{"_id":"670ebb0e7fc001506f0df8c4","slug":"books-were-sold-at-kilo-price-and-came-to-be-distributed-among-children-four-including-two-brc-workers-arrested-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-125762-2024-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: किलो के भाव बेच दी बच्चों में बांटने के लिए आईं पुस्तकें, दो बीआरसी कर्मी समेत चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: किलो के भाव बेच दी बच्चों में बांटने के लिए आईं पुस्तकें, दो बीआरसी कर्मी समेत चार गिरफ्तार
Wed, 16 Oct 2024 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 16 Oct 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
बीआरसी बांसी में रखी परिषदीय विद्यालयों की आठ क्विंटल पुस्तकों को कर्मचारियों ने बेच दिया था कबाड़ी को
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बांटने के लिए आई पुस्तकों को बीआरसी कर्मचारियों ने 10 रुपये किलो के भाव कबाड़ी को बेच दिया। बांसी पुलिस ने मंगलबाजार स्थित कबाड़ी की दुकान से पुस्तकों को बरामद कर दो कबाड़ियों और बीआरसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
बीआरसी बांसी में परिषदीय विद्यालय के बच्चों को निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए आई पुस्तकें आई थीं। आरोप है कि कर्मचारी सहाबुद्दीन और अनुचर रामजस ने कबाड़ियों को बुलाकर 10 रुपये किलो के हिसाब से किताबें बेच दीं, जिसे कस्बा के शास्त्रीनगर निवासी कबाड़ी अंकित कसेरा और प्रतीक कसेरा उर्फ गोपाल ने खरीदी थी। उनकी मंगलबाजार में कबाड़ी की दुकान है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कबाड़ी की दुकान पर खड़ी पिकअप से आठ क्विंटल पुस्तकों को बरामद किया। दोनों कबाड़ियों के बयान के आधार पुलिस ने बीआरसी बांसी में कार्यरत मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नेउरी निवासी कर्मचारी सहाबुद्दीन और कस्बा के प्रतापनगर निवासी अनुचर रामजस को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल बांसी राम कृपाल शुक्ल ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय भेजा जा रहा है।
अफसरों ने कहा सुरक्षित रखने को... कर्मचारियों ने बेच दी किताबें
सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ने के लिए निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करा रही है। वहीं विभाग के ही लोग अतिरिक्त आमदनी के लिए किताबों को कबाड़ी के हाथ बेच दे रहे हैं। बीआरसी बांसी में भी यही मामला सामने आया है। जानकारों के अनुसार यहां तैनात कर्मचारियों ने अतिरिक्त आमदनी के चक्कर में यह पुस्तकें कबाड़ी को बेच दी, जिसके बाद वह धरा गए। विभागीय कर्मियों की मानें तो बीआरसी में रखी पुस्तकें रख-रखाव के अभाव और नमी के कारण खराब हो रही थीं, जिसे अधिकारियों ने सुरक्षित रखने को कहा तो उन्होंने मौका देख इन पुस्तकों को कुछ पैसों के लिए कबाड़ी को बेच दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बांटने के लिए आई पुस्तकों को बीआरसी कर्मचारियों ने 10 रुपये किलो के भाव कबाड़ी को बेच दिया। बांसी पुलिस ने मंगलबाजार स्थित कबाड़ी की दुकान से पुस्तकों को बरामद कर दो कबाड़ियों और बीआरसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
बीआरसी बांसी में परिषदीय विद्यालय के बच्चों को निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए आई पुस्तकें आई थीं। आरोप है कि कर्मचारी सहाबुद्दीन और अनुचर रामजस ने कबाड़ियों को बुलाकर 10 रुपये किलो के हिसाब से किताबें बेच दीं, जिसे कस्बा के शास्त्रीनगर निवासी कबाड़ी अंकित कसेरा और प्रतीक कसेरा उर्फ गोपाल ने खरीदी थी। उनकी मंगलबाजार में कबाड़ी की दुकान है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कबाड़ी की दुकान पर खड़ी पिकअप से आठ क्विंटल पुस्तकों को बरामद किया। दोनों कबाड़ियों के बयान के आधार पुलिस ने बीआरसी बांसी में कार्यरत मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के नेउरी निवासी कर्मचारी सहाबुद्दीन और कस्बा के प्रतापनगर निवासी अनुचर रामजस को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल बांसी राम कृपाल शुक्ल ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
अफसरों ने कहा सुरक्षित रखने को... कर्मचारियों ने बेच दी किताबें
सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ने के लिए निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करा रही है। वहीं विभाग के ही लोग अतिरिक्त आमदनी के लिए किताबों को कबाड़ी के हाथ बेच दे रहे हैं। बीआरसी बांसी में भी यही मामला सामने आया है। जानकारों के अनुसार यहां तैनात कर्मचारियों ने अतिरिक्त आमदनी के चक्कर में यह पुस्तकें कबाड़ी को बेच दी, जिसके बाद वह धरा गए। विभागीय कर्मियों की मानें तो बीआरसी में रखी पुस्तकें रख-रखाव के अभाव और नमी के कारण खराब हो रही थीं, जिसे अधिकारियों ने सुरक्षित रखने को कहा तो उन्होंने मौका देख इन पुस्तकों को कुछ पैसों के लिए कबाड़ी को बेच दी।
विज्ञापन