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अस्पताल का पंजीयन आयुर्वेद का उपचार हो रहा था एलोपैथ पद्धति से
siddharthnagar
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:08 PM IST
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सीएमओ ने बुधवार को पीएचसी बांसी और दो निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। सीएमओ ने बुधवार को पीएचसी बांसी और दो निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। एक अस्पताल का पंजीयन आयुर्वेद से था। यहां एलोपैथ पद्धति से उपचार होता मिला। इस अस्पताल पर केस दर्ज होगा। वहीं दूसरे अस्पताल में अव्यवस्था को देखकर सीएमओ बोले- यह तो मुर्गी का दरबा है। इसे नोटिस भेजा जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि उन्होंने टीम के सर्वप्रथम बांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी का निरीक्षण किया। यहां सुविधाओं की जानकारी ली। दवाओं की उपलब्धता की पूछताछ की है। इसके बाद केडी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस अस्पताल का पंजीयन आयुर्वेद पद्धति से है। लेकिन यहां डिलिवरी, सर्जरी आदि कार्य होते मिले। सीएमओ ने बताया कि संस्था के जिम्मेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। लोगों की शिकायत के बाद अपोलो हास्पिटल का निरीक्षण किया गया। सीएमओ बोले, यहां अस्पताल मानक विहीन चल रहा था। इसे मुर्गी के दरबा करार देते हुए संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा। जबाव संतोषजनक न मिलने पर विधिक कार्रवाई की होगी। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके चौधरी, एसीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसंतपुर के अधीक्षक डॉ. निहालुद्दीन आदि शामिल रहे।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि उन्होंने टीम के सर्वप्रथम बांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी का निरीक्षण किया। यहां सुविधाओं की जानकारी ली। दवाओं की उपलब्धता की पूछताछ की है। इसके बाद केडी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस अस्पताल का पंजीयन आयुर्वेद पद्धति से है। लेकिन यहां डिलिवरी, सर्जरी आदि कार्य होते मिले। सीएमओ ने बताया कि संस्था के जिम्मेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। लोगों की शिकायत के बाद अपोलो हास्पिटल का निरीक्षण किया गया। सीएमओ बोले, यहां अस्पताल मानक विहीन चल रहा था। इसे मुर्गी के दरबा करार देते हुए संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा। जबाव संतोषजनक न मिलने पर विधिक कार्रवाई की होगी। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके चौधरी, एसीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसंतपुर के अधीक्षक डॉ. निहालुद्दीन आदि शामिल रहे।
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