{"_id":"5bbe3106867a5528442e714b","slug":"81539191046-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन को भेजा पत्र, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी में दर्ज कराएं नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन को भेजा पत्र, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी में दर्ज कराएं नाम
siddharthnagar
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:34 PM IST
विज्ञापन
Open Letter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपिलवस्तु। नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी की शासकीय सूची (बुक लेट) में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी ने पहल करते हुए शासन को पत्र भेजा है। इसमें अनुरोध किया गया है कि नेपाल के काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी की शासकीय सूची में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी का नाम दर्ज कराएं। जिससे यूनिवर्सिटी की डिग्री नेपाल में भी मान्य हो सके।
‘अमर उजाला’ ने तीन अक्तूबर के अंक में ‘सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की डिग्री नेपाल में मान्य नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के परिक्षेत्र में आने वाले छह जिलों के 264 कॉलेजों में नेपाल के दस हजार छात्रों के पढ़ने का जिक्र करते हुए उनकी पीड़ा बताई गई थी। छात्रों ने बताया था कि बुकलेट में नाम न होने के कारण नेपाल में उनकी डिग्री को मान्य नहीं की जा रही है। कुलसचिव यूपी सिंह ने बताया कि शासन को पत्र भेजा गया है कि जल्द से जल्द त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के शासकीय सूची (बुकलेट) में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी का नाम दर्ज कराएं। जिससे की यूनिवर्सिटी की डिग्री पर कोई सवाल न खड़े हो सके।
विज्ञापन
‘अमर उजाला’ ने तीन अक्तूबर के अंक में ‘सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की डिग्री नेपाल में मान्य नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के परिक्षेत्र में आने वाले छह जिलों के 264 कॉलेजों में नेपाल के दस हजार छात्रों के पढ़ने का जिक्र करते हुए उनकी पीड़ा बताई गई थी। छात्रों ने बताया था कि बुकलेट में नाम न होने के कारण नेपाल में उनकी डिग्री को मान्य नहीं की जा रही है। कुलसचिव यूपी सिंह ने बताया कि शासन को पत्र भेजा गया है कि जल्द से जल्द त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के शासकीय सूची (बुकलेट) में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी का नाम दर्ज कराएं। जिससे की यूनिवर्सिटी की डिग्री पर कोई सवाल न खड़े हो सके।
विज्ञापन