{"_id":"5abe74084f1c1bbc618b48c2","slug":"161522430984-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं दिखा सके डॉक्टर की डिग्री,अस्पताल सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं दिखा सके डॉक्टर की डिग्री,अस्पताल सील
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-51,52
नहीं दिखा सके डॉक्टर की डिग्री, अस्पताल सील
एसडीएम ने क्षेत्र के बढ़या एक निजी अस्पताल की जांच की
निरीक्षण में नहीं मिला अस्पताल के पंजीकरण के कागजात, दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। बिना कागजात अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन शख्त हो गया है। सोमवार को एसडीएम इटवा ने क्षेत्र के बढ़या चौराहे पर चल रहे एक निजी अस्पताल की जांच की। यहां डॉक्टर की डिग्री न दिखा पाने व अन्य अनियमितताओं के मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही केस दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
सोमवार को एसडीएम इटवा त्रिभुवन ने क्षेत्र के बढ़या स्थित एक निजी अस्पताल की जांच की। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की गड़बड़ी मिली। जांच में महिला चिकित्सक की कुर्सी पर चिकित्सक की बहन बैठी मिली। पूछताछ में उसने डॉक्टर की बहन होने की बात कही। इसके बाद उससे चिकित्सक की कोई डिग्री व अस्पताल का रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे गए। मगर वह अस्पताल के संबंध में कोई कागजात नहीं दिखा सकी। पूछताछ करने पर कागजात दिखाने से इनकार कर दिया गया। एसडीएम इटवा ने अस्पताल को सील कर मिश्रौलिया पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
इस संबंध में एसडीएम इटवा त्रिभुवन ने बताया कि अस्पताल की जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की गई है। साथ ही अस्पताल के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जांच के दौरान सीएचसी इटवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके वैद्य, पीएचसी खुनियांव के एमओआईसी एमडब्ल्यू खान व मिश्रौलिया एसओ आलोक कुमार श्रीवास्तव व इटवा थाने की टीम मौजूद रही।
विज्ञापन
अस्पताल को एसडीएम ने किया सील
संचालक नहीं दिखा सका कोई कागजात
अमर उजाला ब्यूरो
बांसी। एसडीएम ने बांसी प्रबुध सिंह ने सोमवार को क्षेत्र के सेखुई चौराहे के पास पिपरा पड़रुपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। कोई वैध कागजात नहीं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल में मिली दवाओं को जब्त कर लिया है।
अवैध रूप से पिपरा पड़रुपुर गांव में चल रहे अस्पताल की शिकायत क्षेत्र के कुछ लोगों ने डीएम से की थी। डीएम ने एसडीएम बांसी प्रबुद्ध सिंह को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद तत्काल एसडीएम प्रबुद्ध सिंह व कोतवाल बांसी शैलेश कुमार सिंह पहुंचे। अस्पताल पर पहुंचने के बाद जानकारी चाहा तो पता चला कि अस्पताल संचालक मनोज कुमार लापता है। मोबाइल पर बात करने के बाद भी वह नहीं पहुंचा और न ही अस्पताल व दवाखाना से संबंधित दस्तावेज दिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने अस्पताल को सील कर दिया।
विज्ञापन
नहीं दिखा सके डॉक्टर की डिग्री, अस्पताल सील
एसडीएम ने क्षेत्र के बढ़या एक निजी अस्पताल की जांच की
निरीक्षण में नहीं मिला अस्पताल के पंजीकरण के कागजात, दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। बिना कागजात अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन शख्त हो गया है। सोमवार को एसडीएम इटवा ने क्षेत्र के बढ़या चौराहे पर चल रहे एक निजी अस्पताल की जांच की। यहां डॉक्टर की डिग्री न दिखा पाने व अन्य अनियमितताओं के मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही केस दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
सोमवार को एसडीएम इटवा त्रिभुवन ने क्षेत्र के बढ़या स्थित एक निजी अस्पताल की जांच की। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की गड़बड़ी मिली। जांच में महिला चिकित्सक की कुर्सी पर चिकित्सक की बहन बैठी मिली। पूछताछ में उसने डॉक्टर की बहन होने की बात कही। इसके बाद उससे चिकित्सक की कोई डिग्री व अस्पताल का रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे गए। मगर वह अस्पताल के संबंध में कोई कागजात नहीं दिखा सकी। पूछताछ करने पर कागजात दिखाने से इनकार कर दिया गया। एसडीएम इटवा ने अस्पताल को सील कर मिश्रौलिया पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
इस संबंध में एसडीएम इटवा त्रिभुवन ने बताया कि अस्पताल की जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की गई है। साथ ही अस्पताल के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जांच के दौरान सीएचसी इटवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके वैद्य, पीएचसी खुनियांव के एमओआईसी एमडब्ल्यू खान व मिश्रौलिया एसओ आलोक कुमार श्रीवास्तव व इटवा थाने की टीम मौजूद रही।
विज्ञापन
अस्पताल को एसडीएम ने किया सील
संचालक नहीं दिखा सका कोई कागजात
अमर उजाला ब्यूरो
बांसी। एसडीएम ने बांसी प्रबुध सिंह ने सोमवार को क्षेत्र के सेखुई चौराहे के पास पिपरा पड़रुपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। कोई वैध कागजात नहीं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल में मिली दवाओं को जब्त कर लिया है।
अवैध रूप से पिपरा पड़रुपुर गांव में चल रहे अस्पताल की शिकायत क्षेत्र के कुछ लोगों ने डीएम से की थी। डीएम ने एसडीएम बांसी प्रबुद्ध सिंह को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद तत्काल एसडीएम प्रबुद्ध सिंह व कोतवाल बांसी शैलेश कुमार सिंह पहुंचे। अस्पताल पर पहुंचने के बाद जानकारी चाहा तो पता चला कि अस्पताल संचालक मनोज कुमार लापता है। मोबाइल पर बात करने के बाद भी वह नहीं पहुंचा और न ही अस्पताल व दवाखाना से संबंधित दस्तावेज दिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने अस्पताल को सील कर दिया।