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कालानमक के बाद मछली से बढ़ेगी जिले की पहचान
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कालानमक के बाद मछली से बढ़ेगी जिले की पहचान
सिद्धार्थनगर/बढ़नी। मछली पालन से तरक्की की डगर पर बढ़ने वाले बढ़नी के अकरहरा गांव के किसानों को अब और मदद मिल सकती है। इस गांव के किसानों का समूह अब मछली पालन के साथ मछली बीज और दाना भी तैयार करेगा। जिला प्रशासन ने मत्स्य विभाग की योजना के अंतर्गत 16.8 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत होने की संभावना है।
किसानों की आय दोगुनी करने की योजना अकरहरा गांव में साकार हो रही है। कालानमक चावल के बाद मछली पालन से भी जिले को नई पहचान मिल सकती है। अकरहरा गांव मछली पालन का मॉडल बन गया है। यहां के वकार अनवर फैज ने बताया कि गांव में 500 हेक्टेयर में तालाब है। दो सौ परिवार वाले गांव में हर व्यक्ति को मछली से रोजगार प्राप्त हो रहा है। गांव के शहबाज अनवर, लकी हैदर, सुल्तान अनवर, आमिर खान, याशिर महबूब, तौकीर हैदर, सीमाब अख्तर ने मछली पालन से दूसरों को भी रोजगार दिया है।
वे बताते हैं कि अकरहरा में प्रतिवर्ष 12 हजार टन मछलियां होती हैं, जिन्हें आसपास के जिलों में बेचा जाता है। अकरहरा में इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष 15 करोड़ रुपये का टर्नओवर है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कालानमक की तर्ज पर मछली पालन में बेहतर कार्य करने की योजना बनाई। मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम अकरहरा गांव में मछली पालन की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि अकरहरा की
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हेचरी और लैब की होगी सुविधा
प्रोजेक्ट के अनुसार, गांव में कलस्टर के माध्यम से हेचरी का संचालन किया जाएगा, जबकि मछली दाना के लिए मिल लगाई जाएगी। बीमारियों की जांच के लिए स्वचालित लैब होगी। इसमें 25 नए तालाब का भी निर्माण होना है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से आय बढ़ाने की योजना है। वर्तमान में एक एकड़ मछली उत्पादन से दो से 2.5 लाख रुपये की आय प्रति वर्ष होती है। उसे साढ़े तीन लाख रुपये तक करने की योजना है। मछली पालन से 10 हजार किसानों का जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि 40 से 50 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके।
जिले के बढ़नी ब्लॉक के अकरहरा गांव में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 16.8 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिले में बढ़नी के अलावा खुनियाव व नौगढ़ के अलावा अन्य क्षेत्रों में किसान मछली पालन में रुचि ले रहे हैं। मछली पालन को प्रोत्साहन देकर किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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सिद्धार्थनगर/बढ़नी। मछली पालन से तरक्की की डगर पर बढ़ने वाले बढ़नी के अकरहरा गांव के किसानों को अब और मदद मिल सकती है। इस गांव के किसानों का समूह अब मछली पालन के साथ मछली बीज और दाना भी तैयार करेगा। जिला प्रशासन ने मत्स्य विभाग की योजना के अंतर्गत 16.8 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत होने की संभावना है।
किसानों की आय दोगुनी करने की योजना अकरहरा गांव में साकार हो रही है। कालानमक चावल के बाद मछली पालन से भी जिले को नई पहचान मिल सकती है। अकरहरा गांव मछली पालन का मॉडल बन गया है। यहां के वकार अनवर फैज ने बताया कि गांव में 500 हेक्टेयर में तालाब है। दो सौ परिवार वाले गांव में हर व्यक्ति को मछली से रोजगार प्राप्त हो रहा है। गांव के शहबाज अनवर, लकी हैदर, सुल्तान अनवर, आमिर खान, याशिर महबूब, तौकीर हैदर, सीमाब अख्तर ने मछली पालन से दूसरों को भी रोजगार दिया है।
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वे बताते हैं कि अकरहरा में प्रतिवर्ष 12 हजार टन मछलियां होती हैं, जिन्हें आसपास के जिलों में बेचा जाता है। अकरहरा में इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष 15 करोड़ रुपये का टर्नओवर है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कालानमक की तर्ज पर मछली पालन में बेहतर कार्य करने की योजना बनाई। मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम अकरहरा गांव में मछली पालन की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि अकरहरा की
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हेचरी और लैब की होगी सुविधा
प्रोजेक्ट के अनुसार, गांव में कलस्टर के माध्यम से हेचरी का संचालन किया जाएगा, जबकि मछली दाना के लिए मिल लगाई जाएगी। बीमारियों की जांच के लिए स्वचालित लैब होगी। इसमें 25 नए तालाब का भी निर्माण होना है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से आय बढ़ाने की योजना है। वर्तमान में एक एकड़ मछली उत्पादन से दो से 2.5 लाख रुपये की आय प्रति वर्ष होती है। उसे साढ़े तीन लाख रुपये तक करने की योजना है। मछली पालन से 10 हजार किसानों का जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि 40 से 50 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके।
जिले के बढ़नी ब्लॉक के अकरहरा गांव में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 16.8 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिले में बढ़नी के अलावा खुनियाव व नौगढ़ के अलावा अन्य क्षेत्रों में किसान मछली पालन में रुचि ले रहे हैं। मछली पालन को प्रोत्साहन देकर किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी