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Siddharthnagar News: धरा रह गए 46 करोड़, नहीं हुआ स्वच्छता पर कार्य, 14 एडीओ पंचायत को नोटिस

Tue, 25 Jul 2023 11:50 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:50 PM IST
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46 crores left behind, no work on cleanliness, notice to 14 ADO Panchayats
खेसरहा क्षेत्र के बिशुनपुर मुस्तहकम में नाली के अभाव में सड़कों पर बह रहा गंदा पानी उससे होकर ज
जिले के सात सौ ग्राम पंचायतों में सूखे और गीले कूड़े के निस्तारण पर होना था कार्य
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज दो के तहत गांवों को आवंटित हुआ है धनराशि

संवाद न्यूज एजेंसी



सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज दो के तहत जिले के सात सौ ग्राम पंचायतों में स्वच्छता कार्य के लिए मिली धनराशि कर्मियों की लापरवाही से धरी रह गई। इस मद में मिले 46.28 करोड़ रुपये से इन ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन निकलने वाले सूखे एवं गीले कूड़े का निस्तारण करना था। कार्य नहीं होने से चारों ओर फैली गंदगी के बीच गांवों की तस्वीर ज्यों की त्यों बनी हुई है। डीपीआरओ पवन कुमार ने सभी 14 ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण मांगते हुए विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

केंद्र सरकार की तरफ से संचालित स्वच्छ भारत मिशन के प्रथम चरण में शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही जिले के सभी 1136 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। अब स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इन ग्राम पंचायतों में सूखे एवं गीले कूड़े का निस्तारण का कार्य होना है। इसके तहत पहले सर्वाधिक आबादी वाले सात सौ ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर वहां स्वच्छता संबंधी कार्ययोजना बनाकर भेजी गई थी। जिस पर धन आवंटित होने के बाद भी वहां कार्य शुरू नहीं हुए। जांच में कार्य की प्रगति और उपलब्ध धनराशि का व्यय शून्य पाई गई। डीपीआरओ पवन कुमार ने सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। समय से स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं होने पर सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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आबादी के अनुसार आवंटित हुआ धन



स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत की आबादी के हिसाब से ही धनराशि का आवंटन हुआ है। इसमें प्रति व्यक्ति 340 रुपये खर्चकर सूखे एवं गीले कूड़े का निस्तारण करने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिसमें 70 फीसदी धनराशि स्वच्छ भारत मिशन से मिलेगा, शेष 30 प्रतिशत धनराशि ग्राम पंचायत के ग्राम निधि से खर्च करनी होगी। जिसके सापेक्ष केंद्र सरकार की तरफ से धन आवंटित कर दिया है, शेष धन ग्राम पंचायतों को खर्च करने हैं।
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कूड़ा निस्तारण केंद्र समेत होने थे अन्य कार्य

इस धनराशि से सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने के साथ ही प्रत्येक घर से निकलने वाले सूखे एवं गीले कूड़े की ढुलाई के लिए वाहन खरीदने थे। कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) पर गीले कूड़े का निस्तारण कर उससे खाद बनाने का भी इंतजाम करना होगा। साथ ही गांव के सार्वजनिक स्थानों, चौराहों व घर के आसपास कूड़ा रखने का भी इंतजाम करना है। बड़ी ग्राम पंचायतों में कूड़ा ढुलाई के लिए ई-रिक्शा व छोटे गांव में ठेला खरीदने होंगे।



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मुश्किल होगी जमीन की तलाश



सभी ग्राम पंचायतों में कुछ दिन पूर्व पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए भूमि की तलाश बहुत कठिन हो गई थी। हालत यह है कि अभी कुछ ग्राम पंचायतों में भूमि न मिलने के कारण दोनों भवनों का निर्माण नहीं हो सका था। इसके बाद शुद्ध पेयजल के लिए गांवों में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए भूमि तलाश पूरी नहीं हो पाई है। अब कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराना ग्राम पंचायतों के लिए टेढ़ी खीर होगी।

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स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ब्लॉकों में आवंटित धनराशि

ब्लॉक चयनित ग्राम पंचायतें आवंटित धनराशि लाख में



भनवापुर 67 416

खेसरहा 57 424



खुनियांव 75 438

लोटन 32 213



नौगढ़ 30 300

शोहरतगढ़ 46 278



इटवा 52 308

बढ़नी 40 356



डुमरियागंज 83 534

बांसी 64 276



बर्डपुर 18 215

जोगिया 45 272



उसका बाजार 31 231

मिठवल 60 367



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अगले चरण में 436 ग्राम पंचायतों में होना है कार्य



स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के शेष बचे 436 ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण संबंधी कार्य होने हैं। इसके तहत इन गाम पंचायतों की आबादी के हिसाब से कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। इसके तहत इन ग्राम पंचायतों में भी सूखे एवं गीले कूड़े के निस्तारण के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र, साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए ढुलाई वाहन खरीदने होंगे। साथ ही सोख्ता एवं गड्ढे का निर्माण किया जाएगा।

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जल्द जारी हुआ क्रेडिट लिमिट, कैसे करें धन खारिज

एडीओ पंचायत नौगढ़ आशुतोष कुमार मिश्र कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन के फेज दो के तहत चिह्नित ग्राम पंचायतों में कार्य कराने के लिए क्रेडिट लिमिट (धनराशि) जल्द जारी हुआ है। इसके बाद संबंधित प्रधानों का पासवर्ड व आईडी जारी होना है। जिसके बाद कार्य कराने पर ही धनराशि खारिज की जा सकती है। जो कि इतनी जल्दी संभव नहीं था।



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गांवों में स्वच्छता मिशन का आइना दिखा रही तस्वीरें
केस एक- बांसी ब्लॉक के गोनहा ताल गांव में सड़क किनारे नाली में एवं आसपास कूड़ा डालने से नालियां चोक हो गई है। हालत यह है कि गांव की इन सड़कों पर फैली गंदगी एवं बदबू के कारण लोग गुजरने से परहेज कर रहे हैं।
केस दो-
खेसरहा ब्लॉक के ग्राम रिउना में सार्वजनिक स्थानों एवं सड़क किनारे डाले गए कूड़े के कारण लोगों को आने-जाने में मुश्किल हो रहा है। लोगों का कहना है कि गांव में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत है।
केस तीन-
खेसरहा ब्लॉक के विशुनपुर मुस्तहकम गांव में घर का कूड़ा सड़क किनारे डालने से एवं नालियों के गंदगी से चोक होने के कारण लोग सांसत झेल रहे है। गांव में सार्वजनिक स्थानों पर भी गंदगी के कारण लोग जाने से परहेज कर रहे हैं।
केस चार-
जोगिया ब्लॉक के पकड़ी गांव में मुख्य सड़क किनारे फैली गंदगी के कारण लोग उस रास्ते जाने से बचते हैं। यहां साफ-सफाई व्यवस्था नहीं होने से लोगों को आवागमन के दौरान मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
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गांव में सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं, नालियां गंदगी से चोक हो गई हैं, जिससे सड़क पर पानी एवं कीचड़ फैला रहता है।
राम प्रसाद विश्वकर्मा

बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण घर से निकलना मुश्किल होता है। सड़क पर चहुंओर पसरी गंदगी के कारण सांसत झेलना पड़ रहा है।
रामकिशुन चौधरी
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गांवों में स्वच्छता का अभाव है। बरसात में स्वच्छता अधिक होनी चाहिए, लेकिन संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। बजट खर्च होता है लेकिन गांव की तस्वीर नहीं बदलती है।

जय प्रकाश गुप्ता, धनोहरी
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गांव में सड़कें टूटी हैं और नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है। कूड़े के ढेर लगे हैं। बरसात में सफाई की कमी रहेगी तो संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका है।
चंद्रभान, धनोहरी
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