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सिद्धार्थनगर: आपूर्ति विभाग से हो, खड़े रहो, जवाब देकर ही जाना
Wed, 15 Feb 2023 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:07 PM IST
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विकास भवन के आंबेडकर सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया।
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किसान दिवस में किसानों ने अधिकारियों से किए सवाल-जवाब
सिद्धार्थनगर। विकास भवन के आंबेडकर सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी से सवाल किए और कहा कि जवाब देकर ही जाना। किसानों का आरोप था कि मृतक व्यक्ति का नाम राशन कार्ड की सूची से निकाला जा रहा है, लेकिन जीवित व्यक्ति के लिए पोर्टल ही बंद बताया जा रहा है, यह कैसा नियम है। वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी न होने पर किसानों ने अगली बैठक में बुलाने की मांग की।
अंबेडकर सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू हुए किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे थे। कुछ किसानों ने छुट्टा पशुओं का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि फसल खाने के साथ ही छुट्टा पशु किसानों की जान भी ले रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं है, इसी बीच किसी ने कहा कि छोड़ किसान रहे हैं तो झेले कौन। इस पर भाकियू से जुड़े किसान नेता जमीरुल्लाह नाराज हो गए और अधिकारियों से छुट्टा पशुओं को तत्काल गोशाला में भेजवाने के लिए कहा। भाकियू नेता कपिलदेव मणि त्रिपाठी ने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की शह पर गैरजनपद से आए शिक्षक ब्लॉक स्तरीय अधिकारी को रुपये देकर गायब रहते हैं और विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती है, उन्हें बुलाया जाए। डीडी कृषि ने कहा कि वह बैठक के सदस्य नहीं हैं इसलिए नहीं आए हैं। कपिलदेव मणि ने जवाब दिया कि क्या किसान के बच्चे पढ़ते नहीं हैं। जिलाधिकारी को बुलाया जाए, वही बताएंगे। इसी बीच किसान जमीरुल्लाह फिर खड़े हो गए और कहा कि जो अधिकारी आए हैं, खड़े होकर अपना परिचय बताएं। इसके बाद बारी-बारी से अधिकारियों ने अपना परिचय दिया। आपूर्ति विभाग से पहुंचे प्रतिनिधि से कहा कि कार्ड में नया नाम क्यों नहीं जुड़ रहा है तो उन्होंने जवाब दिया कि अपात्र कटेंगे या मृत व्यक्तियों का कट रहा है। कितने नए लोगों के आवेदन पर अब तक रिपोर्ट लगाए हो। जवाब मिला कि कागज नहीं लाए हैं। इस पर किसान बिफर पड़े।
किसान सूर्यप्रकाश सिंह ने कहा कि ओडीओपी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। 100 क्विंटल कालानमक धान है, कहां ले जाएं? इसके अलावा गांव में सफाई और ऑनलाइन में दिक्कत की समस्या उठाया। बिजली और नलकूप विभाग से जुड़े अधिकारी को किसानों ने जमकर खरी खरी सुनाई। इस दौरान डीडी कृषि अरविंद विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेम पाल सिंह, भाकियू से जुड़े नेता यार मोहम्मद, इंद्रजीत दुबे आदि मौजूद रहे।
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किसानों के बुलाने पर पौने दो घंटे देर से पहुंचे जिलाधिकारी
किसान दिवस की बैठक में जिलाधिकारी अध्यक्ष होते हैं। सुबह 11 बजे से होने वाली बैठक में किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंचे थे। किसानों के बुलावे पर दोपहर 12:45 बजे पहुंचे। किसानों ने जिलाधिकारी संजीव रंजन से समस्या गिनाईं। आगे से बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के साथ ही सभी एसडीएम को बुलाने की मांग की।
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सिद्धार्थनगर। विकास भवन के आंबेडकर सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी से सवाल किए और कहा कि जवाब देकर ही जाना। किसानों का आरोप था कि मृतक व्यक्ति का नाम राशन कार्ड की सूची से निकाला जा रहा है, लेकिन जीवित व्यक्ति के लिए पोर्टल ही बंद बताया जा रहा है, यह कैसा नियम है। वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी न होने पर किसानों ने अगली बैठक में बुलाने की मांग की।
अंबेडकर सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू हुए किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे थे। कुछ किसानों ने छुट्टा पशुओं का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि फसल खाने के साथ ही छुट्टा पशु किसानों की जान भी ले रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं है, इसी बीच किसी ने कहा कि छोड़ किसान रहे हैं तो झेले कौन। इस पर भाकियू से जुड़े किसान नेता जमीरुल्लाह नाराज हो गए और अधिकारियों से छुट्टा पशुओं को तत्काल गोशाला में भेजवाने के लिए कहा। भाकियू नेता कपिलदेव मणि त्रिपाठी ने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की शह पर गैरजनपद से आए शिक्षक ब्लॉक स्तरीय अधिकारी को रुपये देकर गायब रहते हैं और विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती है, उन्हें बुलाया जाए। डीडी कृषि ने कहा कि वह बैठक के सदस्य नहीं हैं इसलिए नहीं आए हैं। कपिलदेव मणि ने जवाब दिया कि क्या किसान के बच्चे पढ़ते नहीं हैं। जिलाधिकारी को बुलाया जाए, वही बताएंगे। इसी बीच किसान जमीरुल्लाह फिर खड़े हो गए और कहा कि जो अधिकारी आए हैं, खड़े होकर अपना परिचय बताएं। इसके बाद बारी-बारी से अधिकारियों ने अपना परिचय दिया। आपूर्ति विभाग से पहुंचे प्रतिनिधि से कहा कि कार्ड में नया नाम क्यों नहीं जुड़ रहा है तो उन्होंने जवाब दिया कि अपात्र कटेंगे या मृत व्यक्तियों का कट रहा है। कितने नए लोगों के आवेदन पर अब तक रिपोर्ट लगाए हो। जवाब मिला कि कागज नहीं लाए हैं। इस पर किसान बिफर पड़े।
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किसान सूर्यप्रकाश सिंह ने कहा कि ओडीओपी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। 100 क्विंटल कालानमक धान है, कहां ले जाएं? इसके अलावा गांव में सफाई और ऑनलाइन में दिक्कत की समस्या उठाया। बिजली और नलकूप विभाग से जुड़े अधिकारी को किसानों ने जमकर खरी खरी सुनाई। इस दौरान डीडी कृषि अरविंद विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेम पाल सिंह, भाकियू से जुड़े नेता यार मोहम्मद, इंद्रजीत दुबे आदि मौजूद रहे।
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किसानों के बुलाने पर पौने दो घंटे देर से पहुंचे जिलाधिकारी
किसान दिवस की बैठक में जिलाधिकारी अध्यक्ष होते हैं। सुबह 11 बजे से होने वाली बैठक में किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंचे थे। किसानों के बुलावे पर दोपहर 12:45 बजे पहुंचे। किसानों ने जिलाधिकारी संजीव रंजन से समस्या गिनाईं। आगे से बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के साथ ही सभी एसडीएम को बुलाने की मांग की।