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आधा दर्जन गांवों में नदी की कटान से भरा पानी, डूबे सिवान
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:03 PM IST
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शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर स्थित नेबुआ गांव जाने वाले मार्ग पर जमा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के दर्जन भर गांव में नदी की कटान तेज हो जाने के चलते मुख्य मार्गों पर जलभराव होने के साथ ही सिवान पानी में डूब गए हैैं। लोगों को पानी में घुसकर आना-जाना पड़ रहा है। क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ स्थित गांव के पूरब तरफ नदी की कटान तेज हो जाने से गांव में चारों तरफ पानी की तेज धारा में पहुंचने के कगार पर पहुंच गई है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कटया मुस्तहकम, सहियापुर, पेड़ारी, धनोहरा, मछिया, वीरपुर एहतमाली डुमरिया, पिकौरा, वीरपुर कोहल, पेड़रिया जीत, कोहल चक रमवापुर आदि गांवों में नदी का पानी मुख्य मार्ग पर आ जाने से हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांवों के सिवान पूरी तरह से जलमग्न हैं और किसानों की लगभग सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूबकर जलमग्न हो गई है। जिसे देखकर अन्नदाता परेशान हैं। अभी तक प्रशासन द्वारा क्षेत्र में कोई राहत बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। गांव के गुल्लू, चिघरन, रामकरन, बेनी माधव, पल्लन और ढुन्नू आदि ने बताया कि अगर समय रहते प्रशासन द्वारा बांध के गैप को भर दिया गया होता तो यह नजारा देखने को नहीं मिलता। प्रशासन की लापरवाही के चलते गैप न भरे जाने के कारण नदी का पानी खेतों व गांव में घुस गया है। जिससे तमाम दुश्वारियां उठाने को लोग मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा भी कोई मदद नहीं पहुंचाई गई है। लोगों ने प्रशासन से बाढ़ राहत बचाव कार्य शुरू किए जाने की मांग की है।
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डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कटया मुस्तहकम, सहियापुर, पेड़ारी, धनोहरा, मछिया, वीरपुर एहतमाली डुमरिया, पिकौरा, वीरपुर कोहल, पेड़रिया जीत, कोहल चक रमवापुर आदि गांवों में नदी का पानी मुख्य मार्ग पर आ जाने से हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांवों के सिवान पूरी तरह से जलमग्न हैं और किसानों की लगभग सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूबकर जलमग्न हो गई है। जिसे देखकर अन्नदाता परेशान हैं। अभी तक प्रशासन द्वारा क्षेत्र में कोई राहत बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। गांव के गुल्लू, चिघरन, रामकरन, बेनी माधव, पल्लन और ढुन्नू आदि ने बताया कि अगर समय रहते प्रशासन द्वारा बांध के गैप को भर दिया गया होता तो यह नजारा देखने को नहीं मिलता। प्रशासन की लापरवाही के चलते गैप न भरे जाने के कारण नदी का पानी खेतों व गांव में घुस गया है। जिससे तमाम दुश्वारियां उठाने को लोग मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा भी कोई मदद नहीं पहुंचाई गई है। लोगों ने प्रशासन से बाढ़ राहत बचाव कार्य शुरू किए जाने की मांग की है।
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