फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News: Now the test lies in salary and grievance redressal

Siddharthnagar News: यूपीसीओएस में नौकरी की सुरक्षा, अब वेतन और शिकायत निस्तारण की परीक्षा

Thu, 03 Sep 2026 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 03 Sep 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News: Now the test lies in salary and grievance redressal
सिद्धार्थनगर। जिले के करीब साढ़े तीन हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) नई उम्मीद लेकर आया है। अब एजेंसी बदलने पर पुराने कर्मियों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकेगा और हर महीने पांच तारीख तक वेतन, ईपीएफ-ईएसआई व डिजिटल निगरानी का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन

जिले में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, नगर निकाय, ब्लॉक, पंचायत, शिक्षा और बाल विकास समेत कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। नई व्यवस्था के तहत इन कर्मचारियों का रिकॉर्ड यूपीसीओएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे नियुक्ति, उपस्थिति, भुगतान और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म से संचालित होगी।
विज्ञापन

जिले में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, नगर निकाय, ब्लॉक, पंचायत, शिक्षा और बाल विकास समेत कई विभागों में आउटसोर्स कर्मी काम कर रहे हैं। लंबे समय से इन कर्मचारियों की प्रमुख शिकायतें एजेंसी के स्तर पर वेतन में देरी, कटौती और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी रही हैं। यूपीसीओएस में डिजिटल रिकॉर्ड और भुगतान व्यवस्था से इन समस्याओं को दूर करने का दावा किया गया है लेकिन व्यवस्था लागू होने के बाद निगरानी सबसे अहम होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच तारीख तक वेतन लेकिन निगरानी जरूरी : परिवहन विभाग में कार्यरत कर्मचारी शिवेंद्र गुप्ता बताते हैं कि यूपीसीओएस में हर महीने की पांच तारीख तक मानदेय भुगतान का प्रावधान किया गया है। ईपीएफ, ईएसआई, मेडिक्लेम और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को भी व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे कर्मचारियों को समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका परिषद में कार्यरत संदीप मिश्रा कहते हैं कि जिले में व्यवस्था लागू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एजेंसी वास्तव में समय पर वेतन भुगतान करती है या नहीं। ईपीएफ और ईएसआई की कटौती होने के बाद संबंधित राशि कर्मचारी के खाते में समय से जमा होती है या नहीं, इसकी भी निगरानी जरूरी होगी। केवल वेतन पर्ची में कटौती दिखना पर्याप्त नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed