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Siddharthnagar News: ढाई करोड़ खर्च...फिर भी घरों तक नहीं पहुंचा टंकी का पानी
Mon, 04 Mar 2024 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 Mar 2024 11:11 PM IST
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डुमरियागंज। नगर पंचायत की स्थापना के डेढ़ दशक बाद भी शहरों की तर्ज पर घरों में पेयजल की जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। जबकि पेयजल की इस परियोजना पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। संबंधित विभाग के अधिकारी हर बार प्रभावी कदम उठाने और ओवरहेड टैंक से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा करते हैं। मगर अभी तक पेयजल परियोजना पूरा नहीं हो पा रही है। शायद यही वजह है कि इस बार भी लग रहा है कि गर्मी के मौसम में नगर वासियों को पेयजल के लिए तरसना पड़ेगा।
डुमरियागंज को जब नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिला था तो शाहपुर में स्वजलधारा के तहत ओवरहेड टैंक की स्थापना हुई थी। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पानी की टंकी का कार्य वर्ष 2004 में प्रारंभ हुआ कार्य कच्छप गति से शुरू हुआ। इस दौरान मानक और गुणवत्ता की अनदेखी की गई। जैसे तैसे ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हुआ तो पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही बरती जाने लगी। इसी बीच वर्ष 2008 को डुमरियागंज को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। जिसमें शाहपुर, माली मैंनहा, बैदौलागढ़, बनगवां बरई और औसानपुर ग्रामों के अस्तित्व को समाप्त कर उन्हें नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया। जिसके चलते शाहपुर में पेयजल को लेकर हो रहा कार्य ठप हो गया। इधर नगर पंचायत मुख्यालय पर वाटर सप्लाई की योजना बनी, जिसको लेकर टेलीफोन एक्सचेंज के निकट ओवरहेड टैंक तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के पीछे पंप हाउस की स्थापना हुई।
शाहपुर की पानी की टंकी को भी नगर क्षेत्र में शामिल किया गया। जल निगम को शासन से मिले धन के अलावा नगर विकास से भी करीब 50 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया। इसके बाद भी योजना हकीकत का रूप नहीं ले सकी। नगर मुख्यालय पर इस योजना पर कार्य शुरू हुए 13 वर्ष का लंबा समय बीत गया। लेकिन नगरवासियों को अभी तक दो बूंद पानी भी ओवरहेड टैंक से नसीब नहीं हुआ है।
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नगर में जब वाटर सप्लाई की कार्य योजना शुरू हुई तो लगा था कि जल्द ही पेयजल योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन जल निगम का कार्य धीमा होने से इतने दिन बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
-सुनील उर्फ परमात्मा अग्रहरि, निवासी डुमरियागंज
नगर में कई साल पहले ही ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया था। पंप हाउस निर्माण के बाद अगर उन जगहों पर पेयजल योजना सुदृढ़ कर दी जाती तो आधे नगर पंचायत में पानी की समस्या दूर हो जाती।
-परवेज अली, निवासी डुमरियागंज
जल्द जलापूर्ति शुरू कराने के लिए हो रहा प्रयास
डुमरियागंज नगर क्षेत्र में वाटर सप्लाई और पेयजल योजना का कार्य पहले ग्रामीण क्षेत्र द्वारा देखा जा रहा था और जब यह कार्य योजना नगर क्षेत्र को हैंडओवर की गई की तो ग्रामीण क्षेत्र के जिम्मेदारों द्वारा उसे पाइप नहीं उपलब्ध कराया गया। अब पाइप बिछाने के लिए धन का आवंटन हो गया है। 70 प्रतिशत पाइप बिछाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। जल्द ही शेष बचे हुए स्थानों पर पाइप बिछाने का कार्य पूरा करके जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
-ओपी चौधरी, एई जल निगम
पेयजल परियोजना पूर्व में शुरू हुई थी मामले में जानकारी ले रहे हैं। जहां तक उन्हें जानकारी है अभी तक जल निगम ने वाटर सप्लाई परियोजना को नगर पंचायत के हैंडओवर नहीं किया है।
-महेश प्रताप श्रीवास्तव, ईओ डुमरियागंज
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डुमरियागंज को जब नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिला था तो शाहपुर में स्वजलधारा के तहत ओवरहेड टैंक की स्थापना हुई थी। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पानी की टंकी का कार्य वर्ष 2004 में प्रारंभ हुआ कार्य कच्छप गति से शुरू हुआ। इस दौरान मानक और गुणवत्ता की अनदेखी की गई। जैसे तैसे ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हुआ तो पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही बरती जाने लगी। इसी बीच वर्ष 2008 को डुमरियागंज को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। जिसमें शाहपुर, माली मैंनहा, बैदौलागढ़, बनगवां बरई और औसानपुर ग्रामों के अस्तित्व को समाप्त कर उन्हें नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया। जिसके चलते शाहपुर में पेयजल को लेकर हो रहा कार्य ठप हो गया। इधर नगर पंचायत मुख्यालय पर वाटर सप्लाई की योजना बनी, जिसको लेकर टेलीफोन एक्सचेंज के निकट ओवरहेड टैंक तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के पीछे पंप हाउस की स्थापना हुई।
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शाहपुर की पानी की टंकी को भी नगर क्षेत्र में शामिल किया गया। जल निगम को शासन से मिले धन के अलावा नगर विकास से भी करीब 50 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया। इसके बाद भी योजना हकीकत का रूप नहीं ले सकी। नगर मुख्यालय पर इस योजना पर कार्य शुरू हुए 13 वर्ष का लंबा समय बीत गया। लेकिन नगरवासियों को अभी तक दो बूंद पानी भी ओवरहेड टैंक से नसीब नहीं हुआ है।
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नगर में जब वाटर सप्लाई की कार्य योजना शुरू हुई तो लगा था कि जल्द ही पेयजल योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन जल निगम का कार्य धीमा होने से इतने दिन बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
-सुनील उर्फ परमात्मा अग्रहरि, निवासी डुमरियागंज
नगर में कई साल पहले ही ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया था। पंप हाउस निर्माण के बाद अगर उन जगहों पर पेयजल योजना सुदृढ़ कर दी जाती तो आधे नगर पंचायत में पानी की समस्या दूर हो जाती।
-परवेज अली, निवासी डुमरियागंज
जल्द जलापूर्ति शुरू कराने के लिए हो रहा प्रयास
डुमरियागंज नगर क्षेत्र में वाटर सप्लाई और पेयजल योजना का कार्य पहले ग्रामीण क्षेत्र द्वारा देखा जा रहा था और जब यह कार्य योजना नगर क्षेत्र को हैंडओवर की गई की तो ग्रामीण क्षेत्र के जिम्मेदारों द्वारा उसे पाइप नहीं उपलब्ध कराया गया। अब पाइप बिछाने के लिए धन का आवंटन हो गया है। 70 प्रतिशत पाइप बिछाने का कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। जल्द ही शेष बचे हुए स्थानों पर पाइप बिछाने का कार्य पूरा करके जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
-ओपी चौधरी, एई जल निगम
पेयजल परियोजना पूर्व में शुरू हुई थी मामले में जानकारी ले रहे हैं। जहां तक उन्हें जानकारी है अभी तक जल निगम ने वाटर सप्लाई परियोजना को नगर पंचायत के हैंडओवर नहीं किया है।
-महेश प्रताप श्रीवास्तव, ईओ डुमरियागंज