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खतरे की जद में ढाई सौ स्कूलों के बच्चे

Sat, 24 Aug 2019 10:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2019 10:30 PM IST
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250 school in dangerous
फोटो- 70, 71
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खतरे की जद में 250 स्कूलों के विद्यार्थी
इन सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तार
शासन के निर्देश पर चिह्नित किए जा रहे हैं स्कूल व सार्वजनिक स्थल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। शासन के निर्देश पर जिले में ऐसे स्कूलों का चिह्नांकन हो रहा है, जिनकी छत के ऊपर से बिजली तार गुजर रहे हैं। इसमें ढाई सौ सरकारी व गैर सरकारी स्कूल सामने आए हैं जहां के बच्चे खतरे की जद में हैं। ऐसे स्कूलों पर कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं। ऐसे स्कूलों की सूची निगम तैयार कर विभाग और शासन को भेजने की तैयारी में जुट गया है जिससे कि उन स्कूलों के ऊपर से बिजली के तार हटाए जा सके।
बलरामपुर जिले में स्कूल की छत के ऊपर से गुजर रहे बिजली तार के जुलाई में टूटकर गिरने से हुए हादसे में करीब 52 बच्चे झुलस गए थे। इसके बाद प्रदेश की योगी सरकार ने सभी जिलों में ऐसे स्कूलों को चिह्नित करने का निर्देश दिया, जिनके ऊपर से बिजली के तार या फिर आसपास से तार गुजर रहे हों। निर्देश के बाद बिजली निगम ने ऐसे स्कूलों को चिह्नित करने का काम शुरू किया। इसके तहत 250 विद्यालय के बच्चे खतरे की जद में हैं। इन विद्यालयों की छत, परिसर या गेट के ऊपर से बिजली तार गुजरे रहे हैं। इनमें नौगढ़, बांसी व डुमरियागंज विद्युत उपखंड क्षेत्र में सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय चिह्नित हैं।
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बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूलों को चिह्नित करने का कार्य किया जा रहा है। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। धन उपलब्ध होने के बाद बिजली तार हटाने का कार्य किया जाएगा।
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निगम उठाएगा तार विस्थापन का खर्च
बिजली निगम की तरफ से ऐसे सरकारी स्कूलों को चिह्नित कर जिनके ऊपर से बिजली तार गुजर रहे हैं, उनके तार हटाने संबंधी स्टीमेट बनाकर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। विभाग के तरफ से तार हटाने संबंधी धन उपलब्ध कराने के बाद बिजली निगम तार हटाने का कार्य करेगा।
निजी स्कूल संचालकों को व्यय करना होगा खर्च
ऐसे प्राइवेट स्कूल या संस्थान जिनके ऊपर से बिजली तार गुजरे हों और वहां भीड़भाड़ होती हो वहां से तार हटाने का खर्च संबंधित निजी स्कूल व संस्थान संचालकों को करना होगा। बिजली निगम की ओर से ऐसे स्कूलों को चिह्नित करने के साथ तार हटाने का स्टीमेट बनाकर संबंधित संचालकों को भेजी जाएगी।
नियम विरुद्ध है छत के ऊपर से तार ले जाना
जिस भूमि से होकर बिजली तार गुजर रही हो, वहां पर स्कूल का निर्माण कराना ही नियम विरुद्ध है। साथ ही स्कूल या कोई भी भवन निर्मित होने के बाद उसकी छत के ऊपर से बिजली तार ले जाना भी नियम विरुद्ध है। ऐसे में स्कूलों की छत से बिजली तार गुजरने के लिए दोनों विभागों में से कोई एक जरूर दोषी है।

अस्पताल व सार्वजनिक स्थल भी होंगे चिह्नित
शासन की तरफ से स्कूलों के साथ ही ऐसे अस्पताल और सार्वजनिक स्थल भी चिह्नित किए जाएंगे जहां ऊपर या आसपास से बिजली तार गुजरे हों। ऐसे स्थानों को जहां अक्सर भीड़भाड़ रहती हो, को चिह्नित कर वहां से तार हटाने का कार्य किया जाएगा।
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