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Siddharthnagar News: स्कूली वाहनों का फिटनेस नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
Mon, 05 Jun 2023 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 05 Jun 2023 11:17 PM IST
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सिद्धार्थनगर। विद्यालय में बच्चों को लाने और ले जाने के लिए अगर वाहन रखा है विद्यालय खुलने से पहले उसका फिटनेस जांच करवाकर प्रमाणपत्र ले लें। क्योंकि कंडम और अनफिट वाहन विद्यालय में किसी भी हाल में नहीं चलेंगे। विद्यालय शुरू होने के साथ ही सहायक संभागीय परिवहन विभाग की ओर से जांच की जाएगी। इसमें अनफिट मिलने पर वाहन सीज करने की भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए विभाग की ओर से कवायद शुरू हो गई है।
अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग और कंडम वाहन से विद्यालय के बच्चों को लाने और ले जाने से अकसर हादसे हो जाते हैं। जिले में भी इस प्रकार के कई हादसे पूर्व में हो चुके हैं। लेकिन विद्यालय प्रबंधन को इसका कोई असर नहीं पड़ता है। नए सत्र में विद्यालय खुले तो वाहनों का संचालन तय है। कारण इसमें महीने की अच्छी कमाई हो जाती है। लेकिन विद्यालय प्रबंधन चालक प्रशिक्षित है या नहीं, वाहन चलने योग्य हैै या नहीं इस पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पर अब यह चलने वाला नहीं है। क्योंकि जांच में वाहन अनफिट मिलने और हादसे में किसी बच्चे की जान जाने पर विद्यालय प्रबंधन के साथ ही चालक पर भी कार्रवाई होगी। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने विद्यालय शुरू होने से पहले खराब वाहनों की सर्विसिंग और फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आदेश दिया है। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होने की जाएगी। आकड़ों के मुताबिक जिले में 530 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें मैजिक आठ सीट, वैन, छोटी और बड़ी बसें शामिल हैं। इस संबंध में एआरटीओ अरुण प्रकाश चौबे ने बताया कि विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह लोग वाहनों की जांच करवाकर फिटनेस प्रमाण पत्र ले लें। क्योंकि विद्यालय का संचालन शुरू होने पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। मानक के विहीन चलते हुए पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग और कंडम वाहन से विद्यालय के बच्चों को लाने और ले जाने से अकसर हादसे हो जाते हैं। जिले में भी इस प्रकार के कई हादसे पूर्व में हो चुके हैं। लेकिन विद्यालय प्रबंधन को इसका कोई असर नहीं पड़ता है। नए सत्र में विद्यालय खुले तो वाहनों का संचालन तय है। कारण इसमें महीने की अच्छी कमाई हो जाती है। लेकिन विद्यालय प्रबंधन चालक प्रशिक्षित है या नहीं, वाहन चलने योग्य हैै या नहीं इस पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पर अब यह चलने वाला नहीं है। क्योंकि जांच में वाहन अनफिट मिलने और हादसे में किसी बच्चे की जान जाने पर विद्यालय प्रबंधन के साथ ही चालक पर भी कार्रवाई होगी। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने विद्यालय शुरू होने से पहले खराब वाहनों की सर्विसिंग और फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आदेश दिया है। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होने की जाएगी। आकड़ों के मुताबिक जिले में 530 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें मैजिक आठ सीट, वैन, छोटी और बड़ी बसें शामिल हैं। इस संबंध में एआरटीओ अरुण प्रकाश चौबे ने बताया कि विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह लोग वाहनों की जांच करवाकर फिटनेस प्रमाण पत्र ले लें। क्योंकि विद्यालय का संचालन शुरू होने पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। मानक के विहीन चलते हुए पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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