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यहां विवाह पंजीकरण में रुझान नहीं
Updated Wed, 02 Aug 2017 06:06 PM IST
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश सरकार ने अब विवाह पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद विवाह पंजीकरण को लेकर लोगों का रुझान भले ही बढ़े, मगर अब तक स्थिति निराशाजनक ही रही है। रजिस्ट्री कार्यालय में यहां महज चार शादियों के ही पंजीकरण हुए। पंजीकरण कराने वाले वही लोग हैं, जिन्हें विदेश जाना था। अन्य लोगों की इस ओर कोई रुचि नहीं रही है। अब इसे अनिवार्य किए जाने से रजिस्ट्री कार्यालय के गुलजार होने की उम्मीद बढ़ी है।
विवाह पंजीकरण की व्यवस्था वैसे तो अरसे से लागू है, मगर लंबी कागजी प्रक्रिया के चलते नवदंपति की इसमें कोई रुचि नहीं रही है। कानूनी बाध्यता न होने से भी लोग इसके प्रति बेपरवाह बने हुए हैं। वहीं लोग पंजीकरण में दिलचस्पी लेते रहे हैं, जिन्हें नौकरी, विदेश यात्रा या अन्य कागजातों में इसकी जरूरत होती है। जिले में हर वर्ष हजारों शादियां होती हैं, लेकिन पंजीकरण एक प्रतिशत का भी नहीं हो पाता। रजिस्ट्री विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय सत्र 2017-18 में अब तक केवल चार विवाह ही पंजीकृत किए गए। सभी मामले विदेश यात्रा से संबंधित रहे।
पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन
रजिस्ट्री कार्यालय के हिंदू विवाह अधिकारी सुनील कुमार के मुताबिक विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया काफी सरल हो चुकी है। पंजीकरण के लिए विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आधार कार्ड, पैन कार्ड, अंकपत्र व फोटो अपलोड करने के बाद आवेदक को तिथि दी जाएगी। इस तिथि पर उन्हें आवेदन की एक हार्ड कॉपी के साथ रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित होना होगा। यहां उनका सत्यापन व अंगूठा निशान लेने के बाद पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
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पंजीकरण अनिवार्य करना सराहनीय
विवाह पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के फैसले को लोगों ने सराहा है। कहा कि इससे थोड़ी परेशानी तो जरूर होगी, लेकिन काफी सहूलियत भी मिलेगी। खजुरिया रोड निवासी दीपक कुमार वर्मा ने बताया कि पहले विवाह रजिस्ट्रेशन की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती थी, इसलिए इस ओर ध्यान नहीं था। प्रमाण पत्र होने से कई दस्तावेज तैयार कराने में सहूलियत मिलेगी। इंद्रजीत ने कहा कि यह सरकार का अच्छा कदम है। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकेगा। वाचस्पति चतुर्वेदी का कहना है कि सरकार के इस कदम से भविष्य में प्रमाण पत्र की उपयोगिता बढ़ना तय है। नौकरी, विदेश यात्रा, वरासत तय करने सहित अन्य कई स्थानों पर प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती रही है, जिसके लिए अन्य विकल्पों को चुनना पड़ता था। विवाह प्रमाण पत्र से सहूलियत मिलेगी। मो.अखलाख खान का कहना है कि पंजीकरण अनिवार्य करने के साथ ही सरकार को लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया भी सरल बनाई जानी चाहिए।
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विवाह पंजीकरण की व्यवस्था वैसे तो अरसे से लागू है, मगर लंबी कागजी प्रक्रिया के चलते नवदंपति की इसमें कोई रुचि नहीं रही है। कानूनी बाध्यता न होने से भी लोग इसके प्रति बेपरवाह बने हुए हैं। वहीं लोग पंजीकरण में दिलचस्पी लेते रहे हैं, जिन्हें नौकरी, विदेश यात्रा या अन्य कागजातों में इसकी जरूरत होती है। जिले में हर वर्ष हजारों शादियां होती हैं, लेकिन पंजीकरण एक प्रतिशत का भी नहीं हो पाता। रजिस्ट्री विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय सत्र 2017-18 में अब तक केवल चार विवाह ही पंजीकृत किए गए। सभी मामले विदेश यात्रा से संबंधित रहे।
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पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन
रजिस्ट्री कार्यालय के हिंदू विवाह अधिकारी सुनील कुमार के मुताबिक विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया काफी सरल हो चुकी है। पंजीकरण के लिए विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आधार कार्ड, पैन कार्ड, अंकपत्र व फोटो अपलोड करने के बाद आवेदक को तिथि दी जाएगी। इस तिथि पर उन्हें आवेदन की एक हार्ड कॉपी के साथ रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित होना होगा। यहां उनका सत्यापन व अंगूठा निशान लेने के बाद पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
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पंजीकरण अनिवार्य करना सराहनीय
विवाह पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के फैसले को लोगों ने सराहा है। कहा कि इससे थोड़ी परेशानी तो जरूर होगी, लेकिन काफी सहूलियत भी मिलेगी। खजुरिया रोड निवासी दीपक कुमार वर्मा ने बताया कि पहले विवाह रजिस्ट्रेशन की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती थी, इसलिए इस ओर ध्यान नहीं था। प्रमाण पत्र होने से कई दस्तावेज तैयार कराने में सहूलियत मिलेगी। इंद्रजीत ने कहा कि यह सरकार का अच्छा कदम है। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकेगा। वाचस्पति चतुर्वेदी का कहना है कि सरकार के इस कदम से भविष्य में प्रमाण पत्र की उपयोगिता बढ़ना तय है। नौकरी, विदेश यात्रा, वरासत तय करने सहित अन्य कई स्थानों पर प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती रही है, जिसके लिए अन्य विकल्पों को चुनना पड़ता था। विवाह प्रमाण पत्र से सहूलियत मिलेगी। मो.अखलाख खान का कहना है कि पंजीकरण अनिवार्य करने के साथ ही सरकार को लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया भी सरल बनाई जानी चाहिए।