{"_id":"636562523d3e964f4823d0e6","slug":"bail-application-rejected-siddharthnagar-news-gkp456191720","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
सिद्धार्थनगर। किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के अभियुक्त कोतवाली बांसी क्षेत्र सोनखर निवासी अनिल साहनी की जमानत याचिका विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमोद कुमार सिंह द्वितीय ने खारिज कर दी।
बांसी थाना क्षेत्र के पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि 28 जुलाई 2022 को पीड़िता किसी कार्य के लिए घर से निकली, परंतु वह शाम तक घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी पीड़िता का पता नहीं चल सका। पुलिस ने केस दर्जकर मामले की विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में पेश किया।
अभियुक्त कारागार में बंद है। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पीड़िता किशोरी की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो पवन कुमार पाठक एडवोकेट ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने परिस्थितियों एवं तथ्यों का सम्यक परिशीलन किया और जमानत प्रार्थना पत्र को आधारहीन पाते हुए अभियुक्त की जमानत खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के अभियुक्त कोतवाली बांसी क्षेत्र सोनखर निवासी अनिल साहनी की जमानत याचिका विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमोद कुमार सिंह द्वितीय ने खारिज कर दी।
बांसी थाना क्षेत्र के पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि 28 जुलाई 2022 को पीड़िता किसी कार्य के लिए घर से निकली, परंतु वह शाम तक घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी पीड़िता का पता नहीं चल सका। पुलिस ने केस दर्जकर मामले की विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में पेश किया।
विज्ञापन
अभियुक्त कारागार में बंद है। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पीड़िता किशोरी की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो पवन कुमार पाठक एडवोकेट ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने परिस्थितियों एवं तथ्यों का सम्यक परिशीलन किया और जमानत प्रार्थना पत्र को आधारहीन पाते हुए अभियुक्त की जमानत खारिज कर दी।
विज्ञापन