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Siddharthnagar News: 65 किमी लंबा सफर...छांव के लिए ठौर नहीं

Sun, 27 Jul 2025 12:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:50 AM IST
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65 km long journey...no place for shade
शहर से उसका मार्ग पर एनएच चौड़ीकरण में कट गए पेड़ लोगों को धूप से बचने के लिए नहीं मिल रहा ठौर।
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। उसका से नौगढ़ तक एनएच-730 का निर्माण अधूरा है, जबकि चौड़ीकरण के लिए एक वर्ष पहले ही किनारे के पेड़ों को काटा जा चुका है। इससे जहां जगह-जगह बिखरी गिट्टियों के बीच सतर्कता बरतते हुए गुजरना पड़ रहा है।
वहीं तेज धूप से बचने के लिए राहगीरों को कोई ठौर नहीं मिल रही है। नतीजा यह है कि सड़क किनारे छांव नहीं मिलने से तीन दिनों में तेज धूप व गर्मी से दो बाइक व साइकिल सवार गश खाकर गिर गए। जिन्हें आसपास मौजूद लोगों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
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शनिवार को जोगिया से शहर आए साइकिल सवार गोविंद कलक्ट्रेट में हैंडपंप पर छीटें मारते हुए जल्दी-जल्दी पानी पीते नजर आए।
उनका कहना था कि आठ किमी दूरी तक सड़क किनारे पेड़ का छांव नहीं मिलने से तेज धूप और गर्मी से सिर चकरा रहा था। लग रहा था बेहोश हो जाएंगे। ऐसे सिर्फ वहीं नहीं अनगिनत बाइक व साइकिल सवार हैं, जो बांसी और उससे आगे से प्रतिदिन आते हैं, जो तेज धूप से बचने के लिए छांव न मिलने के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ जा रहे हैं।
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पैदल, साइिकल व बाइक सवारों की सांसत : ककरहवा बांसी बस्ती मार्ग पर जिले में 53 किमी और उसका से शहर तक 12 किमी के दायरे में एनएच निर्माण के लिए सड़क किनारे के 25 हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए। पहले पैदल, साइकिल व बाइक सवार इस 65 किमी तक सड़क किनारे लगे 50 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों के छाया में विश्राम करते थे। इससे उन्हें यात्रा के दौरान तेज धूप और गर्मी से राहत मिल जाती थी।
वर्तमान में इन सड़कों के किनारे कोई पेड़ नहीं दिख रहा है, जो पौधरोपण हुए भी हैं उनकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं होने से पौधे बड़े होते नहीं दिख रहे हैं, जिससे छांव की तलाश करने वाले राहगीरों में मायूसी है।
बिना जरूरत पहले ही काट दिए गए पेड़: ककरहवा बांसी बस्ती एनएच पर पूर्व में सड़क से पर्याप्त दूरी पर पेड़ों के होने के बावजूद सड़क चौड़ीकरण के लिए बिना जरूरत के ही पेड़ काट दिए गए। खेसरहा क्षेत्र से प्रतिदिन कलक्ट्रेट में प्रैक्टिस करने आने वाले अधिवक्ता अनिरुद्ध यादव कहते हैं कि सड़क से अधिक दूरी होने के बावजूद पेड़ों को काट दिया गया, जबकि उतनी दूरी तक सड़क का चौड़ीकरण भी नहीं हुआ।

इस तरह बिना जरूरत के ही सड़क किनारे के पेड़ों को काट दिया गया। इसी तरह उसका से शहर तक एनएच-730 पर भी एक वर्ष पहले ही पेड़ काटे गए, जबकि अभी तक सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है।
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