाद, आसान होगी पैमाइश
राजस्व ग्रामों में नए सिरे से सीमा स्तंभ लगाए जाने से दो गांव की सीमा के संबंध में होने वाले विवाद समाप्त हो जाएंगे। साथ ही गांवों में भी भूमि पैमाइश के लंबित मामलों का निस्तारण हो सकेगा। जिले के सभी तहसीलों में भूमि स्वामियों की तरफ से धारा 24 के तहत भूमि पैमाइश के लिए दिए एक हजार से अधिक आवेदन लंबित पड़े है। इनमें अधिकांश मामलों में मौके पर सीमा स्तंभ नहीं होने से पैमाइश के लिए केंद्र निर्धारित नहीं होने कारण लंबित रह गए है। तहसीलदार नौगढ़ पीयूष श्रीवास्तव कहते है कि सत्यापन के बाद नए सिरे से सीमा स्तंभों के स्थापित होने पर गांवों के बीच सीमा विवाद समाप्त हो जाएंगे एवं लोगों की भूमि पैमाइश करने में सहूलियत रहेगी।
-----------------
गांव के चारों तरफ बहुत पहले लगाए गए सीमा स्तंभ गायब अथवा क्षतिग्रस्त होकर विलुप्त हो चुके है। यहां तक कि एक सीमा स्तंभ सड़क में दब गया है। सत्यापन के बाद सीमा स्तंभ लगने से सहूलियत मिलेगी।
-आलोक तिवारी, करहिया सघन

राजस्व ग्रामों के सीमांकन के लिए लगाए गए सीमा स्तंभ देखरेख के अभाव में विलुप्त हो चुके है, इस कारण भूमि पैमाइश के दौरान आए दिन गांव में विवाद हो रहे है, गांव में सीमा स्तंभ लगाना बेहद जरूरी है।

-नगीना चौधरी, पेडारी मुस्तहकम
-------------------------
शासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में लेखपालों के माध्यम से राजस्व ग्रामों में लगे सीमा स्तंभों का सत्यापन कराया जा रहा है, जहां सीमा स्तंभ विलुप्त अथवा क्षतिग्रस्त हो चुके है, वहां सीमा स्तंभ लगाए जाने है।
-उमाशंकर, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed