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गर्भवती महिला को जानबूझ कर रेफर करने पर होगी कार्रवाई : डीएम
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-नेतागिरी व गुटबाजी से होता है कार्य प्रभावित, होगी कार्रवाई: डीएम
-सीएचसी व पीएचसी में पीने के पानी की और साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर हो
-बीसीपीएम पांच-पांच घरों का रेंडमली निरीक्षण कर करेंगे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के प्रगति की समीक्षा करते हुए समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सीएचसी व पीएचसी में पीने के पानी की और साफ-सफाई व्यवस्था होना चाहिए। सभी बीसीपीएम को निर्देश दिया कि नये बच्चों के जन्म पर आशा से प्राप्त रिपोर्ट की फीडिंग सही समय पर की जाये।
उन्होंने आगे कहा कि गांव में जाकर बीसीपीएम पांच-पांच घरों का रेंडमली निरीक्षण कर जांच करेंगे। समस्त बीसीपीएम अनावश्यक कार्यालय में नहीं बैठेंगे, आशा के माध्यम से जन्म लेने वाले बच्चों की फीडिंग सुनिश्चित करें। इसकी प्रगति समस्त पीएचसी, सीएचसी पर 95 प्रतिशत होना चाहिए। सभी आशाओं को दी गयी किट को भी चेक करें, उसके पास पूरी सामग्री है अथवा नहीं। अस्पताल परिसर में किसी भी तरह की नेतागिरी, गुटबाजी कदापि नहीं होनी चाहिए। इससे स्वास्थ्य विभाग का कार्य प्रभावित होता है। शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को रेडियल फार्मर व अन्य मेडिकल सामग्री आपूर्ति करने के लिए जेम पोर्टल पर सभी औपचारिकतायें पूर्ण कर तीन अगस्त 2024 की शाम 6 बजे तक पत्रावली प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीसीपीएम को निर्देश दिया कि एनएचएम के तहत शासनादेश में दिये गये गाइडलाइन के अनुसार जो भी स्वास्थ्य से संबधित सामग्रियां क्रय की जानी है उसे शीघ्र जेम पेार्टल पर निविदा आमंत्रित कर लिया जाये। उन्होंने सभी एमओआईसी, डैम, डीसीपीएम व अन्य नोडल अधिकारियोंं को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य से संबधित जो भी उपकरण की आपूर्ति की जानी है, उसकी पत्रावली तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
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जिला अस्पताल में दलालों का प्रवेश वर्जित
जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कालेज, सीएमओ, सीएमएस, समस्त एमओआईसी को निर्देश देते हुए कहा कि किसी गर्भवती महिला को जानबूझ कर किसी अन्य जगह रेफर कदापि न किया जाये। इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। पूरी ईमानदारी के साथ गर्भवती महिलाओं व बीमार व्यक्तियों के साथ अच्छा व्यवहार करें। जिला चिकित्सालय परिसर में दलाल कदापि न रहें। इसकी कड़ी निगरानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्राचार्य मेडिकल कालेज की है। उपजिलाधिकारी की टीम भेजकर दलालों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान सीडीओ जयेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कालेज डाॅ. राजेश मोहन, सीएमओ डाॅ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमएस डाॅ. एके झा, जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान, डीपीआरओ पवन कुमार उपस्थित रहे।
गौशाला में गोवंश कम मिलने पर सीबीओ से मांगा स्पष्टीकरण
फोटो-
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने बांसी ब्लॉक के गोवंश आश्रय स्थल खजुरिया का निरीक्षण किया। गौशाला में सोलर पैनल खराब था, लाइट व पानी की व्यवस्था तथा साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। गौशाला की क्षमता के सापेक्ष गोवंश कम पाये गये। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बीडीओ बांसी को गांव से गौशाला जाने के लिए तथा गौशाला के अंदर चारों तरफ 15 दिन में खड़जा लगवाने का निर्देश दिया। मौके पर रजिस्टर नहीं दिखा पाने पर नाराजगी व्यक्त की। ग्राम पंचायत उसका, खजुरिया में डीएम ने भ्रमण कर लोगों से वार्ता की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लेखपाल व सेक्रेटरी नहीं आते हैं। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बांसी को ग्राम की सभी व्यवस्थाएं ठीक कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि लेखपाल एवं सेक्रेटरी का शेड्यूल तय करने तथा फोन नंबर चस्पा कराने का निर्देश दिया।
-सीएचसी व पीएचसी में पीने के पानी की और साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर हो
-बीसीपीएम पांच-पांच घरों का रेंडमली निरीक्षण कर करेंगे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के प्रगति की समीक्षा करते हुए समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सीएचसी व पीएचसी में पीने के पानी की और साफ-सफाई व्यवस्था होना चाहिए। सभी बीसीपीएम को निर्देश दिया कि नये बच्चों के जन्म पर आशा से प्राप्त रिपोर्ट की फीडिंग सही समय पर की जाये।
उन्होंने आगे कहा कि गांव में जाकर बीसीपीएम पांच-पांच घरों का रेंडमली निरीक्षण कर जांच करेंगे। समस्त बीसीपीएम अनावश्यक कार्यालय में नहीं बैठेंगे, आशा के माध्यम से जन्म लेने वाले बच्चों की फीडिंग सुनिश्चित करें। इसकी प्रगति समस्त पीएचसी, सीएचसी पर 95 प्रतिशत होना चाहिए। सभी आशाओं को दी गयी किट को भी चेक करें, उसके पास पूरी सामग्री है अथवा नहीं। अस्पताल परिसर में किसी भी तरह की नेतागिरी, गुटबाजी कदापि नहीं होनी चाहिए। इससे स्वास्थ्य विभाग का कार्य प्रभावित होता है। शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
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डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को रेडियल फार्मर व अन्य मेडिकल सामग्री आपूर्ति करने के लिए जेम पोर्टल पर सभी औपचारिकतायें पूर्ण कर तीन अगस्त 2024 की शाम 6 बजे तक पत्रावली प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीसीपीएम को निर्देश दिया कि एनएचएम के तहत शासनादेश में दिये गये गाइडलाइन के अनुसार जो भी स्वास्थ्य से संबधित सामग्रियां क्रय की जानी है उसे शीघ्र जेम पेार्टल पर निविदा आमंत्रित कर लिया जाये। उन्होंने सभी एमओआईसी, डैम, डीसीपीएम व अन्य नोडल अधिकारियोंं को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य से संबधित जो भी उपकरण की आपूर्ति की जानी है, उसकी पत्रावली तीन दिन के अंदर प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
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जिला अस्पताल में दलालों का प्रवेश वर्जित
जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कालेज, सीएमओ, सीएमएस, समस्त एमओआईसी को निर्देश देते हुए कहा कि किसी गर्भवती महिला को जानबूझ कर किसी अन्य जगह रेफर कदापि न किया जाये। इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। पूरी ईमानदारी के साथ गर्भवती महिलाओं व बीमार व्यक्तियों के साथ अच्छा व्यवहार करें। जिला चिकित्सालय परिसर में दलाल कदापि न रहें। इसकी कड़ी निगरानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्राचार्य मेडिकल कालेज की है। उपजिलाधिकारी की टीम भेजकर दलालों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान सीडीओ जयेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कालेज डाॅ. राजेश मोहन, सीएमओ डाॅ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमएस डाॅ. एके झा, जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान, डीपीआरओ पवन कुमार उपस्थित रहे।
गौशाला में गोवंश कम मिलने पर सीबीओ से मांगा स्पष्टीकरण
फोटो-
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने बांसी ब्लॉक के गोवंश आश्रय स्थल खजुरिया का निरीक्षण किया। गौशाला में सोलर पैनल खराब था, लाइट व पानी की व्यवस्था तथा साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। गौशाला की क्षमता के सापेक्ष गोवंश कम पाये गये। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बीडीओ बांसी को गांव से गौशाला जाने के लिए तथा गौशाला के अंदर चारों तरफ 15 दिन में खड़जा लगवाने का निर्देश दिया। मौके पर रजिस्टर नहीं दिखा पाने पर नाराजगी व्यक्त की। ग्राम पंचायत उसका, खजुरिया में डीएम ने भ्रमण कर लोगों से वार्ता की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लेखपाल व सेक्रेटरी नहीं आते हैं। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बांसी को ग्राम की सभी व्यवस्थाएं ठीक कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि लेखपाल एवं सेक्रेटरी का शेड्यूल तय करने तथा फोन नंबर चस्पा कराने का निर्देश दिया।