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Siddharthnagar News: खरीदारी में बरते सावधानी, बाजार में बिक रहे ब्रांड के नाम पर नकली सामान
Sun, 10 Dec 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:11 AM IST
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नेपाल के सीमावर्ती कस्बाें से हो रही नकली सामानों की बड़े पैमाने पर तस्करी
सहालग सीजन और ठंड में बढ़ा इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बिक्री
सिद्धार्थनगर। सहालग के सीजन में उपहार स्वरूप देने के लिए इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की खरीदारी में सतर्कता बरतें। नहीं तो ब्रांड के नाम पर नकली सामान खरीद लेंगे। एकदम असली कंपनी की तरह दिखने वाले इन सामानों की नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के कस्बों से तस्करी बढ़ गई है। जहां एक तरफ बढ़ रही ठंड से बचने के लिए रूम हीटर, ब्लोअर की खरीदारी हो रही है, वहीं लगन में उपहार देने के लिए वाशिंग मशीन, फ्रीज और टीवी आदि की भी डिमांड भी अधिक है।
नकली इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान नेपाल के सीमावर्ती कस्बा बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा, बर्डपुर, मोहाना व लोटन में तस्करी हो रहे हैं। शहर के इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के एक बड़े दुकानदार ने बताया कि नकली सामान के डिब्बों पर असली की तरह बारकोड और मिलते-जुलते नाम होने के कारण ग्राहक धोखे में आ जा रहे हैं। लग्न को देखते हुए इसके धंधेबाजों ने बाजार में ऐसे सामान खपाने शुरू कर दिए हैं। नामी कंपनियों के मिलते-जुलते नाम और सस्ती कीमत होने से खरीद ले रहे हैं। ज्यादातर सीमावर्ती क्षेत्रों में डी-सामग्री खपाई जा रही है।
दुकानदार ने बताया कि सभी प्रमुख कंपनियों का डी (नकली) सामान धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नकली सामान की आपूर्ति करने वाले एजेंट दुकानों पर पहुंचकर प्रस्ताव देते हैं और नमूना दिखाते हैं, जो हूबहू असली की तरह दिखता है। इसमें अधिकांश चाइनीज सामान है, जो नेपाल व दिल्ली समेत अन्य जगहों से होते हुए यहां तक पहुंच रहा है।
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बाजार में नकली टीवी की बिक्री सर्वाधिक
वैसे तो बाजार में नामी कंपनियों के फ्रीज, वाशिंग मशीन भी नकली आ रहे है, लेकिन इनमें सर्वाधिक नकली टीवी की बिक्री हो रही है। दुकानदार का कहना है कि नकली सामान आसानी से पकड़ना मुश्किल होता है। इसलिए अधिकांश लोग धोखाधड़ी के शिकार हो रहे है। नकली टीवी छह से सात हजार रुपये में उपलब्ध है, जिस पर नामी कंपनियों के स्टीकर व बारकोड लगाकर 12 से 13 हजार रुपये में आसानी से बिक्री की जा रही है। इससे ऐसे कारोबारियों को एक ही सामान में पांच से सात हजार रुपये का मुनाफा होता है। धंधेबाज आधे से कम दाम पर खरीदकर असली के दाम पर बेचकर मालामाल हो रहे हैं।
बांसी व डुमरियागंज में पकड़ाया था नकली तार
दो वर्ष पहले डुमरियागंज क्षेत्र में एक इलेक्ट्रिक सामान की दुकान से नामी कंपनी का नकली तार बेचने का मामले सामने आया था। जिसमें कंपनी के क्षेत्रीय एजेंट की तरफ से दुकानदार समेत दो लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। वहीं बांसी क्षेत्र में भी डेढ़ वर्ष पहले एक नामी कंपनी के नाम तार बेचने का मामला सामने आया था। जिसमें भी दुकानदार के विरुद्ध कंपनी की तरफ से कार्रवाई कराई गई थी। जानकारों का कहना है कि नामी कंपनियों के नाम से नकली तार सहित कई इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेचने और आपूर्ति करने का जाल नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फैला है।
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सहालग सीजन और ठंड में बढ़ा इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बिक्री
सिद्धार्थनगर। सहालग के सीजन में उपहार स्वरूप देने के लिए इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की खरीदारी में सतर्कता बरतें। नहीं तो ब्रांड के नाम पर नकली सामान खरीद लेंगे। एकदम असली कंपनी की तरह दिखने वाले इन सामानों की नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के कस्बों से तस्करी बढ़ गई है। जहां एक तरफ बढ़ रही ठंड से बचने के लिए रूम हीटर, ब्लोअर की खरीदारी हो रही है, वहीं लगन में उपहार देने के लिए वाशिंग मशीन, फ्रीज और टीवी आदि की भी डिमांड भी अधिक है।
नकली इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान नेपाल के सीमावर्ती कस्बा बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा, बर्डपुर, मोहाना व लोटन में तस्करी हो रहे हैं। शहर के इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के एक बड़े दुकानदार ने बताया कि नकली सामान के डिब्बों पर असली की तरह बारकोड और मिलते-जुलते नाम होने के कारण ग्राहक धोखे में आ जा रहे हैं। लग्न को देखते हुए इसके धंधेबाजों ने बाजार में ऐसे सामान खपाने शुरू कर दिए हैं। नामी कंपनियों के मिलते-जुलते नाम और सस्ती कीमत होने से खरीद ले रहे हैं। ज्यादातर सीमावर्ती क्षेत्रों में डी-सामग्री खपाई जा रही है।
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दुकानदार ने बताया कि सभी प्रमुख कंपनियों का डी (नकली) सामान धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नकली सामान की आपूर्ति करने वाले एजेंट दुकानों पर पहुंचकर प्रस्ताव देते हैं और नमूना दिखाते हैं, जो हूबहू असली की तरह दिखता है। इसमें अधिकांश चाइनीज सामान है, जो नेपाल व दिल्ली समेत अन्य जगहों से होते हुए यहां तक पहुंच रहा है।
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बाजार में नकली टीवी की बिक्री सर्वाधिक
वैसे तो बाजार में नामी कंपनियों के फ्रीज, वाशिंग मशीन भी नकली आ रहे है, लेकिन इनमें सर्वाधिक नकली टीवी की बिक्री हो रही है। दुकानदार का कहना है कि नकली सामान आसानी से पकड़ना मुश्किल होता है। इसलिए अधिकांश लोग धोखाधड़ी के शिकार हो रहे है। नकली टीवी छह से सात हजार रुपये में उपलब्ध है, जिस पर नामी कंपनियों के स्टीकर व बारकोड लगाकर 12 से 13 हजार रुपये में आसानी से बिक्री की जा रही है। इससे ऐसे कारोबारियों को एक ही सामान में पांच से सात हजार रुपये का मुनाफा होता है। धंधेबाज आधे से कम दाम पर खरीदकर असली के दाम पर बेचकर मालामाल हो रहे हैं।
बांसी व डुमरियागंज में पकड़ाया था नकली तार
दो वर्ष पहले डुमरियागंज क्षेत्र में एक इलेक्ट्रिक सामान की दुकान से नामी कंपनी का नकली तार बेचने का मामले सामने आया था। जिसमें कंपनी के क्षेत्रीय एजेंट की तरफ से दुकानदार समेत दो लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। वहीं बांसी क्षेत्र में भी डेढ़ वर्ष पहले एक नामी कंपनी के नाम तार बेचने का मामला सामने आया था। जिसमें भी दुकानदार के विरुद्ध कंपनी की तरफ से कार्रवाई कराई गई थी। जानकारों का कहना है कि नामी कंपनियों के नाम से नकली तार सहित कई इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेचने और आपूर्ति करने का जाल नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फैला है।