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अब रक्त के बदले मिलेगा रक्त, नहीं देना होगा शुल्क
siddharthnagar
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:17 PM IST
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blood
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को अब ब्लड लेने पर प्रोसेसिंग शुल्क नहीं देना होगा। रक्त लेने के लिए उन्हें केवल रक्त ही उपलब्ध कराना होगा। गरीबों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन ने यह नया नियम लागू किया है। यह सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में ही मिलेगी। हालांकि प्राइवेट अस्पतालों में पुराने नियम ही लागू रहेंगे। उन्हें ब्लड के बदले ब्लड तो देने ही पड़ेंगे साथ ही प्रोसेसिंग शुल्क भी देना होगा।
शासन की ओर से ब्लड बैंक को हाईटेक बनाने का काम चल रहा है। थंब मशीन लगाकर ब्लड बैंक को हाईटेक किया गया। इसके बाद अब नए सिरे से गरीबों को सहूलियत देने का काम सरकार कर रही है। गरीब मरीज किसी तरह ब्लड की व्यवस्था तो कर देता था। लेकिन प्रोसेसिंग शुल्क देने में उसके पसीने छूट जाते थे। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगाने पड़ते थे। तब जाकर कही उनको राहत मिलती थी। ऐसे में सरकार ने गरीबों को राहत देते हुए प्रोसेसिंग शुल्क 400 रुपये माफ कर दिया है। अब केवल उन्हें ब्लड की ही व्यवस्था करनी पड़ेगी। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया शासन से पत्र मिलने के बाद इसकी सुविधा अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलेगी।
प्राइवेट अस्पतालों को कोई राहत नहीं
प्राइवेट अस्पतालों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। पहले की तरह प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को 1050 रुपये सुविधा शुल्क देने होंगे। इसमें कोई बदलाव सरकार ने नहीं किया है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आठ से 10 यूनिट ब्लड की जरूरत होती है। ऐसे में सरकार का यह नियम गरीबों के लिए बेहतर साबित होगा।
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शासन की ओर से ब्लड बैंक को हाईटेक बनाने का काम चल रहा है। थंब मशीन लगाकर ब्लड बैंक को हाईटेक किया गया। इसके बाद अब नए सिरे से गरीबों को सहूलियत देने का काम सरकार कर रही है। गरीब मरीज किसी तरह ब्लड की व्यवस्था तो कर देता था। लेकिन प्रोसेसिंग शुल्क देने में उसके पसीने छूट जाते थे। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगाने पड़ते थे। तब जाकर कही उनको राहत मिलती थी। ऐसे में सरकार ने गरीबों को राहत देते हुए प्रोसेसिंग शुल्क 400 रुपये माफ कर दिया है। अब केवल उन्हें ब्लड की ही व्यवस्था करनी पड़ेगी। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया शासन से पत्र मिलने के बाद इसकी सुविधा अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलेगी।
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प्राइवेट अस्पतालों को कोई राहत नहीं
प्राइवेट अस्पतालों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। पहले की तरह प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को 1050 रुपये सुविधा शुल्क देने होंगे। इसमें कोई बदलाव सरकार ने नहीं किया है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आठ से 10 यूनिट ब्लड की जरूरत होती है। ऐसे में सरकार का यह नियम गरीबों के लिए बेहतर साबित होगा।
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