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सहायक लेखाकार ही करता था बिजली निगम की ‘डीलिंग’
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सहायक लेखाकार ही करता था बिजली निगम की ‘डीलिंग’
एंटी करप्शन की गिरफ्तारी के बाद खुलने लगी पोल
भीमापार में किराए के मकान में रहकर करता था यह धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सहायक लेखाकार अवनीश कुमार सिंह ही जिले में बिजली निगम की डीलिंग करता था। कोई भी काम हो, उसके लिए आसान खेल था। विजलेंस की टीम पकड़ी हो या फिर बड़ा जुर्माना लगाया हो, निगम की ओर से लगाए गए जुर्माने हों, सबकी डीलिंग उसके हाथों में थी। गिरफ्तारी के बाद यह पोल खुलने लगे। सूत्र बताते हैं कि भीमापार के एक किराए के मकान में उसकी सारी डीलिंग होती थी।
ठेकेदार से घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार सहायक लेखाकार अवनीश कुमार सिंह बेहद कम समय में ही अधिकारियों का चहेता बन गया था। कम समय की नौकरी में उसने आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां अपने और परिजनों के नाम करा लिया था। इस काम में उसके साथ निगम का एक और कर्मी भी जुड़ा हुआ है, जो उसके कामों में सहयोग करता है। सूत्रों की माने तो शहर और कस्बों की डीलिंग अवनीश कुमार सिंह के हाथों में थी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उसने एक प्राइवेट कर्मी को अपने साथ रखे हुए था। भीमापार में वह जिस किराए के मकान में रहता था। वहां भी उसने लग्जरी व्यवस्था कर रखी थी। यही वजह है कि वह सभी डीलिंग उसी किराए के मकान से करता था। सूत्रों की माने तो विजलेंस की टीम जब बड़े व्यापारियों के घर छापेमारी करती थी, तो जुर्माने की राशि के अनुसार उसकी डीलिंग अविनाश करता था। इसकी वजह से एक तरफ निगम को तो चूना लगता ही था। दूसरी ओर उसकी जेबें भरती थीं।
सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इस काम में निगम के बड़े लोग भी शामिल हैं। क्योंकि अकेले वह इस काम को अंजाम नहीं दे सकता है। ऐसे में अगर मामले की तह तक एंटी करप्शन जाएगी, तो कइयों के गर्दन फंसेंगे। यही वजह है कि बुधवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद निगम में कई तरह की चर्चा जोरों पर थी।
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एंटी करप्शन की गिरफ्तारी के बाद खुलने लगी पोल
भीमापार में किराए के मकान में रहकर करता था यह धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सहायक लेखाकार अवनीश कुमार सिंह ही जिले में बिजली निगम की डीलिंग करता था। कोई भी काम हो, उसके लिए आसान खेल था। विजलेंस की टीम पकड़ी हो या फिर बड़ा जुर्माना लगाया हो, निगम की ओर से लगाए गए जुर्माने हों, सबकी डीलिंग उसके हाथों में थी। गिरफ्तारी के बाद यह पोल खुलने लगे। सूत्र बताते हैं कि भीमापार के एक किराए के मकान में उसकी सारी डीलिंग होती थी।
ठेकेदार से घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार सहायक लेखाकार अवनीश कुमार सिंह बेहद कम समय में ही अधिकारियों का चहेता बन गया था। कम समय की नौकरी में उसने आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां अपने और परिजनों के नाम करा लिया था। इस काम में उसके साथ निगम का एक और कर्मी भी जुड़ा हुआ है, जो उसके कामों में सहयोग करता है। सूत्रों की माने तो शहर और कस्बों की डीलिंग अवनीश कुमार सिंह के हाथों में थी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उसने एक प्राइवेट कर्मी को अपने साथ रखे हुए था। भीमापार में वह जिस किराए के मकान में रहता था। वहां भी उसने लग्जरी व्यवस्था कर रखी थी। यही वजह है कि वह सभी डीलिंग उसी किराए के मकान से करता था। सूत्रों की माने तो विजलेंस की टीम जब बड़े व्यापारियों के घर छापेमारी करती थी, तो जुर्माने की राशि के अनुसार उसकी डीलिंग अविनाश करता था। इसकी वजह से एक तरफ निगम को तो चूना लगता ही था। दूसरी ओर उसकी जेबें भरती थीं।
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सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इस काम में निगम के बड़े लोग भी शामिल हैं। क्योंकि अकेले वह इस काम को अंजाम नहीं दे सकता है। ऐसे में अगर मामले की तह तक एंटी करप्शन जाएगी, तो कइयों के गर्दन फंसेंगे। यही वजह है कि बुधवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद निगम में कई तरह की चर्चा जोरों पर थी।
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