फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   50 villeges surrounded by two rivers

दो नदियों के सैलाब के बीच फंसे 50 गांव

Thu, 20 Oct 2022 12:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2022 12:35 AM IST
विज्ञापन
50 villeges surrounded by two rivers
बांसी में राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के बीच का जलमग्न क्षेत्र। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
दो नदियों के सैलाब के बीच फंसे 50 गांव
विज्ञापन

बांसी। राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदियों के बीच बसे 50 से अधिक गांवों के लोगों को जलभराव से निजात नहीं मिल रही है। दोनों नदियों के अपने दायरे में पहुंचने के बाद ही गांवों से पानी निकल पाएगा। ऐसे में क्षेत्र के किसानों की डूबी फसल के बचने की उम्मीद क्षीण है।
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ जाने तथा बूढ़ी राप्ती नदी के बांध असोगवा नगवा में कटान हो जाने से चंवर ताल के आसपास व फजिहतवा नाले के दोनों तरफ के गांव जलमग्न हो गए हैं। रास्ते पर जलभराव से लोग घर से नहीं निकल पा रहे है तथा हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसानों व मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
विज्ञापन

हालत यह है कि 10 दिन से चंवर ताल व फजिहतवा नाले के दोनों तरफ के सिर्फ जल ही जल दिख रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ते ही बांध में लगे रेगुलेटर बंद कर दिए जाते हैं, जो नदी के दायरे में पहुंचने के बाद ही खुलते हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से बहुत ऊपर पहुंचने के बाद अब धीमी गति से घट रही है। नदी के के सामान्य स्तर तक पहुंचने में समय लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ ऐसा ही हाल बूढ़ी राप्ती नदी का है। दोनो नदियों के सामान्य जलस्तर पर पहुंचने के बाद ही रेगुलेटर के फाटक खुलेंगे और दोनो नदियों के बीच के भूभाग में फैला बाढ़ का पानी रेगुलेटर के रास्ते नदी में चला जाएगा। क्षेत्रीय किसान राम प्रसाद लोधी गनवरिया, अमरेंद्र लोधी, सर्वजीत, रामदास, हीरालाल, अजीत, दिलीप, मोहनलाल, मोबीन, शाह आलम, शिव कुमार ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि फसल तैयार थी सिर्फ कटाई होनी थी, लेकिन सब कुछ बर्बाद हो गया। अब उनके सामने बेकारी, बेबसी व बीमारी के सिवाय कुछ नहीं बचा है। यही नहीं, पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है।

पीड़ा झेल रहे गांव के लोग
जलमग्न गांवों में शामिल सोनखर, बभनी, करही, गनवरिया, कदमहवा, गूल्हरिया राजा, बकुआव, दंतरंगवा, भंवारी, भुजराई, हाटा, पकरडीहा, फूलपुर, कूरियवा, मुडिला राजा, तड़वल घाट, पिपरहवा उर्फ सूपा बख्शी, सूपा राजा, सूपा घाट, तारा गुजरौलिया, जनियाजोत, हयातनगर, बंजरही, कम्हरिया खुर्द, कम्हरिया बुजुर्ग, भड़ही उर्फ मिश्रोलिया, मरचा, तिघरा, तीवर, नवतला ताल, बिहरा आदि के लोगों को पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed