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सेवानिवृति के लिए स्क्रीनिंग फैसले का विरोध
Updated Wed, 09 Aug 2017 06:43 PM IST
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सिद्धार्थनगर। राज्य कर्मचारी महासंघ की आवश्यक बैठक बुधवार को नलकूप खंड परिसर में हुई। बैठक में सरकारी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के आधार पर की जा रही सेवानिवृत्ति पर विचार विमर्श किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार अगर इस पर रोक नहीं लगी तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष श्रीपति मौर्या ने कहा कि 50 वर्ष के सरकारी कर्मचारियों के कामकाज की स्क्रीनिंग करवाकर उन्हें जबरिया सेवानिवृत्त करने का सरकार का फैसला पूरी तरह से गलत है। कर्मचारी को जबरन सेवानिवृत्त कर देने से पूरा परिवार प्रभावित होगा। इसलिए कर्मचारी महासंघ सरकार के इस फैसले का विरोध करता है। बैठक के बाद शासन को प्रार्थनापत्र भेजकर स्क्रीनिंग के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई साथ ही 2015 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को नई पेंशन योजना की जगह नई पेंशन योजना का लाभ देने की मांग उल्लेखित है। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि अगर यह फैसला वापस नहीं हुआ तो राज्य कर्मचारी संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बैठक में अवधेश यादव, जनार्दन प्रसाद ठकुराई, काशीराम, भोलानाथ पाठक, तेजप्रकाश, रामकिशोर, कन्हैया पासवान, रामलौट, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष श्रीपति मौर्या ने कहा कि 50 वर्ष के सरकारी कर्मचारियों के कामकाज की स्क्रीनिंग करवाकर उन्हें जबरिया सेवानिवृत्त करने का सरकार का फैसला पूरी तरह से गलत है। कर्मचारी को जबरन सेवानिवृत्त कर देने से पूरा परिवार प्रभावित होगा। इसलिए कर्मचारी महासंघ सरकार के इस फैसले का विरोध करता है। बैठक के बाद शासन को प्रार्थनापत्र भेजकर स्क्रीनिंग के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई साथ ही 2015 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को नई पेंशन योजना की जगह नई पेंशन योजना का लाभ देने की मांग उल्लेखित है। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि अगर यह फैसला वापस नहीं हुआ तो राज्य कर्मचारी संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बैठक में अवधेश यादव, जनार्दन प्रसाद ठकुराई, काशीराम, भोलानाथ पाठक, तेजप्रकाश, रामकिशोर, कन्हैया पासवान, रामलौट, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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