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Siddharthnagar News: पीड़ित बालिका का बयान हमेशा महिला पुलिसकर्मी से ही कराएं
Tue, 13 Feb 2024 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Feb 2024 12:14 AM IST
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पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित हुआ कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को बालकों के विरुद्ध अपराध व उनके देखरेख एवं संरक्षण के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने जनपद में बच्चों के साथ घटित अपराध के संबंध में समस्त बाल कल्याण अधिकारियों को उनके दायित्वों के बारे में अवगत कराते हुए बताया गया कि बच्चों के साथ घटित अपराध में पीड़ित बालक, बालिका को 24 घंटे अन्दर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
बिना बाल कल्याण समिति के अवगत कराए बच्चों को वन स्टाप सेंटर में आवासित नहीं कराएं। अपर पुलिस सिद्धार्थ ने थाने से आए हुए बाल कल्याण अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों से संबंधित अपराध में पीडि़त बालिका का बयान हमेशा महिला पुलिसकर्मी से ही कराएं तथा पीडि़ता की पहचान किसी भी दशा में उजागर न होने दें। बच्चों के प्रकरण में पुलिस संवेदनशील होकर कर काम करें। पीड़ित को सुरक्षा का अहसास कराएं। इस दौरान सभी थानों से पुलिसकर्मी आए हुए थे।
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सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को बालकों के विरुद्ध अपराध व उनके देखरेख एवं संरक्षण के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने जनपद में बच्चों के साथ घटित अपराध के संबंध में समस्त बाल कल्याण अधिकारियों को उनके दायित्वों के बारे में अवगत कराते हुए बताया गया कि बच्चों के साथ घटित अपराध में पीड़ित बालक, बालिका को 24 घंटे अन्दर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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बिना बाल कल्याण समिति के अवगत कराए बच्चों को वन स्टाप सेंटर में आवासित नहीं कराएं। अपर पुलिस सिद्धार्थ ने थाने से आए हुए बाल कल्याण अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों से संबंधित अपराध में पीडि़त बालिका का बयान हमेशा महिला पुलिसकर्मी से ही कराएं तथा पीडि़ता की पहचान किसी भी दशा में उजागर न होने दें। बच्चों के प्रकरण में पुलिस संवेदनशील होकर कर काम करें। पीड़ित को सुरक्षा का अहसास कराएं। इस दौरान सभी थानों से पुलिसकर्मी आए हुए थे।
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