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Siddharthnagar News: प्राइमरी के 481 हेडमास्टर बनेंगे असिस्टेंट टीचर
Fri, 24 May 2024 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 May 2024 02:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी स्कूलों के 481 हेडमास्टर अब असिस्टेंट टीचर कहलाएंगे। यह व्यवस्था कंपोजिट विद्यालयों पर लागू होगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है़।
मालूम हो कि वर्ष 2020 में एक ही परिसर में संचालित होने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलियन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस व्यवस्था के तहत जिले के 481 विद्यालयों का संविलियन हुआ था। इसके बाद दोनों विद्यालयों में एक-एक प्रधानाध्यापक होने की दशा में वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक को ही कंपोजिट विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ था। साथ ही प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हेडमास्टर को उच्च प्राथमिक विद्यालय का असिस्टेंट टीचर बना दिया गया। लेकिन चार साल का समय गुजर जाने के बाद भी शिक्षकों के पदनाम को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कई विद्यालयों में दो-दो प्रधानाध्यापक अंकित किए जा रहे थे। अब बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव के निर्देश के बाद ऊहापोह की यह स्थिति समाप्त हो जाएगी। प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अब उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक कहलाएंगे। 30 मई तक सभी शिक्षकों के विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
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तरकुलवा। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी स्कूलों के 481 हेडमास्टर अब असिस्टेंट टीचर कहलाएंगे। यह व्यवस्था कंपोजिट विद्यालयों पर लागू होगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है़।
मालूम हो कि वर्ष 2020 में एक ही परिसर में संचालित होने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलियन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस व्यवस्था के तहत जिले के 481 विद्यालयों का संविलियन हुआ था। इसके बाद दोनों विद्यालयों में एक-एक प्रधानाध्यापक होने की दशा में वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक को ही कंपोजिट विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त करने का आदेश जारी हुआ था। साथ ही प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हेडमास्टर को उच्च प्राथमिक विद्यालय का असिस्टेंट टीचर बना दिया गया। लेकिन चार साल का समय गुजर जाने के बाद भी शिक्षकों के पदनाम को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कई विद्यालयों में दो-दो प्रधानाध्यापक अंकित किए जा रहे थे। अब बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव के निर्देश के बाद ऊहापोह की यह स्थिति समाप्त हो जाएगी। प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अब उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक कहलाएंगे। 30 मई तक सभी शिक्षकों के विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
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