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30 नहीं, 95 युवकों को थी कुवैत भेजने की तैयारी
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:27 PM IST
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सिद्धार्थनगर। फर्जी वीजा व पासपोर्ट पर सिर्फ 30 नहीं, 95 युवकों को रोजगार के लिए कुवैत भेजने की तैयारी थी। जालसाजों ने 76 युवकों को मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंचा भी दिया था। अन्य युवकों को एक-दो दिन बाद मुंबई पहुंचना था। मुंबई गए युवकों में 30 को पहले शिफ्ट में इंट्री दिलाई गई। चेकिंग के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इसकी भनक लगते ही एयरपोर्ट के बाहर खड़ा एजेंट व अन्य युवक फरार हो गए। इसके बाद से उनका कहीं पता नहीं है। मुंबई पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए युवकों से मिली इस जानकारी के बाद स्थानीय पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जीवाड़े की अब तक किसी को भनक न लग पाना पुलिस व खुफिया विंग की बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस की सूचना के बाद अब अलर्ट हुई स्थानीय पुलिस ने जालसाजों की खोजबीन तेज कर दी है।
शुरुआती छानबीन में जालसाजों का नेटवर्क जिला मुख्यालय उत्तर-पूर्व दिशा में पाया गया है। इसके अंतर्गत सदर, मोहाना व लोटन थाना क्षेत्र के इलाके हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस नेटवर्क में फिलहाल करीब 14 संदिग्ध चिह्नित हुए हैं। इसमें कुछ सरकारी कर्मचारी, पुलिस व स्थानीय प्रभावी चेहरे हैं। इनकी गतिविधियों की छानबीन शुरू हो गई है।
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फर्जी पासपोर्ट के पुराने मामलों को भी पुलिस उधेड़ने में जुटी है। इन लोगों के भी जालसाजों के नेटवर्क का हिस्सा होने की आशंका जताई जा रही है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक सांई इंटरनेशनल सर्विस के एजेंट रोशन अली सहित तीन के खिलाफ मुंबई पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। फोन से मिले इनपुट के आधार पर छानबीन शुरू करा दी गई है। फरार युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही जालसाजों के नेटवर्क को दबोच लिया जाएगा।
पड़ोसी जिले के युवा भी जालसाजों के चंगुल में
पुलिस सूत्रों की मानें तो एजेंट के जरिए रोजगार के लिए कुवैत भेजे जाने वालों में सिद्धार्थनगर के अलावा आसपास के कई अन्य जिलों के भी युवा शामिल थे। इसमें महाराजगंज, संतकबीरनगर, बलरामपुर का नाम प्रमुख है। आशंका यह भी है कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के भी कुछ युवकों को जालसाजों ने विदेश भेजने का सब्जबाग दिखाया था। फिलहाल छानबीन की जा रही है।
गोरखपुर व मुंबई से जुड़े हैं तार
अब तक की छानबीन में फर्जीवाड़े के तार गोरखपुर और मुंबई से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर का एक युवक मुंबई की किसी फर्म के माध्यम से ट्रेवल एजेंट का काम करता था। काम विस्तार के लिए वह सिद्धार्थनगर आया, जहां उसका संपर्क ई-टिकट बनाने वाले रोशन अली से हुई। कमीशन का लालच देकर रोशन को इस कार्य से जोड़ा और कंप्यूटर, ऑफिस देकर एजेंट बना दिया।
यह है मामला
बीते 28 अक्टूबर को मुंबई के अंधेरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 30 युवकों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट व हवाई टिकट के साथ पुलिस ने पकड़ा था। इनमें अधिकांश युवक सिद्धार्थनगर व आसपास क्षेत्र के हैं। इन्हें रोजगार के लिए कुवैत भेजने की तैयारी थी। सूचना के बाद कुछ युवकों के घर वालों ने गुरुवार को पुलिस ऑफिस पहुंच एसपी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि सोहांस रोड स्थित सांई इंटरनेशनल सर्विस के एजेंट रोशन अली ने कुवैत भेजने के लिए 80-80 हजार रुपये लेकर वीजा, पासपोर्ट व हवाई टिकट दिए थे।
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इसकी भनक लगते ही एयरपोर्ट के बाहर खड़ा एजेंट व अन्य युवक फरार हो गए। इसके बाद से उनका कहीं पता नहीं है। मुंबई पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए युवकों से मिली इस जानकारी के बाद स्थानीय पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जीवाड़े की अब तक किसी को भनक न लग पाना पुलिस व खुफिया विंग की बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस की सूचना के बाद अब अलर्ट हुई स्थानीय पुलिस ने जालसाजों की खोजबीन तेज कर दी है।
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शुरुआती छानबीन में जालसाजों का नेटवर्क जिला मुख्यालय उत्तर-पूर्व दिशा में पाया गया है। इसके अंतर्गत सदर, मोहाना व लोटन थाना क्षेत्र के इलाके हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस नेटवर्क में फिलहाल करीब 14 संदिग्ध चिह्नित हुए हैं। इसमें कुछ सरकारी कर्मचारी, पुलिस व स्थानीय प्रभावी चेहरे हैं। इनकी गतिविधियों की छानबीन शुरू हो गई है।
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फर्जी पासपोर्ट के पुराने मामलों को भी पुलिस उधेड़ने में जुटी है। इन लोगों के भी जालसाजों के नेटवर्क का हिस्सा होने की आशंका जताई जा रही है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक सांई इंटरनेशनल सर्विस के एजेंट रोशन अली सहित तीन के खिलाफ मुंबई पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। फोन से मिले इनपुट के आधार पर छानबीन शुरू करा दी गई है। फरार युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही जालसाजों के नेटवर्क को दबोच लिया जाएगा।
पड़ोसी जिले के युवा भी जालसाजों के चंगुल में
पुलिस सूत्रों की मानें तो एजेंट के जरिए रोजगार के लिए कुवैत भेजे जाने वालों में सिद्धार्थनगर के अलावा आसपास के कई अन्य जिलों के भी युवा शामिल थे। इसमें महाराजगंज, संतकबीरनगर, बलरामपुर का नाम प्रमुख है। आशंका यह भी है कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के भी कुछ युवकों को जालसाजों ने विदेश भेजने का सब्जबाग दिखाया था। फिलहाल छानबीन की जा रही है।
गोरखपुर व मुंबई से जुड़े हैं तार
अब तक की छानबीन में फर्जीवाड़े के तार गोरखपुर और मुंबई से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर का एक युवक मुंबई की किसी फर्म के माध्यम से ट्रेवल एजेंट का काम करता था। काम विस्तार के लिए वह सिद्धार्थनगर आया, जहां उसका संपर्क ई-टिकट बनाने वाले रोशन अली से हुई। कमीशन का लालच देकर रोशन को इस कार्य से जोड़ा और कंप्यूटर, ऑफिस देकर एजेंट बना दिया।
यह है मामला
बीते 28 अक्टूबर को मुंबई के अंधेरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 30 युवकों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट व हवाई टिकट के साथ पुलिस ने पकड़ा था। इनमें अधिकांश युवक सिद्धार्थनगर व आसपास क्षेत्र के हैं। इन्हें रोजगार के लिए कुवैत भेजने की तैयारी थी। सूचना के बाद कुछ युवकों के घर वालों ने गुरुवार को पुलिस ऑफिस पहुंच एसपी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि सोहांस रोड स्थित सांई इंटरनेशनल सर्विस के एजेंट रोशन अली ने कुवैत भेजने के लिए 80-80 हजार रुपये लेकर वीजा, पासपोर्ट व हवाई टिकट दिए थे।