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मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा, एंबुलेंस सेवा में तैनात नए कर्मियों से त्वरित सेवा में दिक्कत

Fri, 06 Aug 2021 10:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 10:42 PM IST
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ambulance problem in siddharthnagar
जिला अस्पताल पर इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा, एंबुलेंस सेवा में तैनात नए कर्मियों से त्वरित सेवा में दिक्कत
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- जिला अस्पताल इमरजेंसी के सामने खड़ी हो रही निजी एंबुलेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में एंबुलेंसकर्मियों के नए चेहरों से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें लोकेशन समझने में घंटों लग जा रहे। ऐसे में तीमारदारों को निजी एंबुलेंस सेवा लेनी मजबूरी हो गई है। डिस्चार्ज और रेफर की स्थिति में जिला अस्पताल के इमरजेंसी के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है।
एंबुलेंस संचालन का जिम्मा पाए सेवा प्रदाता के बदलने से जिले में चल रही एंबुलेंस पर तैनात चालक और ईएमटी को भी हटा दिया गया। उनके स्थान पर नए लोगों की भर्ती भी की जा रही है। जनपद में 290 चालक, ईएमटी के सापेक्ष अभी शत-प्रतिशत तैनाती नहीं हो सकी है। अब तक 75 प्रतिशत ही तैनाती हो सकी है। इसके बाद भी तीमारदारों की ओर से 102, 108 अथवा एएलएस एंबुलेंस सेवा पाने के लिए टोल फ्री नंबर पर मिलाया जा रहा तो जिले में संबंधित एंबुलेंस चालक को लोकेशन बताया जा रहा है। उन्हें जिल के उन क्षेत्रों की लोकेशन ट्रेस करने में घंटों लग जा रहा है। लिहाजा मजबूर होकर तीमारदार निजी एंबुलेंस सेवा लेने की वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढ रहे हैं। सरकारी एंबुलेंस सेवा की बदहाली का फायदा अब निजी एंबुलेंस संचालक भी उठाने से नहीं चूक रहे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों के डिस्चार्ज होने अथवा रेफर की स्थिति में तीमारदारों को इमरजेंसी वार्ड के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेने की मजबूरी हो चुकी है। उन्हें बेहतर सेवा लेने के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च करना पड़ रहा है।
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65 एंबुलेंस की व्यवस्था
सरकारी स्तर पर जिले में 102, 108, एएलएस के कुल 65 एंबुलेंस का संचालन है। सेवा प्रदाता बदलने के बाद जिले में पुराने कर्मियों ने आंदोलन भी चलाया। बाद में उन्हें सेवा से पृथक करते हुए नए के चयन की प्रक्रिया हुई, पर साक्षात्कार के बाद भी शत-प्रतिशत कर्मियों की तैनाती नहीं हो सकी है। लिहाजा पहले की स्थिति बहाल नहीं हो सकी है।
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290 के सापेक्ष दो हजार का हुआ था साक्षात्कार
बीते सप्ताह सीएमओ कार्यालय के अचल प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में जिले के लिए 290 एंबुलेंस कर्मियों के सापेक्ष हुए साक्षात्कार में दो हजार शामिल हुए थे। तीन दिनों तक सीएमओ कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

जिले में सरकारी एंबुलेंस सेवा पहले जैसी स्थिति में बहाल हो चुकी है। मरीजों और तीमारदारों को त्वरित गति से सेवा दी जा रही है। नए कर्मियों के चयन से कभी कभार लेट होना स्वाभाविक है। जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगा।
- डॉ. संदीप चौधरी, मुख्य चिकित्साधिकारी
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