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Siddharthnagar News: प्यार में लांघ रही थी नेपाल सीमा, एसएसबी ने बचाया
Mon, 16 Oct 2023 10:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 16 Oct 2023 10:38 AM IST
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एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने संदेह होने पकड़ा, एएचटीयू को सौंपा
- घर से बिना बताए नेपाल में युवक से जा रही थी मिलने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने शनिवार को एक नाबालिग लड़की को तस्करी होने से बचा लिया। पूछताछ करने के बाद एएचटीयू को सौंप दिया। लड़की परिवार के लोगों को जानकारी दिए बिना नेपाल में एक युवक से मिलने जा रही थी।
कमांडिंग अधिकारी शक्ति ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि चेक पोस्ट ककरहवा के रास्ते एक भारतीय नाबालिग लड़की भारत से नेपाल जाने वाली है। सूचना प्राप्त होते ही सीमा चौकी ककरहवा के सीमा पिलर संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट पर तैनात सहायक उप निरीक्षक केशव राम के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी सुनील कुमार चौरसिया, आरक्षी राजेंद्र कुमार, आरक्षी यंदी रामकृष्णन, आरक्षी अनोखी, मीना अलर्ट हो गईं। इसके बाद नेपाल से भारत एवं भारत से नेपाल आने-जाने वाले व्यक्तियों की गहन रूप से जांच शुरू कर दी।
इसी क्रम में चेक पोस्ट ड्यूटी पर तैनात जवानों ने देखा कि चेक पोस्ट के रास्ते एक नाबालिग लड़की भारतीय प्रभाग से नेपाल की तरफ जा रही है। संदेह के आधार पर जवान लड़की से पूछताछ करने लगे तो वह नेपाल जाने का सही कारण नहीं बता पा रही थी।
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मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर मौके पर समवाय कमांडर एवं एएचटीयू 66वीं वाहिनी को सूचित कर बुलाया गया। महिला आरक्षी और मानव सेवा संस्थान की पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसके बगल के गांव के निवासी शहीद ने उसे नेपाल में मिलने के लिए बुलाया है। वह अपने घरवालों को बिना बताए उस लड़के से मिलने नेपाल जा रही है।
मानव सेवा संस्थान के माध्यम से उक्त नाबालिग लड़की के बताए गए नंबर से उसके घरवालों के साथ संपर्क स्थापित करने का प्रयत्न किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। चूंकि लड़की नाबालिग थी तथा अपने घरवालों को बिना बताए शहीद नाम के लड़के के बहकावे में आकर नेपाल जा रही थी। इसलिए लिखा-पढ़ी करके एएचटीयू के सुपुर्द कर दिया गया।
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- घर से बिना बताए नेपाल में युवक से जा रही थी मिलने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने शनिवार को एक नाबालिग लड़की को तस्करी होने से बचा लिया। पूछताछ करने के बाद एएचटीयू को सौंप दिया। लड़की परिवार के लोगों को जानकारी दिए बिना नेपाल में एक युवक से मिलने जा रही थी।
कमांडिंग अधिकारी शक्ति ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि चेक पोस्ट ककरहवा के रास्ते एक भारतीय नाबालिग लड़की भारत से नेपाल जाने वाली है। सूचना प्राप्त होते ही सीमा चौकी ककरहवा के सीमा पिलर संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट पर तैनात सहायक उप निरीक्षक केशव राम के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी सुनील कुमार चौरसिया, आरक्षी राजेंद्र कुमार, आरक्षी यंदी रामकृष्णन, आरक्षी अनोखी, मीना अलर्ट हो गईं। इसके बाद नेपाल से भारत एवं भारत से नेपाल आने-जाने वाले व्यक्तियों की गहन रूप से जांच शुरू कर दी।
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इसी क्रम में चेक पोस्ट ड्यूटी पर तैनात जवानों ने देखा कि चेक पोस्ट के रास्ते एक नाबालिग लड़की भारतीय प्रभाग से नेपाल की तरफ जा रही है। संदेह के आधार पर जवान लड़की से पूछताछ करने लगे तो वह नेपाल जाने का सही कारण नहीं बता पा रही थी।
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मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर मौके पर समवाय कमांडर एवं एएचटीयू 66वीं वाहिनी को सूचित कर बुलाया गया। महिला आरक्षी और मानव सेवा संस्थान की पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसके बगल के गांव के निवासी शहीद ने उसे नेपाल में मिलने के लिए बुलाया है। वह अपने घरवालों को बिना बताए उस लड़के से मिलने नेपाल जा रही है।
मानव सेवा संस्थान के माध्यम से उक्त नाबालिग लड़की के बताए गए नंबर से उसके घरवालों के साथ संपर्क स्थापित करने का प्रयत्न किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। चूंकि लड़की नाबालिग थी तथा अपने घरवालों को बिना बताए शहीद नाम के लड़के के बहकावे में आकर नेपाल जा रही थी। इसलिए लिखा-पढ़ी करके एएचटीयू के सुपुर्द कर दिया गया।