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बैंक सखी बनकर महिलाएं संभालेंगी बैंकों में कामकाज
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बैंक सखी बनकर महिलाएं संभालेंगी बैंकों में कामकाज
एनआरएलएम तहत गठित समूहों की महिलाएं नियुक्त होंगी
समय से समूहों को सुविधाएं दिलाने में सहायक बनेंगी सखी
जिले के 31 बैंकों में समूह की सदस्यों को मिलेगा अवसर
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बैंक सखी के तौर पर काम करने के मसौदे को हरी झंडी मिल गई है। प्रथम चरण में जिले के 31 बैंक शाखाओं में तैनाती की जाएगी। इसके लिए अर्हता मानक निर्धारित किए गए हैं।
समय से बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिलने से महिला समूहों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। आंध्र प्रदेश, बिहार और उड़ीसा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी मिशन बैंक सखी पालिसी लागू की गई है। बैंक सखी के रूप में तैनात होने वाली बैंक सखी स्वयं सहायता समूहों के मध्य सेतु के रूप में कार्य करेंगी। इस कार्य के लिए विभाग की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। प्रभारी उपायुक्त स्वत: रोजगार शेषमणि सिंह ने बताया कि बैंक सखी का चयन एवं तैनाती संकुल स्तरीय संघ/ग्राम संगठन द्वारा की जाएगी। जिले के 31 बैंक शाखाओं में चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आवेदन 30 मई तक और साक्षात्कार एक जून निर्धारित है। चयन के लिए बैंक से समन्वय बनाने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
30 समूह पर एक बैंक सखी का चयन
बैंकों में सखी की नियुक्ति के लिए हाईस्कूल पास योग्यता निर्धारित की गई है। जिसमें अंक गणित का ज्ञान होना आवश्यक है। आवेदक का उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य हो। कम से कम 30 समूहों का बैंक खाता खुला होने पर एक बैंक सखी का चयन किया जाएगा। 80 से 160 समूहों के खाते पर दो बैंक सखी, 160 से अधिक समूहों पर तीन की तैनाती की जाएगी।
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लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर क्लस्टर लेवल फेडरेशन/नोडल ग्राम संगठन बैंक सखी का चयन करेंगी, जिसका अंकन संकुल स्तरीय संघ एवं नोडल ग्राम संगठन की कार्रवाई पुस्तिका में आवश्यक रूप से किया जायेगा। बैंक सखी का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। इसके बाद उसके कार्यों की समीक्षा और मूल्यांकन करने के बाद ही सेवा का समय बढ़ाया जाएगा।
- पुलकित गर्ग, सीडीओ
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बैंक सखी बनकर महिलाएं संभालेंगी बैंकों में कामकाज
एनआरएलएम तहत गठित समूहों की महिलाएं नियुक्त होंगी
समय से समूहों को सुविधाएं दिलाने में सहायक बनेंगी सखी
जिले के 31 बैंकों में समूह की सदस्यों को मिलेगा अवसर
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बैंक सखी के तौर पर काम करने के मसौदे को हरी झंडी मिल गई है। प्रथम चरण में जिले के 31 बैंक शाखाओं में तैनाती की जाएगी। इसके लिए अर्हता मानक निर्धारित किए गए हैं।
समय से बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिलने से महिला समूहों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। आंध्र प्रदेश, बिहार और उड़ीसा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी मिशन बैंक सखी पालिसी लागू की गई है। बैंक सखी के रूप में तैनात होने वाली बैंक सखी स्वयं सहायता समूहों के मध्य सेतु के रूप में कार्य करेंगी। इस कार्य के लिए विभाग की ओर से मानदेय भी दिया जाएगा। प्रभारी उपायुक्त स्वत: रोजगार शेषमणि सिंह ने बताया कि बैंक सखी का चयन एवं तैनाती संकुल स्तरीय संघ/ग्राम संगठन द्वारा की जाएगी। जिले के 31 बैंक शाखाओं में चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आवेदन 30 मई तक और साक्षात्कार एक जून निर्धारित है। चयन के लिए बैंक से समन्वय बनाने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
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30 समूह पर एक बैंक सखी का चयन
बैंकों में सखी की नियुक्ति के लिए हाईस्कूल पास योग्यता निर्धारित की गई है। जिसमें अंक गणित का ज्ञान होना आवश्यक है। आवेदक का उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य हो। कम से कम 30 समूहों का बैंक खाता खुला होने पर एक बैंक सखी का चयन किया जाएगा। 80 से 160 समूहों के खाते पर दो बैंक सखी, 160 से अधिक समूहों पर तीन की तैनाती की जाएगी।
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लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर क्लस्टर लेवल फेडरेशन/नोडल ग्राम संगठन बैंक सखी का चयन करेंगी, जिसका अंकन संकुल स्तरीय संघ एवं नोडल ग्राम संगठन की कार्रवाई पुस्तिका में आवश्यक रूप से किया जायेगा। बैंक सखी का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। इसके बाद उसके कार्यों की समीक्षा और मूल्यांकन करने के बाद ही सेवा का समय बढ़ाया जाएगा।
- पुलकित गर्ग, सीडीओ