फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   2833 cases disposed in Lok Adalat

लोक अदालत में निस्तारित किए गए 2833 मामले

Sat, 08 Apr 2017 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sat, 08 Apr 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
2833 cases disposed in Lok Adalat
जनपद न्यायालय में बिछड़े परिवारों को घर भेजते न्यायिक अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी कचहरी समेत समस्त बाह्य, राजस्व, चकबंदी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। मेडिएशन सेंटर में 60 पारिवारिक मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। लोक अदालत में 2833 मुकदमों का निस्तारण हुआ। 53 लाख 79 हजार 648 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। मोटर दुर्घटना मामले में पीड़ित पक्ष को 18 लाख 79 हजार 707 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया। एक लाख 42 हजार 320 रुपये अर्थदंड वसूल किया। 
विज्ञापन

लोक अदालत में परिवार न्यायालय की पीठासीन अधिकारी संगीता श्रीवास्तव, एडीजे मंजीत सिंह श्योराण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मेडिएशन सेंटर में हुए सुलह वार्ता के बाद 60 पारिवारिक मामलों को निस्तारित किया गया। जिला जज अमेरिका सिंह ने 6 विवाहित जोड़ों को एक साथ रहने पर राजी होने पर फूल प्रदान किया। जिला जज की अदालत में सिविल प्रकीर्णवाद के 1 मामले को निस्तारित किया। पीड़ित को 1 लाख 27 हजार 517 रुपये दिलाए। एडीजे इंद्रीश कुमार प्रथम ने फौजदारी के 19 वाद का निस्तारण करते हुए 1 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूल किया।
विज्ञापन

एडीजे डॉ. दीपक कुमार सक्सेना ने प्रकीर्ण फौजदारी के 5 मामले निस्तारित किए। एडीजे व एफटीसी प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव ने सिविल मिसलेनियस के 3 वाद का निस्तारण करते हुए 11 लाख 92 हजार 192 रुपये देने का आदेश दिया। एडीजे बाह्य न्यायालय बांसी राजकुमार सिंह मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 2 व प्रकीर्ण सिविल वाद के 1 मामलों को निस्तारित किया। 5 लाख 60 हजार क्षतिपूर्ति दिलाया। सीजेएम विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने फौजदारी के 337 वाद का निस्तारण किया। 56 हजार 500 रुपये अर्थदंड वसूल किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिविल जज (सी.डि.) चंद्रशेखर मिश्रा ने व्यवहार वाद के 2, फौजदारी के 144, बैंक के 2 मामलों को निस्तारित किया। अर्थदंड के रूप में 44 हजार 830 रुपये वसूल किए। उत्तराधिकार के 15 वाद का निस्तारण करते हुए 53 लाख 79 हजार 648 रुपये का प्रमाण पत्र जारी किया। सिविल जज (सी.डि.) गीतांजलि गर्ग ने फौजदारी के 77 मामलों को निपटाया, 18 हजार 550 रुपये जुर्माना वसूल किया।  सिविल जज (जू.डि.) बाह्य न्यायालय डुमरियागंज अरविंद वर्मा ने सिविल मूल वाद के 10 मामलों को निस्तारित किया।

सिविल जज (जू.डि.) विनोद कुमार ने फौजदारी के 122 मामलों को निस्तारित करते हुए 17 हजार 340 रुपये अर्थदंड वसूले। न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक कुमार ने फौजदारी के 7 मामलों को निस्तारित करते हुए 3 हजार 600 रुपये जुर्माना वसूल किया। सभी तहसीलों की अदालत में 2 हजार 25 मामलों का निस्तारण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed