फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Before buying, see the map of the plotting land, otherwise you will get stuck.

Siddharthnagar News: खरीदने से पहले प्लाटिंग की भूमि का देख लें नक्शा नहीं तो फंसेंगे

Sat, 11 May 2024 10:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 11 May 2024 10:52 AM IST
विज्ञापन
Before buying, see the map of the plotting land, otherwise you will get stuck.
आबादी से हटकर होने वाले निर्माण के लिए नक्शा है अनिवार्य
विज्ञापन


भू-माफिया प्लाटिंग करके कर रहे मोटी कमाई
पांच माह पहले हुआ आदेश, जिला पंचायत में नहीं आया एक भी आवेदन, अवैध रूप से चल रहा है बिक्री का काम

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। अगर नई कॉलोनी और प्लाटिंग में आशियाना बनाने के लिए भूमि खरीद रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। प्लाट का नक्शा पास हुआ है या नहीं, पहले इसकी जांच कर लें। क्योंकि शहर से सटे और चौराहों के पास नेशनल और स्टेट हाईवे के पास प्लाटिंग करके जमीन तो बेची जा रही है, लेकिन उसका नक्शा पास किए बिना। जबकि नए नियम के तहत बिना नक्शा पास कॉलोनी और उसके प्लाट अवैध माने जाएंगे।
पांच माह पूर्व नियम में बदलाव हुआ है और जिला पंचायत के अधीन नक्शा जारी करने की जिम्मेदारी है। प्लाटिंग करके कॉलोनी विकसित करने का कार्य किया जा रहा है, बिक्री की जा रही है। लेकिन जिला पंचायत में प्लाटिंग करके कॉलोनी बनाने के लिए एक अभी आवेदन नहीं आया है। जानकारों की माने तो कर से बचने और प्लॉटिंग के नियमों को दरकिनार कर रहे हैं।
विज्ञापन


शहरी क्षेत्र में मकान और प्रतिष्ठान निर्माण के लिए नगर पालिका और नगर पंचायत से नक्शा पास कराने सहित अन्य कागजी कोरम पूरा करने के बाद मकान और होटल निर्माण की प्रकिया आगे बढ़ती थी। बिना नक्शा पास हुए निर्माण अवैध श्रेणी में आता था, जिस पर प्रशासन की ओर से कभी भी कार्रवाई की जा सकती थी। लेकिन अब यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला पंचायत के नियमावली में बदलाव हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब ग्रामीण क्षेत्र उसके दायरे में आए हैं। इसमें आबादी से हटकर खेत और नंबर की अन्य भूमि पर मकान बनवाने के लिए गृहस्वामी को नक्शा पास करवाना होगा। वहीं, प्रशासन के बिना जाने किसी कागजी कार्रवाई के अवैध रूप से प्लाटिंग करके भवन निर्माण करके बेचने वाले दायरे में आएंगे। लेकिन जिला पंचायत के बाइलाज में बदलाव को पांच माह का वक्त गुजर चुका है। नियम को दरकिनार करके शहर से सटे और स्टेट व नेशनल हाईवे के पास प्लाटिंग करके बिक्री की जा रही है और खरीदार को पता ही नहीं चल रहा है। क्योंकि जिला पंचायत में एक भी प्लाटिंग के नक्शा का आवेदन नहीं पहुंचा है। ऐसे में अगर नई विकसित होने वाली कॉलोनी में प्लाट खरीद रहे हैं तो नक्शा जरूर देख लें। अगर बिना जाने खरीद कर रहे हैं तो मुसीबत में पड़ सकते हैं। जिला पंचायत की जांच में अवैध घोषित कर दिया जाएगा।

---

भू-माफियों प्रहार के लिए लागू हुआ नियम, पालन नहीं

दरअसल ग्रामीण क्षेत्र में सड़क के किनारे और अन्य स्थान पर एक छोटा से नंबर लेकर भू-माफिया आसपास कब्जा करके मकान बनवा देते हैं और मिट्टी के भाव जमीन खरीद कर करोड़ों में बेचते हैं। यहां कब्जे को लेकर लगातार विवाद भी होते हैं। कारण कब्जा करने के बाद निर्माण करने तक उन्हें कोई कागजी कोरम पूरा नहीं करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद मकान का नक्शा पास कराने के लिए भूमि संबंधित कागजात देना होगा। जांच होगी इसके बाद रकबे के हिसाब से ही निर्माण करवा सकेंगे। ऐसे में जबरिया और विवाद जमीन खरीदकर करोड़ों में बेचने के धंधे पर विराम लग जाएगा।

---

ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से हो रहा है प्लाटिंग का कार्य

शहर से सटे जहां से ग्रामीण क्षेत्र शुरू रहा है। नेशनल व स्टेट हाईवे के पास सड़क किनारे और चौराहोंं के पास जिले में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग करने का कार्य चल रहा है। अब भू-माफियाओं को मिट्टी में सोना नजर आने लगा है। जिस भूमि की कीमत दो लाख रुपये मंडी है, प्लाटिंग होने के बाद सीधे 10 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। जमीन दूसरे की अनुबंध पर लेकर भू- माफिया करोड़ों कमा रहे हैं। जिसका कोई हिसाब ही नहीं है। जबकि यह अवैध है, बिना नक्शा पास करवाए बिक्री कर ही नहीं सकते हैं।

---

तेजी से बढ़ रहा होटल और लॉज का कारोबार

जिले में शहर से दूर हटकर चौराहे पर लिंक रोड पर होटल और बड़े-बड़े मैरिज हाल खुल रहे हैं। इसके साथ ही अन्य प्रतिष्ठान और रोजगार के केंद्र लग रहे हैं। जिससे इन्हें भारी भरकम लाभ होता है। लेकिन सही यह है कि यह लोग बिना नक्शा बनवाये ही निर्माण कर रहे हैं। कुछ माह पहले ही नगर में एक होटल की जांच में बिना नक्शा के संचालित होता हुआ पाए जाने पर सील कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी बिना नक्शा वाले मकानों को तोड़ा जा चुका है। ऐसे में भू- माफिया के चक्कर में फंसे तो रकम तो जाएगी ही साथ ही मकान भी तोड़ा जाएगा।

---

इसलिए नहीं पास करवा रहे नक्शा

प्लाटिंग में कॉलोनी बनाने के लिए जो नक्शा पास होता है, उसमें यह दर्शाना होता है तो नेशनल या फिर स्टेट हाईवे अथवा किसी स्थान पर जमीन है। लोकेशन के हिसाब से नक्शा का चार्ज लगता है। इसके साथ ही नेशनल हाईवे को कितना मीटर छोड़कर निर्माण कर सकते हैं। स्टेट हाईवे को छोड़कर कितना मीटर पर निर्माण कर सकते हैं। यह दर्शाया जाता है। साथ ही नाली, सड़क, पार्क आदि छोड़ने के नियम हैं। लेकिन प्लाटिंग करने वाले जमीन को ले लेते हैं। हाईवे दिखाकर बेच दिए। उसमें न तो नाली छोड़ रहा हैं और न पार्किंग व पार्क और मानक के अनुसार सड़क। इसलिए जांच में कॉलोनी अवैध घोषित कर दी जाती है। इन्हें रोड के हिसाब से मुनाफा मिल जाता है। फिर खरीदार फंसे या उनके साथ जो भी हो कोई मतलब नहीं है।

---

प्लॉट लेने से पहले यह जानकारी जरूरी

अगर नई कॉलोनी में प्लाट ले रहे हैं तो पहले खतौनी को देख लें कि जमीन कहां पर स्थित है, उसकी चौहद्दी क्या है। आसपास के खातेदार कौन हैं। इसके अलावा आने-जाने का मार्ग है अथवा नहीं है। अगर प्लाटिंग करने वाला एग्रीमेंट लेकर बेच रहा है तो किसका है। उसमें खातेदार कितने हैं। इसके बाद प्लाट का नक्शा बना है या फिर नहीं। अगर जिला पंचायत से नक्शा पास नहीं तो खरीदें ही नहीं। अगर पास है तो सड़क कितनी चौड़ी है, नाली और पार्क है या नहीं है। क्योंकि यह प्लाटिंग के नियम है, अगर इसमें मानक का ध्यान नहीं है तो जांच में अवैध घोषित हो सकता है। इसके साथ ही सरकारी सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी।


-संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता क्राइम, जनपद न्यायालय

---

जिला पंचायत के बाइलाज में बदलाव हुआ है। अब शहर के दायरे से बाहर आते ही ग्रामीण क्षेत्र में नंबर में बनने वाले मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठान का नक्शा बनेगा। शहरी तर्ज पर यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में लागू हुई। अब प्लाटिंग और आबादी से बाहर निर्माण पर व्यवस्था लागू हो गई है। बिना नक्शा के निर्माण अवैध माना जाएगा।

-लालता प्रसाद, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed