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बीमा जमा करने के नाम पर पुलिसकर्मी से ठगे 48568 रुपये
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पुलिसकर्मी से 48568 रुपये की ठगी
सिपाही की तहरीर पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बीमा राशि जमा कराने के नाम ठगों ने एक सिपाही को ही चूना लगा दिया। फोन करके उससे 48568 रुपये ठग लिए। मामले की जानकारी होने पर पुलिसकर्मी की तहरीर दी। सदर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज थानाक्षेत्र के बसंतपुर गांव निवासी दीनानाथ साहनी पुलिसकर्मी हैं। वह जनपद एसपीओ कार्यालय में तैनात हैं। दीनानाथ के मुताबिक वह पत्नी उमा देवी के नाम आनंदनगर में एक निजी बैंक में जीवन बीमा की किस्त जमा करते हैं। कोरोना संक्रमण काल के बीच में बीमा राशि जमा नहीं हो पाई थी। इसी बीच फरवरी माह में तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया और बीमा राशि को जमा करने की बात कही गई। पहली दो किस्त जमा करने की बात की गई। मगर एक ही किस्त को जमा किया। फोन करने वाले व्यक्ति ने एक बैंक खाते का नंबर दिया। उसमें 48568 रुपये जमा कराया गया। मगर जब पता किया गया कि तो पता चला कि वहां पर कोई खाता है ही नहीं। न ही बैंक में रुपये जमा हुए हैं। दीनानाथ ने सदर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। प्रभारी कोतवाल सदर राजेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई।
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सिपाही की तहरीर पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बीमा राशि जमा कराने के नाम ठगों ने एक सिपाही को ही चूना लगा दिया। फोन करके उससे 48568 रुपये ठग लिए। मामले की जानकारी होने पर पुलिसकर्मी की तहरीर दी। सदर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज थानाक्षेत्र के बसंतपुर गांव निवासी दीनानाथ साहनी पुलिसकर्मी हैं। वह जनपद एसपीओ कार्यालय में तैनात हैं। दीनानाथ के मुताबिक वह पत्नी उमा देवी के नाम आनंदनगर में एक निजी बैंक में जीवन बीमा की किस्त जमा करते हैं। कोरोना संक्रमण काल के बीच में बीमा राशि जमा नहीं हो पाई थी। इसी बीच फरवरी माह में तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया और बीमा राशि को जमा करने की बात कही गई। पहली दो किस्त जमा करने की बात की गई। मगर एक ही किस्त को जमा किया। फोन करने वाले व्यक्ति ने एक बैंक खाते का नंबर दिया। उसमें 48568 रुपये जमा कराया गया। मगर जब पता किया गया कि तो पता चला कि वहां पर कोई खाता है ही नहीं। न ही बैंक में रुपये जमा हुए हैं। दीनानाथ ने सदर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। प्रभारी कोतवाल सदर राजेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई।
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