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Siddharthnagar News: रहें होशियार..धूल और धुएं का गुबार, बना देगा बीमार
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शहर के उसका मार्ग पर निर्माण कार्य में उड़ रही धूल में मास्क के सहारे बच्चे काे लेकर जाती युवती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर गोरखपुर, सनई शोहरतगढ़ और अशोक मार्ग पर यात्रा कर रहे हैं, तो यह आपके लिए काम की खबर है। इस मार्ग से गुजरते समय मास्क जरूर लगाएं और सावधानी पूर्वक वाहन चलाएं। क्योंकि निर्माण स्थल से उठने वाले धूल के गुबार के बीच वाहन छिप जा रहा है। सांस लेने में दिक्कत हो जाएगी। अगर नियमित यात्रा करते हैं, तो रोगी बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
सुबह के समय समस्या और गंभीर हो जा रही है। क्योंकि कोहरे के साथ धूल की एक परत तैयार हो जा रही है, जिससे सांस लेने के साथ आंख पर भी असर पड़ रहा है। ढाई किलोमीटर अशोक मार्ग का हाल तो और बुरा है। क्योंकि यहां मिट्टी का काम हो रहा है। धूल से बचने के लिए सुबह, दोपहर और शाम को अति जरूरी है, लेकिन पानी डालने का काम केवल रात में हो रहा है, जो सुबह 10:00 बजते ही सूखकर धूल का रूप ले ले रहा है।
वहीं, एक्यूआई की बात करें तो 130 के पार है। 100 के ऊपर जाना हवा का प्रदूषित होना माना जाता है। ऐसी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है। वे मास्क लगाकर निकलने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही नियमित यात्रा वालों को मार्ग बदलने के लिए कह रहे हैं। क्योंकि लंबे समय तक चलने फेफड़े और सांस का रोगी बना सकता है।
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पार्क आने वालों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत : अशोक मार्ग पर ही उद्यान और बुद्धा पार्क है। जो जिले का इकलौता पार्क है। यहां जनपद के अन्य हिस्सों से लोग घूमने आते हैं। कई बार लोग बच्चों को साथ लेकर आते हैं। साथ ही बड़ी संख्या में लोग सुबह पार्क में टहलने आते हैं। पार्क के अंदर तो ठीक है, लेकिन पार्क आने तक धूल गुबार का सामना जरूर होगा। ऐसे में अगर सुबह सेहत बनाने के लिए पार्क आ रहे हैं तो तैयारी के साथ आएं। मास्क लगाकर आएं।
अन्यथा धूल और सुबह कोहरे से बनी प्रदूषित हवा से और बीमार हो सकते हैं। सुबह हालात और खराब हो जाते हैं। ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि निर्माण कार्य पूरा होने तक सुबह की गतिविधि कम कर दें।
नियमित ऑफिस और मेडिकल कॉलेज आने वालों की बढ़ी मुसीबत : अशोक मार्ग पर ही केंद्रीय विद्यालय, ऑफिसर्स काॅलोनी, उद्यान, बेसिक शिक्षा, डीआईओएस, जेल, जल निगम, रजिस्ट्री कार्यालय, उद्योग, पीडब्ल्यूडी, सीएमओ कार्यालय, मेडिकल कॉलेज, पुलिस लाइंस, नलकूप, महिला थाना, जनपद न्यायालय और डाकघर स्थित है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं।
वहीं, कार्यालयों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आते हैं। यह प्रतिदिन आने- जाने वाले हैं। वहीं, हजारों की संख्या गोरखपुर और शहर में काम से आते हैं। इस ढाई किलोमीटर की यात्रा बहुत ही कष्टदायी होती है। कोई भी निर्माण कार्य के समय समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन सड़क पर उड़ती धूल, गुबार हमेशा के लिए बीमार बना सकता है। ऐसे में सेहत की दृष्टि से निर्माण पूरा होने तक खुद सतर्क रहने की जरूरत है। नियमित यात्रा करना भारी पकड़ सकता है।
सांस के बढ़ रहे रोगी : मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो सांस के रोगियों की संख्या में कोई कमी नहीं है। 24 घंटे में 20-25 रोगी पहुंच रहे हैं। वहीं, जनवरी और दिसंबर में संख्या 30-35 रोगी पहुंच रहे थे।
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सिद्धार्थनगर। अगर गोरखपुर, सनई शोहरतगढ़ और अशोक मार्ग पर यात्रा कर रहे हैं, तो यह आपके लिए काम की खबर है। इस मार्ग से गुजरते समय मास्क जरूर लगाएं और सावधानी पूर्वक वाहन चलाएं। क्योंकि निर्माण स्थल से उठने वाले धूल के गुबार के बीच वाहन छिप जा रहा है। सांस लेने में दिक्कत हो जाएगी। अगर नियमित यात्रा करते हैं, तो रोगी बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
सुबह के समय समस्या और गंभीर हो जा रही है। क्योंकि कोहरे के साथ धूल की एक परत तैयार हो जा रही है, जिससे सांस लेने के साथ आंख पर भी असर पड़ रहा है। ढाई किलोमीटर अशोक मार्ग का हाल तो और बुरा है। क्योंकि यहां मिट्टी का काम हो रहा है। धूल से बचने के लिए सुबह, दोपहर और शाम को अति जरूरी है, लेकिन पानी डालने का काम केवल रात में हो रहा है, जो सुबह 10:00 बजते ही सूखकर धूल का रूप ले ले रहा है।
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वहीं, एक्यूआई की बात करें तो 130 के पार है। 100 के ऊपर जाना हवा का प्रदूषित होना माना जाता है। ऐसी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है। वे मास्क लगाकर निकलने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही नियमित यात्रा वालों को मार्ग बदलने के लिए कह रहे हैं। क्योंकि लंबे समय तक चलने फेफड़े और सांस का रोगी बना सकता है।
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पार्क आने वालों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत : अशोक मार्ग पर ही उद्यान और बुद्धा पार्क है। जो जिले का इकलौता पार्क है। यहां जनपद के अन्य हिस्सों से लोग घूमने आते हैं। कई बार लोग बच्चों को साथ लेकर आते हैं। साथ ही बड़ी संख्या में लोग सुबह पार्क में टहलने आते हैं। पार्क के अंदर तो ठीक है, लेकिन पार्क आने तक धूल गुबार का सामना जरूर होगा। ऐसे में अगर सुबह सेहत बनाने के लिए पार्क आ रहे हैं तो तैयारी के साथ आएं। मास्क लगाकर आएं।
अन्यथा धूल और सुबह कोहरे से बनी प्रदूषित हवा से और बीमार हो सकते हैं। सुबह हालात और खराब हो जाते हैं। ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि निर्माण कार्य पूरा होने तक सुबह की गतिविधि कम कर दें।
नियमित ऑफिस और मेडिकल कॉलेज आने वालों की बढ़ी मुसीबत : अशोक मार्ग पर ही केंद्रीय विद्यालय, ऑफिसर्स काॅलोनी, उद्यान, बेसिक शिक्षा, डीआईओएस, जेल, जल निगम, रजिस्ट्री कार्यालय, उद्योग, पीडब्ल्यूडी, सीएमओ कार्यालय, मेडिकल कॉलेज, पुलिस लाइंस, नलकूप, महिला थाना, जनपद न्यायालय और डाकघर स्थित है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते हैं।
वहीं, कार्यालयों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आते हैं। यह प्रतिदिन आने- जाने वाले हैं। वहीं, हजारों की संख्या गोरखपुर और शहर में काम से आते हैं। इस ढाई किलोमीटर की यात्रा बहुत ही कष्टदायी होती है। कोई भी निर्माण कार्य के समय समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन सड़क पर उड़ती धूल, गुबार हमेशा के लिए बीमार बना सकता है। ऐसे में सेहत की दृष्टि से निर्माण पूरा होने तक खुद सतर्क रहने की जरूरत है। नियमित यात्रा करना भारी पकड़ सकता है।
सांस के बढ़ रहे रोगी : मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो सांस के रोगियों की संख्या में कोई कमी नहीं है। 24 घंटे में 20-25 रोगी पहुंच रहे हैं। वहीं, जनवरी और दिसंबर में संख्या 30-35 रोगी पहुंच रहे थे।