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उपभोक्ताओं को अफसर दिलाएंगे राशन
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उपभोक्ताओं को अफसर दिलाएंगे राशन
चार दिवसीय कार्यक्रम में एक दिन में 70 गांव में है वितरण का लक्ष्य
लाभार्थियों को देंगे जानकारी, कैसे मिलेगा राशन
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अब उपभोक्ताओं के हक का अनाज कोटेदार अंगूठा ई-पॉश मशीन से मैच न होने का बहाना बनाकर नहीं डकार सकेंगे। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक कोटे की दुकान पर बैठकर उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए उन्हें आधार नंबर व अन्य प्रमाण पत्रों के जरिए राशन दिलाएंगे। इसके लिए 22 से 25 जून तक पूर्ति विभाग विशेष अभियान चलाएगा। एक पूर्ति निरीक्षक के जिम्मे पांच गांवों के वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इससे राशन वितरण में उपभोक्ताओं को सहूलियत मिलेगी।
गरीबों को उनका हक मिले और अनाज की कालाबाजारी रुके इसके लिए शासन सख्त है। यही वजह है कि राशन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ने के साथ-साथ ई-पॉश मशीन से वितरण कार्य शुरू किया गया है। इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहा था। अक्सर यह शिकायतें मिलती रहती थीं कि ई-पॉश मशीन में अंगूठा मैच न होने का हवाला देकर कोटेदार अनाज नहीं दे रहे हैं। लिहाजा शासन ने जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक को जिम्मेदारी देते हुए कोटेदार की दुकान पर बैठकर राशन वितरण करवाने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनकी जवाबदेही भी तय की है।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग अलोक कुमार ने इस संबंध में पत्र जारी करते हुए निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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22 से 25 तक चलेगा अभियान
शासनादेश के मुताबिक वितरण व्यवस्था को प्रॉक्सी नाम दिया गया है। विभाग की माने तो इस विधि का उद्देश्य है कि अगर उपभोक्ता को अंगूठा ई-पॉश मशीन से मैच नहीं हो रहा है तो उसकी रेटिना के माध्यम से राशन दिया जाए। अगर वह भी मैच न कर रहा हो तो आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस व पहचान पत्र जिसमें नंबर दर्ज हो। उन नंबरों का आखिरी चार अंक मशीन में इंटर करके राशन दिया जाएगा। इससे वह नंबर हमेशा के लिए मशीन में फीड हो जाएगा। यही जानकारी पूर्ति निरीक्षक उपभोक्ताओं को देंगे। इसके लिए एक पूर्ति निरीक्षक को पांच गांव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फोटो भी करना होगा अपलोड
वितरण के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक जहां वितरण कराएं उस स्थान की अपनी उपस्थिति की फोटो गांव का नाम विभाग के पोर्टल पर करेंगे। मॉनिटरिंग के लिए शासन ने यह भी निर्देश दिया है।
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चार दिवसीय कार्यक्रम में एक दिन में 70 गांव में है वितरण का लक्ष्य
लाभार्थियों को देंगे जानकारी, कैसे मिलेगा राशन
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। अब उपभोक्ताओं के हक का अनाज कोटेदार अंगूठा ई-पॉश मशीन से मैच न होने का बहाना बनाकर नहीं डकार सकेंगे। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक कोटे की दुकान पर बैठकर उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए उन्हें आधार नंबर व अन्य प्रमाण पत्रों के जरिए राशन दिलाएंगे। इसके लिए 22 से 25 जून तक पूर्ति विभाग विशेष अभियान चलाएगा। एक पूर्ति निरीक्षक के जिम्मे पांच गांवों के वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इससे राशन वितरण में उपभोक्ताओं को सहूलियत मिलेगी।
गरीबों को उनका हक मिले और अनाज की कालाबाजारी रुके इसके लिए शासन सख्त है। यही वजह है कि राशन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ने के साथ-साथ ई-पॉश मशीन से वितरण कार्य शुरू किया गया है। इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहा था। अक्सर यह शिकायतें मिलती रहती थीं कि ई-पॉश मशीन में अंगूठा मैच न होने का हवाला देकर कोटेदार अनाज नहीं दे रहे हैं। लिहाजा शासन ने जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक को जिम्मेदारी देते हुए कोटेदार की दुकान पर बैठकर राशन वितरण करवाने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनकी जवाबदेही भी तय की है।
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आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग अलोक कुमार ने इस संबंध में पत्र जारी करते हुए निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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22 से 25 तक चलेगा अभियान
शासनादेश के मुताबिक वितरण व्यवस्था को प्रॉक्सी नाम दिया गया है। विभाग की माने तो इस विधि का उद्देश्य है कि अगर उपभोक्ता को अंगूठा ई-पॉश मशीन से मैच नहीं हो रहा है तो उसकी रेटिना के माध्यम से राशन दिया जाए। अगर वह भी मैच न कर रहा हो तो आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस व पहचान पत्र जिसमें नंबर दर्ज हो। उन नंबरों का आखिरी चार अंक मशीन में इंटर करके राशन दिया जाएगा। इससे वह नंबर हमेशा के लिए मशीन में फीड हो जाएगा। यही जानकारी पूर्ति निरीक्षक उपभोक्ताओं को देंगे। इसके लिए एक पूर्ति निरीक्षक को पांच गांव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फोटो भी करना होगा अपलोड
वितरण के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक जहां वितरण कराएं उस स्थान की अपनी उपस्थिति की फोटो गांव का नाम विभाग के पोर्टल पर करेंगे। मॉनिटरिंग के लिए शासन ने यह भी निर्देश दिया है।