{"_id":"62f693f77e85e051e4447aa0","slug":"abbas-day-celebrated-siddharthnagar-news-gkp446931033","type":"story","status":"publish","title_hn":"हजरत अब्बास की शान में पेश किया कलाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हजरत अब्बास की शान में पेश किया कलाम
विज्ञापन
बेंवा में अब्बास डे पर मजलिस को संबोधित करते मौलाना शाकिर अब्बास।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हजरत अब्बास की शान में पेश किया कलाम
डुमरियागंज के बेंवा मुस्तफा में अब्बास डे का आयोजन
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेंवा मुस्तफा में अंजुमन मजलूमिया मातम के बैनर तले बृहस्पतिवार रात अब्बास डे मनाया गया। शायर नफीस हल्लौरी, बेताब हल्लौरी, सावन हल्लौरी, शहजादा तस्कीन वारसी, अम्मार हल्लौरी, कायनात हल्लौरी ने इमाम हुसैन के बहादुर भाई हजरत अब्बास की शान में कलाम पेश किया।
नफीस हल्लौरी ने पढ़ा कि ग़ाजी का अलम चूम के कह उठे फरिश्ते-जन्नत की हवा और है परचम की हवा और...। इसके बाद संतकबीरनगर से आए मौलाना शाकिर अब्बास ने मजलिस को संबोधित किया। कहा कि इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास, बहादुर व ताकतवर थे। हजरत अली ने अल्लाह से दुआ की थी कि ...मुझे अब्बास जैसा बेटा दे, जो हुसैन के मुश्किल में काम आ सके...। कर्बला में इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी।
इस मौके पर बाहर से आई अंजुमन काजमीया नौवागांव, अंजुमन फैजे पंजतनी तिलगाड़िया, अंजुमन हैदरी हल्लौर, अंजुमन गुलजारे पंजतनी हटवा, अंजुमन तबलीगे अजा तिलगाड़िया, अंजुमन इमामिया जमौतिया सादात, अंजुमन हैदरी टड़वा के अकीदतमंदों ने नौहाखानी-मातम किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में अजीम हल्लौरी, हैदर रजा, गुलाम अब्बास, अबरार हुसैन, अंसार हुसैन, मुहम्मद अकरम, शब्बर रजा, अशफाक, सरफ़राज समेत बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
डुमरियागंज के बेंवा मुस्तफा में अब्बास डे का आयोजन
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेंवा मुस्तफा में अंजुमन मजलूमिया मातम के बैनर तले बृहस्पतिवार रात अब्बास डे मनाया गया। शायर नफीस हल्लौरी, बेताब हल्लौरी, सावन हल्लौरी, शहजादा तस्कीन वारसी, अम्मार हल्लौरी, कायनात हल्लौरी ने इमाम हुसैन के बहादुर भाई हजरत अब्बास की शान में कलाम पेश किया।
नफीस हल्लौरी ने पढ़ा कि ग़ाजी का अलम चूम के कह उठे फरिश्ते-जन्नत की हवा और है परचम की हवा और...। इसके बाद संतकबीरनगर से आए मौलाना शाकिर अब्बास ने मजलिस को संबोधित किया। कहा कि इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास, बहादुर व ताकतवर थे। हजरत अली ने अल्लाह से दुआ की थी कि ...मुझे अब्बास जैसा बेटा दे, जो हुसैन के मुश्किल में काम आ सके...। कर्बला में इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी।
विज्ञापन
इस मौके पर बाहर से आई अंजुमन काजमीया नौवागांव, अंजुमन फैजे पंजतनी तिलगाड़िया, अंजुमन हैदरी हल्लौर, अंजुमन गुलजारे पंजतनी हटवा, अंजुमन तबलीगे अजा तिलगाड़िया, अंजुमन इमामिया जमौतिया सादात, अंजुमन हैदरी टड़वा के अकीदतमंदों ने नौहाखानी-मातम किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में अजीम हल्लौरी, हैदर रजा, गुलाम अब्बास, अबरार हुसैन, अंसार हुसैन, मुहम्मद अकरम, शब्बर रजा, अशफाक, सरफ़राज समेत बड़ी संख्या में अक़ीदतमंद मौजूद रहे।