{"_id":"62697e6ff1c4514e7b24b03a","slug":"book-distribution-not-complete-siddharthnagar-news-gkp434900073","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह बाद भी बच्चों को नहीं मिलीं पुस्तकें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह बाद भी बच्चों को नहीं मिलीं पुस्तकें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक माह बाद भी बच्चों को नहीं मिलीं पुस्तकें
- विद्यार्थी पुरानी किताबों से कर रहे शिक्षा ग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। परिषदीय विद्यालय का नया शिक्षा सत्र का एक महीना खत्म होने को है, लेकिन बच्चों को नई पुस्तकें अब तक नहीं मिल सकी हैं। बच्चे पुरानी व पिछली कक्षा की किताबों के जरिए शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
डुमरियागंज क्षेत्र में कुल प्राथमिक विद्यालय 170 हैं, जिनमें 44 कंपोजिट विद्यालय तथा 40 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। यह पुस्तकें नौनिहालों को सत्र प्रारंभ होने के एक से दो सप्ताह बाद मिल जाती है। नए शिक्षा सत्र में प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं शुरू है। शिक्षा सत्र के 28 दिन बीत जाने के बाद भी नौनिहाल पुस्तकों के लिए तरस रहे हैं। बच्चे रोजाना विद्यालय आते हैं, गुरुजी से किताबें मिलने की जानकारी करते हैं। लेकिन उनको पुस्तकें नहीं मिल पाती हैं। इससे वह पुरानी किताबों के जरिये पढ़ाई कर रहे हैं। कहीं नौनिहालों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल सकी है तो वह पिछली कक्षा की किताबें लेकर विद्यालय आते हैं। कई जगहों पर बिना किताबों के ब्लैकबोर्ड पर ही पढ़ाई कराई जा रही है।
---
पाठ्य पुस्तकें प्रकाशन प्रकिया में हैं, फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्यालयों में पहले की किताबों से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बीआरसी पर पुस्तकें आने के बाद उन्हें विद्यालयों पर पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- कुंवर विक्रम पांडेय, बीईओ डुमरियागंज
विज्ञापन
- विद्यार्थी पुरानी किताबों से कर रहे शिक्षा ग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। परिषदीय विद्यालय का नया शिक्षा सत्र का एक महीना खत्म होने को है, लेकिन बच्चों को नई पुस्तकें अब तक नहीं मिल सकी हैं। बच्चे पुरानी व पिछली कक्षा की किताबों के जरिए शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
डुमरियागंज क्षेत्र में कुल प्राथमिक विद्यालय 170 हैं, जिनमें 44 कंपोजिट विद्यालय तथा 40 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहालों को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। यह पुस्तकें नौनिहालों को सत्र प्रारंभ होने के एक से दो सप्ताह बाद मिल जाती है। नए शिक्षा सत्र में प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं शुरू है। शिक्षा सत्र के 28 दिन बीत जाने के बाद भी नौनिहाल पुस्तकों के लिए तरस रहे हैं। बच्चे रोजाना विद्यालय आते हैं, गुरुजी से किताबें मिलने की जानकारी करते हैं। लेकिन उनको पुस्तकें नहीं मिल पाती हैं। इससे वह पुरानी किताबों के जरिये पढ़ाई कर रहे हैं। कहीं नौनिहालों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल सकी है तो वह पिछली कक्षा की किताबें लेकर विद्यालय आते हैं। कई जगहों पर बिना किताबों के ब्लैकबोर्ड पर ही पढ़ाई कराई जा रही है।
विज्ञापन
---
पाठ्य पुस्तकें प्रकाशन प्रकिया में हैं, फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्यालयों में पहले की किताबों से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बीआरसी पर पुस्तकें आने के बाद उन्हें विद्यालयों पर पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
- कुंवर विक्रम पांडेय, बीईओ डुमरियागंज