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ऋणमाफी के लिए छांटे जा रहे दस्तावेज
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:36 PM IST
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश सरकार की फसल ऋण माफी योजना का लाभ पात्र किसानों को देने के लिए कवायद तेज हो गई है। तहसीलों से आए आवेदनों की बैंक व शाखा वार छंटाई कराई जा रही है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र किसानों का ऋण माफ करते हुए योजना का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसकी शुरुआत जिला स्तर पर पांच सितंबर से प्रस्तावित है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रही फसल ऋण माफी योजना के तहत पहले चरण में जिले के करीब 11 हजार किसानों का कर्जा माफ होना है। लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके सभी दस्तावेज पूरे हैं। बैंक खाता और आधार नंबर का लिंक हो चुका है। योजना का लाभ देने के लिए किसानों से तहसील स्तर पर आवेदन लिए गए थे। अब कृषि भवन में सभी तहसीलों से प्राप्त दस्तावेजों को एकत्रित कर छटनी की जा रही है। बैंक वार आवेदनों की छंटाई के बाद उसे संबंधित शाखाओं में भेजा जाएगा, जो ऋणमाफी प्रदान करेंगे। उप निदेशक कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया व जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप निदेशक ने बताया कि पांच सितंबर को जिलास्तर पर कार्यक्रम के साथ योजना की जिले में शुरुआत होगी। इसके बाद अन्य तहसीलों, ब्लाकों में कार्यक्रम होंगे।
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प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रही फसल ऋण माफी योजना के तहत पहले चरण में जिले के करीब 11 हजार किसानों का कर्जा माफ होना है। लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके सभी दस्तावेज पूरे हैं। बैंक खाता और आधार नंबर का लिंक हो चुका है। योजना का लाभ देने के लिए किसानों से तहसील स्तर पर आवेदन लिए गए थे। अब कृषि भवन में सभी तहसीलों से प्राप्त दस्तावेजों को एकत्रित कर छटनी की जा रही है। बैंक वार आवेदनों की छंटाई के बाद उसे संबंधित शाखाओं में भेजा जाएगा, जो ऋणमाफी प्रदान करेंगे। उप निदेशक कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया व जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप निदेशक ने बताया कि पांच सितंबर को जिलास्तर पर कार्यक्रम के साथ योजना की जिले में शुरुआत होगी। इसके बाद अन्य तहसीलों, ब्लाकों में कार्यक्रम होंगे।
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