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नहीं बना आयुष्मान कार्ड, मायूस लौटे लाभार्थी
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ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बनाते कर्मी ।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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नहीं बना आयुष्मान कार्ड, मायूस लौटे लाभार्थी
सिद्धार्थनगर। जिले में सोमवार को आयोजित आयुष्मान कार्ड के शिविरों में कई स्थानों पर जन सेवा केंद्र के संचालक नहीं पहुंचे, जबकि सर्वर डाउन होने के कारण भी कार्ड बनाने का कार्य बाधित हुआ। इस कारण आयुष्मान कार्ड के पात्र लाभार्थियों को कार्ड नहीं बनने पर मायूस होना पड़ा।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्डधारक परिवारों को पांच लाख रुपये के निशुल्क इलाज की सुविधा है। वर्ष 2011 में हुए आर्थिक सामाजिक गणना के पात्र परिवारों, अंत्योदय कार्ड धारकों एवं पंजीकृत श्रमिकों को कार्ड जारी किया जा रहा है। जिले में सोमवार को सभी ब्लॉकों में आयोजित शिविर में मात्र 324 कार्ड बनाए जा सके, जबकि 15 सितंबर से अब तक पांच दिन में 1816 लोगों का डाटा ही पोर्टल पर अपलोड हो सका। बढ़नी में पांच स्थानों पर शिविर लगा था, जिनमें मात्र एक स्थान पर जनसेवा केंद्र संचालक पहुंचा। जनसेवा केंद्र संचालक नहीं पहुंचने के कारण कार्ड जारी नहीं हुए।
इसी प्रकार डुमरियागंज में पांच में एक, शोहरतगढ़ में छह में तीन, मिठवल में छह में तीन, खेसरहा में पांच में दो, उसका में चार में एक, बांसी में चार में दो, लोटन में चार में तीन, बर्डपुर में सात में चार स्थानों पर जनसेवा केंद्र संचालक नहीं पहुंचे। इस कारण इन स्थानों पर कार्ड जारी नहीं हो सके। आयुष्मान कार्ड के शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहयोग नहीं करने वाले जनसेवा केंद्र संचालकों की रिपोर्ट तैयार की गई है। ऐसे संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त रूख अख्तियार कर सकता है।
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सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि सर्वर डाउन होने से आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान प्रभावित हो रहा है। शिविर में नहीं पहुंचने वाले जन सेवा केंद्र संचालकों की सूची बनाई गई है। इस मामले में जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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सिद्धार्थनगर। जिले में सोमवार को आयोजित आयुष्मान कार्ड के शिविरों में कई स्थानों पर जन सेवा केंद्र के संचालक नहीं पहुंचे, जबकि सर्वर डाउन होने के कारण भी कार्ड बनाने का कार्य बाधित हुआ। इस कारण आयुष्मान कार्ड के पात्र लाभार्थियों को कार्ड नहीं बनने पर मायूस होना पड़ा।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्डधारक परिवारों को पांच लाख रुपये के निशुल्क इलाज की सुविधा है। वर्ष 2011 में हुए आर्थिक सामाजिक गणना के पात्र परिवारों, अंत्योदय कार्ड धारकों एवं पंजीकृत श्रमिकों को कार्ड जारी किया जा रहा है। जिले में सोमवार को सभी ब्लॉकों में आयोजित शिविर में मात्र 324 कार्ड बनाए जा सके, जबकि 15 सितंबर से अब तक पांच दिन में 1816 लोगों का डाटा ही पोर्टल पर अपलोड हो सका। बढ़नी में पांच स्थानों पर शिविर लगा था, जिनमें मात्र एक स्थान पर जनसेवा केंद्र संचालक पहुंचा। जनसेवा केंद्र संचालक नहीं पहुंचने के कारण कार्ड जारी नहीं हुए।
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इसी प्रकार डुमरियागंज में पांच में एक, शोहरतगढ़ में छह में तीन, मिठवल में छह में तीन, खेसरहा में पांच में दो, उसका में चार में एक, बांसी में चार में दो, लोटन में चार में तीन, बर्डपुर में सात में चार स्थानों पर जनसेवा केंद्र संचालक नहीं पहुंचे। इस कारण इन स्थानों पर कार्ड जारी नहीं हो सके। आयुष्मान कार्ड के शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहयोग नहीं करने वाले जनसेवा केंद्र संचालकों की रिपोर्ट तैयार की गई है। ऐसे संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त रूख अख्तियार कर सकता है।
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सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि सर्वर डाउन होने से आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान प्रभावित हो रहा है। शिविर में नहीं पहुंचने वाले जन सेवा केंद्र संचालकों की सूची बनाई गई है। इस मामले में जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।