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पुल जर्जर, हादसे की आशंका
Siddhartha nagar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के निर्देश के बावजूद पिठनी पायल ब्रिज पर भारी वाहनों का गुजरना नहीं थमा। वर्षों पुरानी लकड़ी से बना यह पुल अब काफी जर्जर हो चुका है। बालू लदी ट्रालियों के अलावा साइकिल, मोटरसाइकिल, जीपों का आवागमन जारी है। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।
नौगढ़-सोहांस मार्ग पर स्थित पिठनी पायल पुल महदेवा, पटनी जंगल, धौरीकुइंया, कबुलिहा, दुर्जनपुर, मोहनजोत सहित कई गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अब यह पुल जर्जर हो चुका है। विभाग ने इसकी मरम्मत की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस पुल के कमजोर होने पर गंभीर हादसे की आशंका जताते हुए इसके दोनों ओर बोर्ड चस्पा कर दिया है। इस बोर्ड पर राहगीरों को चेताया गया है कि तीन कुंटल से अधिक भार वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
दर्जनों बार स्थानीय नागरिकों ने इस पुल की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक सूचना दी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। थौरीकुंड निवासी इंद्रजीत का कहना है कि वर्षों पुराना पुल होने के कारण आने-जाने में हमें सोचने पर विवश हो जाना पड़ता है। जीपों से लेकर ट्रालियों के गुजरने से स्थितियां और भी गंभीर हो जा रही हैं। मरम्मत न होने से यह पुल दिन प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है। सोहांस बाजार निवासी मोहित बताते हैं कि काफी संख्या में राहगीरों को इसी पुल के रास्ते नौगढ़ आना-जाना पड़ता है। जोखिम लेकर लोग इस पर से गुजरते हैं। श्रीरामपुर निवासी अर्जुन ने बताया कि इस पुल की मरम्मत के लिए दर्जनों बार लिखित और मौखिक अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक पुल की मरम्मत तो दूर, अधिकारियों ने इसका निरीक्षण करना तक मुनासिब नहीं समझा। ग्राम पटनी जंगल निवासी मुरारी कहते हैं कि जनहित में इस पुल की जगह पक्का पुल का निर्माण होना चाहिए। नेता सिर्फ वोट के लिए इसे मुद्दा बनाते हैं, लेकिन बाद में खामोश बैठ जाते हैं। जनता को भी जागरूक होना चाहिए। यदि यह पुल टूट गया तो 250 गांवों का संपर्क सीधे मुख्यालय से टूट जाएगा।
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इस बाबत एडीएम डॉक्टर राममनोहर मिश्रा का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग से पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यदि वास्तव में पुल जर्जर है तो इसकी मरम्मत कर राहगीरों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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नौगढ़-सोहांस मार्ग पर स्थित पिठनी पायल पुल महदेवा, पटनी जंगल, धौरीकुइंया, कबुलिहा, दुर्जनपुर, मोहनजोत सहित कई गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अब यह पुल जर्जर हो चुका है। विभाग ने इसकी मरम्मत की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस पुल के कमजोर होने पर गंभीर हादसे की आशंका जताते हुए इसके दोनों ओर बोर्ड चस्पा कर दिया है। इस बोर्ड पर राहगीरों को चेताया गया है कि तीन कुंटल से अधिक भार वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित है।
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दर्जनों बार स्थानीय नागरिकों ने इस पुल की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक सूचना दी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। थौरीकुंड निवासी इंद्रजीत का कहना है कि वर्षों पुराना पुल होने के कारण आने-जाने में हमें सोचने पर विवश हो जाना पड़ता है। जीपों से लेकर ट्रालियों के गुजरने से स्थितियां और भी गंभीर हो जा रही हैं। मरम्मत न होने से यह पुल दिन प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है। सोहांस बाजार निवासी मोहित बताते हैं कि काफी संख्या में राहगीरों को इसी पुल के रास्ते नौगढ़ आना-जाना पड़ता है। जोखिम लेकर लोग इस पर से गुजरते हैं। श्रीरामपुर निवासी अर्जुन ने बताया कि इस पुल की मरम्मत के लिए दर्जनों बार लिखित और मौखिक अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक पुल की मरम्मत तो दूर, अधिकारियों ने इसका निरीक्षण करना तक मुनासिब नहीं समझा। ग्राम पटनी जंगल निवासी मुरारी कहते हैं कि जनहित में इस पुल की जगह पक्का पुल का निर्माण होना चाहिए। नेता सिर्फ वोट के लिए इसे मुद्दा बनाते हैं, लेकिन बाद में खामोश बैठ जाते हैं। जनता को भी जागरूक होना चाहिए। यदि यह पुल टूट गया तो 250 गांवों का संपर्क सीधे मुख्यालय से टूट जाएगा।
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इस बाबत एडीएम डॉक्टर राममनोहर मिश्रा का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग से पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यदि वास्तव में पुल जर्जर है तो इसकी मरम्मत कर राहगीरों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।