{"_id":"71-52974","slug":"Siddhartha-nagar-52974-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"बचपन की भूख का मंचन कर दी प्रेरणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बचपन की भूख का मंचन कर दी प्रेरणा
Siddhartha nagar
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममता गृह जगमोहिनी के बालकों ने बुधवार को बचपन की भूख नाटक का मंचन किया। नाटक में कबाड़ बीनने वाले बच्चे मुन्ना का जीवंत अभिनय कर चंचल ने सभी की आंखें नम कर दीं। नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये बच्चों ने प्रेरणादायक संदेश दिया।
इस दौरान एसडीएम शिवबहादुर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। शिक्षक, अभिभावक यदि कुम्हारों की भूमिका सही ढंग से निभाएं तो इन्हें बेहतर तरीके से तराशा जा सकता है। इन्हें तराशने के लिए अपने अन्य खर्चों में कटौती कर संसाधन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए सीओ सदर रामकेवल ने कहा कि बच्चों ने जो मनोहारी नाटक प्रस्तुत कर समाज के लोगों को बचपन बचाने का संदेश दिया है, उस पर हमें गंभीरता से अमल करने की जरूरत है। इसके पूर्व समाजसेवी विद्यार्थी की भूमिका विशाल पांडेय, एसपी की भूमिका मुन्ना के अलावा अन्य भूमिका में रामशंकर और हवलदार मलखान सिंह के रूप में पंकज गुप्ता ने अभिनय किया। नाटक मंचन में वीर बहादुर, विवेक गौतम, शिवशंकर, पिकेश, अंकित कुमार, विष्णु गौतम, प्रेमप्रकाश की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रधानाचार्य संकटा प्रसाद पांडेय ने मुख्य और विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सिद्धार्थ शंकर पांडेय ने किया। इस मौके पर बृजेश द्विवेदी, महेश पासवान, कृष्णनाथ यादव, तपानाथ पांडेय, कैलाशनाथ यादव, हृदयनारायण वर्मा, विजित सिंह, राणा प्रताप सिंह, सिद्धार्थ गौतम, अली अहमद, श्याम नारायण चौबे आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस दौरान एसडीएम शिवबहादुर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। शिक्षक, अभिभावक यदि कुम्हारों की भूमिका सही ढंग से निभाएं तो इन्हें बेहतर तरीके से तराशा जा सकता है। इन्हें तराशने के लिए अपने अन्य खर्चों में कटौती कर संसाधन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए सीओ सदर रामकेवल ने कहा कि बच्चों ने जो मनोहारी नाटक प्रस्तुत कर समाज के लोगों को बचपन बचाने का संदेश दिया है, उस पर हमें गंभीरता से अमल करने की जरूरत है। इसके पूर्व समाजसेवी विद्यार्थी की भूमिका विशाल पांडेय, एसपी की भूमिका मुन्ना के अलावा अन्य भूमिका में रामशंकर और हवलदार मलखान सिंह के रूप में पंकज गुप्ता ने अभिनय किया। नाटक मंचन में वीर बहादुर, विवेक गौतम, शिवशंकर, पिकेश, अंकित कुमार, विष्णु गौतम, प्रेमप्रकाश की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रधानाचार्य संकटा प्रसाद पांडेय ने मुख्य और विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सिद्धार्थ शंकर पांडेय ने किया। इस मौके पर बृजेश द्विवेदी, महेश पासवान, कृष्णनाथ यादव, तपानाथ पांडेय, कैलाशनाथ यादव, हृदयनारायण वर्मा, विजित सिंह, राणा प्रताप सिंह, सिद्धार्थ गौतम, अली अहमद, श्याम नारायण चौबे आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन