{"_id":"65db98c416e9551f0102ce24","slug":"bail-of-fake-doctor-running-medical-store-rejected-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-113424-2024-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: मेडिकल स्टोर चलाने वाले फर्जी डाॅक्टर की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: मेडिकल स्टोर चलाने वाले फर्जी डाॅक्टर की जमानत खारिज
Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
विज्ञापन
-चिल्हिया थानाक्षेत्र के करौंदा चौराहे पर संचालित करता था अवैध मेडिकल स्टोर
-इलाज के दौरान बच्चे की मौत के बाद दर्ज केस में बंद है फर्जी डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने छलपूर्वक स्वयं को डॉक्टर बताने वाले मेडिकल स्टोर संचालक की जमानत खारिज कर दिया है। अभियुक्त इनल कुमार के खिलाफ छल एवं इंडियन मेडिकल कौंसिल के अपराध में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि केस गैर इरादतन हत्या के अपराध में दर्ज हुआ था। अभियुक्त मोहाना थानाक्षेत्र के लकड़ा गांव का मूल निवासी है और चिल्हिया थानाक्षेत्र के करौंदा चैराहे पर छल से फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध मेडिकल स्टोर चला रहा था। अभियुक्त इनल जेल में बंद है।
घटना चिल्हिया थानाक्षेत्र के करौंदा चौराहे पर संचालित अवैध मेडिकल स्टोर पर 12 जून 2022 को घटी थी। चिल्हिया थाना के मनोहरी गांव निवासी विश्वनाथ गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि 12 जून 2022 की सुबह नौ बजे उसके पुत्र गणेश गुप्ता के पेट में दर्द होने लगा। उसके इलाज के लिए उसे करौंदा चौराहे पर स्थित इनल कुमार के मेडिकल स्टोर पर ले जाया गया। इनल खुद को डॉक्टर कहते हुए मेडिकल स्टोर चलाता था और लोगों का इलाज करता था। इनल ने सबसे पहले उसके लड़के को दवा खिलाकर सुला दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर इनल ने उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उसके लड़के की तबीयत बिगड़ती ही गई फिर कार से ड्राइवर के साथ उसे जिला अस्पताल पहुंचा दिया। जहां पर पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसके पुत्र गणेश को मृत घोषित कर दिया।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर की जांच रिपोर्ट में मृत्यु रासायनिक विष के कारण न होना दर्शित हुआ। तहरीर के अनुसार पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के अपराध में केस दर्ज करके विवेचना शुरू किया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने अभियुक्त इनल के खिलाफ छल एवं इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियुक्त ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करके कहा कि वह बेगुनाह है और उसे झूठा ही इस मामले में फंसा दिया गया है। अभियोजन पक्ष की तरफ से डीजीसी क्रिमिनल अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामला छल व अवैध मेडिकल स्टोर चलाते हुए दवा ईलाज करके मृत्यु कारित करने के गंभीर अपराध से संबंधित है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया। न्यायालय ने मामले के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्य-सामग्री के साथ-साथ अपराधों की गंभीरता देखते हुए अभियुक्त के जमानत का पर्याप्त आधार न पाकर जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर व हेल्थ सेंटर
इनल कुमार चौहान करौंदा चौराहे पर चौहान हेल्थ केयर सेंटर नाम से खुद को डॉक्टर बताते हुए लोगों का इलाज कर रहा था और अवैध मेडिकल स्टोर चला रहा था। इसकी पुष्टि सीएमओ एवं औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की रिपोर्ट से हुई। रिपोर्ट के अनुसार चौहान हेल्थ केयर सेंटर नाम से कोई भी फर्म पंजीकृत नहीं है और उसे बिना लाइसेंस व पंजीयन के छलपूर्वक अवैध तरीके से चलाया जा रहा था।
विज्ञापन
-इलाज के दौरान बच्चे की मौत के बाद दर्ज केस में बंद है फर्जी डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने छलपूर्वक स्वयं को डॉक्टर बताने वाले मेडिकल स्टोर संचालक की जमानत खारिज कर दिया है। अभियुक्त इनल कुमार के खिलाफ छल एवं इंडियन मेडिकल कौंसिल के अपराध में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि केस गैर इरादतन हत्या के अपराध में दर्ज हुआ था। अभियुक्त मोहाना थानाक्षेत्र के लकड़ा गांव का मूल निवासी है और चिल्हिया थानाक्षेत्र के करौंदा चैराहे पर छल से फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध मेडिकल स्टोर चला रहा था। अभियुक्त इनल जेल में बंद है।
घटना चिल्हिया थानाक्षेत्र के करौंदा चौराहे पर संचालित अवैध मेडिकल स्टोर पर 12 जून 2022 को घटी थी। चिल्हिया थाना के मनोहरी गांव निवासी विश्वनाथ गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि 12 जून 2022 की सुबह नौ बजे उसके पुत्र गणेश गुप्ता के पेट में दर्द होने लगा। उसके इलाज के लिए उसे करौंदा चौराहे पर स्थित इनल कुमार के मेडिकल स्टोर पर ले जाया गया। इनल खुद को डॉक्टर कहते हुए मेडिकल स्टोर चलाता था और लोगों का इलाज करता था। इनल ने सबसे पहले उसके लड़के को दवा खिलाकर सुला दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर इनल ने उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उसके लड़के की तबीयत बिगड़ती ही गई फिर कार से ड्राइवर के साथ उसे जिला अस्पताल पहुंचा दिया। जहां पर पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसके पुत्र गणेश को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर की जांच रिपोर्ट में मृत्यु रासायनिक विष के कारण न होना दर्शित हुआ। तहरीर के अनुसार पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के अपराध में केस दर्ज करके विवेचना शुरू किया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने अभियुक्त इनल के खिलाफ छल एवं इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियुक्त ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करके कहा कि वह बेगुनाह है और उसे झूठा ही इस मामले में फंसा दिया गया है। अभियोजन पक्ष की तरफ से डीजीसी क्रिमिनल अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामला छल व अवैध मेडिकल स्टोर चलाते हुए दवा ईलाज करके मृत्यु कारित करने के गंभीर अपराध से संबंधित है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का अवलोकन किया। न्यायालय ने मामले के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्य-सामग्री के साथ-साथ अपराधों की गंभीरता देखते हुए अभियुक्त के जमानत का पर्याप्त आधार न पाकर जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।
विज्ञापन
बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर व हेल्थ सेंटर
इनल कुमार चौहान करौंदा चौराहे पर चौहान हेल्थ केयर सेंटर नाम से खुद को डॉक्टर बताते हुए लोगों का इलाज कर रहा था और अवैध मेडिकल स्टोर चला रहा था। इसकी पुष्टि सीएमओ एवं औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की रिपोर्ट से हुई। रिपोर्ट के अनुसार चौहान हेल्थ केयर सेंटर नाम से कोई भी फर्म पंजीकृत नहीं है और उसे बिना लाइसेंस व पंजीयन के छलपूर्वक अवैध तरीके से चलाया जा रहा था।