{"_id":"5980b9574f1c1ba7518b4704","slug":"31501608279-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पं.दीनदयाल की जन्मशताब्दी.....","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पं.दीनदयाल की जन्मशताब्दी.....
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांसी (सिद्धार्थनगर)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर रानी लक्ष्मी विवाह वाटिका बांसी में भाजपा का एक जिला स्तरीय संगोष्ठी और कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर के नेतृत्व में आयोजित संगोष्ठी में पं. दीनदयाल के जीवन पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही उनके पद चिह्नों पर चल कर देश के विकास का संकल्प लिया गया।
प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंशी ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का सपना दीनदयाल उपाध्याय ने देखा था। इस सपने को भाजपा के कार्यकर्ता पूरा करेें। उन्होंने कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय जन्मकाल से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। बचपन में ही उनकी प्रतिभा को परखी जा चुकी थी। इसी के अनुरूप दलितों-शोषितों की सेवा के लिए वह संघर्षरत रहे। देश-विदेश में नाम रोशन किया। उन्होंने अपना सारा जीवन देश सेवा, समाज व दलित सेवा में लगा दिया। आज हम सभी को उनके पदचिह्नों पर चलकर देश और समाज की सेवा करनी होगी। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संयोजक जिला संगोष्ठी ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक कार्यों के साथ ही साथ राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना रखते थे। उन्होंने एक पत्रकार के रूप में भाऊराव देवरस जी की प्रेरणा एवं उनके विचार विमर्श के बाद राष्ट्रधर्म प्रकाशन स्थापित किया और मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म का प्रकाशन करने लगे। दीनदयाल में सामाजिक कार्य में हमेशा अग्रणी भूमिका अदा की यही इनके जीवन का राष्ट्र एवं समाज के प्रति सब समर्पण का प्रारंभ था। जिलाध्यक्ष राम कुमार कुंवर ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी वर्ष के अवसर पर हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा कि देश की आन बान और शान पर कभी आंच नहीं आने देंगे। डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके कार्यों की तुलना किसी और से करना यह देश के साथ बेईमानी होगी। इटवा विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह मनाया जाना तभी सार्थक होगा जब हम उनके विचारों को पूरी तहह से पालन करें। इस अवसर पर साधना चौधरी, हरिशंकर सिंह, ईश्वरचंद दुबे, लालजी त्रिपाठी, राजेंद्र पांडेय, गोविंद माधव, शिवाजी शुक्ला, उदयनारायण तिवारी, राजेंद्र दुबे, रामदेव लोधी, पन्नालाल यादव, संतोष तिवारी, राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, बृज बिहारी मिश्रा और दीपक मौर्य आदि ने संबोधित किया। गोष्ठी में मनोज बाबा, रामशरण मौर्य, आनंद मणि त्रिपाठी, रामबदन पाठक, प्रभाकर राय, आनंद मणि त्रिपाठी और अंकित पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंशी ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का सपना दीनदयाल उपाध्याय ने देखा था। इस सपने को भाजपा के कार्यकर्ता पूरा करेें। उन्होंने कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय जन्मकाल से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। बचपन में ही उनकी प्रतिभा को परखी जा चुकी थी। इसी के अनुरूप दलितों-शोषितों की सेवा के लिए वह संघर्षरत रहे। देश-विदेश में नाम रोशन किया। उन्होंने अपना सारा जीवन देश सेवा, समाज व दलित सेवा में लगा दिया। आज हम सभी को उनके पदचिह्नों पर चलकर देश और समाज की सेवा करनी होगी। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय संयोजक जिला संगोष्ठी ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक कार्यों के साथ ही साथ राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना रखते थे। उन्होंने एक पत्रकार के रूप में भाऊराव देवरस जी की प्रेरणा एवं उनके विचार विमर्श के बाद राष्ट्रधर्म प्रकाशन स्थापित किया और मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म का प्रकाशन करने लगे। दीनदयाल में सामाजिक कार्य में हमेशा अग्रणी भूमिका अदा की यही इनके जीवन का राष्ट्र एवं समाज के प्रति सब समर्पण का प्रारंभ था। जिलाध्यक्ष राम कुमार कुंवर ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी वर्ष के अवसर पर हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा कि देश की आन बान और शान पर कभी आंच नहीं आने देंगे। डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके कार्यों की तुलना किसी और से करना यह देश के साथ बेईमानी होगी। इटवा विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह मनाया जाना तभी सार्थक होगा जब हम उनके विचारों को पूरी तहह से पालन करें। इस अवसर पर साधना चौधरी, हरिशंकर सिंह, ईश्वरचंद दुबे, लालजी त्रिपाठी, राजेंद्र पांडेय, गोविंद माधव, शिवाजी शुक्ला, उदयनारायण तिवारी, राजेंद्र दुबे, रामदेव लोधी, पन्नालाल यादव, संतोष तिवारी, राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, बृज बिहारी मिश्रा और दीपक मौर्य आदि ने संबोधित किया। गोष्ठी में मनोज बाबा, रामशरण मौर्य, आनंद मणि त्रिपाठी, रामबदन पाठक, प्रभाकर राय, आनंद मणि त्रिपाठी और अंकित पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन